अमेरिकी स्पीकर नैंसी पेलोसी (Nancy Pelosi) के ताइवान पहुंचने से नाराज चीन ने ताइवान की खाड़ी में लाइव मिलिट्री ड्रिल यानी युद्धाभ्यास शुरू कर दिया है. इसमें उसने अपने सबसे बड़े विमानवाहक जंगीपोत, परमाणु हथियार संपन्न सुपरसोनिक बैलिस्टिक मिसाइल, स्टेल्थ फाइटर जेट्स, निगरानी और जासूसी वाले विमानों के साथ एंटी-एयरक्राफ्ट गन्स और हमलावर युद्धक पोत का प्रदर्शन किया है. आइए जानते हैं कि चीन इस युद्धाभ्यास में कौन-कौन से हथियारों का उपयोग कर रहा है.
परमाणु मिसाइल डीएफ-17 (Nuclear Missile DF-17)
चीन का DF-17 मिसाइल में कम ऊंचाई में उड़ने की क्षमता है. वैसे तो यह बैलिस्टिक मिसाइल है पर हाइपरसोनिक हथियार की तरह भी काम कर सकता है, क्योंकि उसका अगला हिस्सा ग्लाइडर की तरह बनाया गया है. उसके अगले हिस्से में विंग्स है, जो उसे कम ऊंचाई पर ग्लाइड करने की ताकत प्रदान करते हैं. यह 1800-2500 किलोमीटर की रेंज में आने वाले टारगेट को बर्बाद कर सकता है. इसकी लंबाई 36 फीट है. वैसे चीन ने इसकी गति का खुलासा नहीं किया है लेकिन यह 6000 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से उड़ सकता है. (फोटोः एएफपी)
चेंगदू-20 या जे-20 फाइटर जेट (Chengdu-20 or J-20 Fighter Jet)
चीन का पहला पांचवीं पीढ़ी का फाइटर जेट. इसे जे-20 माइटी ड्रैगन भी बुलाते हैं. यह बेहद भारी और ताकतवर लड़ाकू विमान है. चीन ने इसे अमेरिकी एफ-22 और सू-57 से टक्कर लेने के लिए बनाया है. इसे एक ही पायलट उड़ाता है. लंबाई 69.7 फीट, विंगस्पैन 42.8 फीट और ऊंचाई 15.5 फीट है. बिना हथियार और ईंधन के इसका वजन 17 हजार KG है. अधिकतम गति 2450 KM/घंटा है. कॉम्बैट रेंज 2000 KM है. ऑपरेशनल रेंज 5500 KM है. अधिकतम 66 हजार फीट की ऊंचाई तक जा सकता है. इसमें छह तरीके की मिसाइलें अंदर की तरफ लगाई जा सकती हैं. चार हार्डप्वाइंट्स विंग्स पाइलॉन्स में हैं.
सुखोई सू-35 एयरक्राफ्ट (Su-35 Fighter Aircraft)
रूस में बनी सुखोई सू-30, सू-35, सू-37 और चीनी शेनयांग जे-16, ये सभी सू-27 के प्लेटफॉर्म पर बने हैं. ये 4.5 पीढ़ी का फाइटर जेट है. इसे 1 पायलट उड़ाता है. लंबाई 71.10 फीट, विंगस्पैन 50.2 फीट और ऊंचाई 19.4 फीट है. इसकी गति 2400 KM/घंटा है. इसकी रेंज 3600 KM है. जबकि कॉम्बैट रेंज 1600 KM है. यह अधिकतम 59 हजार फीट की ऊंचाई तक उड़ान भर सकता है. इसमें 30 मिमी की ऑटोकैनन लगी है, जो 150 राउंड प्रति मिनट फायर करती है. इसमें 12 हार्डप्वाइंट्स होते हैं, जिसमें एयर-टू-एयर, एयर-टू-सरफेस, एंटी-शिप, एंटी-रेडिएशन मिसाइल लगाई जा सकती है. इसके अलावा 6 तरीके के गाइडेड बम लगाए जा सकते हैं. यानी दुश्मन की मौत पक्की.
शैनडोंग विमानवाहक युद्धपोत (Shandong Aircraft Carrier)
चीन का दूसरा स्वदेशी एयरक्राफ्ट करियर जो STOBAR यानी शॉर्ट टेकऑफ बट अरेस्टेड रिकवरी सिस्टम पर काम करता है. यह बेहद अत्याधुनिक है. यह 305 मीटर लंबा है. इसकी बीम 75 मीटर की है. इसका डिस्प्लेसमेंट 70 हजार टन है. यह अधिकतम 44 लड़ाकू विमान अपने ऊपर लेकर चल सकता है. कहा जाता है कि इस विमानवाहक पोत वर्तमान दुनिया के सबसे घातक हथियार लगाए गए हैं. लेकिन चीन ने इसकी जानकारी साझा नहीं की है. (फोटोः ट्विटर/ishandong)
लियाओनिंग विमानवाहक युद्धपोत (Liaoning Aircraft Carrier)
चीन की पीपुल्स लिबरेशन ऑर्मी नेवी का यह टाइप 001 एयरक्राफ्ट करियर दुनिया का चौथा सबसे बड़ा पोत है. पहले इसे कुजनेतसोव क्लास एयरक्राफ्ट के रूप में विकसित करने की योजना थी लेकिन बाद में इसे चीन ने अपने हिसाब से बनाया. यह 304.5 मीटर लंबा है. इसकी बीम 75 मीटर की है. इसका डिस्प्लेसमेंट 58 हजार टन है. यह अपने ऊपर 50 एयरक्राफ्ट और हेलिकॉप्टर्स लेकर समुद्र में चल सकता है. (फोटोः एएफपी)
शेनयांग जे-16 फाइटर जेट (Shenyang J-16 Fighter Jet)
चीन का मल्टीरोल स्ट्राइक फाइटर जेट है. यह अत्याधुनिक चौथी पीढ़ी का विमान है. इसे दो पायलट मिलकर उड़ाते हैं. इसकी अधिकतम गति 2450.09 किलोमीटर प्रतिघंटा है. इसमें 30 मिमी का एक कैनन लगा है. इसके अलावा इसमें 12 हार्डप्वाइंट्स हैं, जिनमें हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल, एंटी-शिप मिसाइल, रॉकेट्स, गाइडेड बम, एंटी-रेडिएशन मिसाइल या इनका मिश्रण लगा सकते हैं. चीन के पास ऐसे 178 प्लेन हैं. (फोटोः PLAAF)
शेनयांग जे-11 फाइटर जेट (Shenyang J-11 Fighter Jet)
चीन का एयर सुपीरियरिटी फाइटर प्लेन. इसे सुखोई-27 के प्लेटफॉर्म पर बनाया गया है. चीन के पास ऐसे 440 प्लेन हैं. इससे एक पायलट उड़ाता है. इसकी अधिकतम गति 2500 किलोमीटर प्रतिघंटा है. कॉम्बैट रेंज 1500 किलोमीटर है. 62,600 फीट की अधिकतम ऊंचाई तक उड़ सकता है. इसमें 30 मिमी का कैनन लगा है. इसके अलावा 10 हार्डप्वाइंट्स हैं, जिनमें छह तरह की मिसाइलें, अनगाइडेड रॉकेट्स, या फ्री-फॉल क्लस्टर बम लगा सकते हैं. या फिर इनका मिश्रण लगाया जा सकता है.
टाइप 075 एंफिबियस असॉल्ट शिप (Type 075 Amphibious Assault Ship)
यह चीन का उभयचरी जंगी जहाज है. पिछले साल से 2 ऐसे जहाज चीन की नौसेना में तैनात हैं. 778 फीट लंबे इस जंगी पोत में हेलिकॉप्टर लैंडिंग की सुविधा है. इसपर 30 अटैक हेलिकॉप्टर तैनात हो सकते हैं. इस पर 30 मिमी की 2 ताकतवर तोप लगी हैं. जो खुद ही दुश्मन के विमान को देखते ही फायरिंग शुरू कर देती हैं. इसके अलावा 2 HQ-10 सरफेस टू एयर मिसाइल पोर्ट लगा है. आनी सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें. चीन ऐसे 8 जंगी जहाज बना रहा है.
केजे-500 एयरबॉर्न अर्ली वॉर्निंग एयरक्राफ्ट (KJ-500 AEW&C)
यह चीन की तीसरी पीढ़ी का निगरानी और जासूसी विमान है. ये हवा में ऊंचाई पर उड़ते हुए चीन की तरफ आने वाली मुसीबतों की जानकारी देता है. चीन के पास ऐसे 17 विमान हैं. इससे ही कॉर्डिनेट करके चीन की वायुसेना, थल सेना और नौसेना किसी दुश्मन का सही आइडिया लगाती हैं. फिर उस पर हमला किया जाता है. इसकी अधिकतम गति 550 किलोमीटर प्रतिघंटा है. अधिकतम रेंज 5700 किलोमीटर है. 12 घंटे की लगातार उड़ान भर सकता है. 470 किमी के दायरे में मौजूद फाइटर जेट्स की सूचना दे देता है.
टाइप 63ए लाइट एंफिबियस टैंक (Type 63A Light Amphibious Tanks)
चीन का ऐसा तोप जो नदी और झीलों को पार करके दुश्मन पर हमला करता है. ताइवान समुद्र के बीच में है इसलिए इस तोप को भी इस युद्धाभ्यास में शामिल किया गया है. इसमें चार लोग बैठते हैं. ड्राइवर, लोडर, कमांडर और गनर. इसमें 105 मिलिमीटर की गन लगी है. इसके अलावा 12.7 मिलिमीटर की एंटी-एयरक्राफ्ट मशीन गन और 7.62 मिलिमीटर की कोएक्सियल मशीन गन लगी है. जमीन पर अधिकतम गति 75 किमी प्रतिघंटा और पानी में 28 किमी प्रतिघंटा है.
शांसी वाई-9 एयरक्राफ्ट (Shaanxi Y-9 Electronic Warfare Aircraft)
चीन का मीडियम लेवल का परिवहन विमान. चीन के पास ऐसे 30 से ज्यादा विमान हैं. इसे उड़ाने के लिए चार लोग लगते हैं. यह एक बार 25 हजार किलोग्राम वजन या 106 पैराट्रूपर्स या 72 मेडवेक और 3 अटेंडेंट को ले जा सकता है. यह 118 फीट लंबा है. इसकी अधिकतम गति 660 किलोमीटर प्रतिघंटा, रेंज 2200 किलोमीटर है. अधिकतम 34,100 फीट की ऊंचाई तक उड़ सकता है. यह जब उड़ता है तो दुश्मन के विमानों, राडारों आदि को फेल कर देता है. इसलिए इसे ट्रेस करना मुश्किल होता है. (फोटोः aviadarts)