चीन के एक अधिकारी ने खुलासा किया है कि उनका देश बहुत जल्द उनके नए बमवर्षक की पहली उड़ान करने वाला है. यह ऐतिहासिक उड़ान होगी. यह बमवर्षक चीन की एयरफोर्स की ताकत में बढ़ोतरी करेगा. इस बमवर्षक का नाम है एच-20 स्टेल्थ बॉम्बर (H-20 Stealth Bomber).
ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक एविएशन इंड्स्ट्री कॉर्पोरेशन ऑफ चाइना (AVIC) के चाइनीज फ्लाइट टेस्ट इस्टैब्लिशमेंट डिविजन के पार्टी चीफ जी हेपिंग ने एक बयान जारी करके बताया कि एच-20 स्टेल्थ बॉम्बर (H-20 Stealth Bomber) की टेस्टिंग में जो लोग भी तय किए गए हैं, वो निर्धारित स्थान पर पहुंच जाएं. साथ ही इस विमान को विकसित करने वाले वैज्ञानिकों को भी टेस्ट फ्लाइट के लिए तैयार रहने को कहा है.
AVIC फ्लाइट टेस्ट सेंटर की स्थापना 1959 में की गई थी. तब से यह डिविजन मिलिट्री, कॉमर्शियल उड़ानों की जांच करता है. हवाई यात्रा और उड़ानों से संबंधित इंजन और अन्य उत्पादों की क्षमता और परफॉर्मेंस देखता है. हालांकि इस विमान के नाम, काम आदि को लेकर उन्होंने कोई खुलासा नहीं किया है. लेकिन दुनियाभर के रक्षा एक्सपर्ट्स की माने तो यह एच-20 स्टेल्थ बॉम्बर (H-20 Stealth Bomber) हो सकता है.
कहा जा रहा है कि एच-20 स्टेल्थ बॉम्बर (H-20 Stealth Bomber) अमेरिका के बी-2 बमवर्षक का चीनी वर्जन है. एक अन्य चीनी एक्सपर्ट ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि जितने इशारे किसी विमान की उड़ान को लेकर हो सकते हैं. वो सारे झूठे हैं. स्टेल्थ बॉम्बर की उड़ान हो सकती है, लेकिन यह सोच से कहीं अधिक उम्मीद पालने के बराबर है.
माना जाता है कि एच-20 स्टेल्थ बॉम्बर (H-20 Stealth Bomber) की उड़ान रेंज 8500 किलोमीटर है. यानी यह पूरे भारत में कहीं भी जाकर बम गिरा सकता है. इसके अलावा ये अमेरिका के पश्चिमी इलाकों तक जाकर हमला कर सकता है. जैसे- गुआम और हवाई.
एच-20 स्टेल्थ बॉम्बर (H-20 Stealth Bomber) में कम से कम 10 टन का पारंपरिक या परमाणु हथियार ले जाया जा सकता है. इसके अलावा जिस अन्य बमवर्षक के टेस्ट फ्लाइट की उम्मीद जताई जा रही है, वो है जे-35 स्टेल्थ फाइटर जेट. ये सभी विमान 80 हजार टन क्लास के विमानवाहक पोत फुजियान पर तैनात किए जाएंगे. इसके बाद उनका परीक्षण समुद्र के बीच किया जा सकता है.
चीन ने अभी तक एच-20 स्टेल्थ बॉम्बर (H-20 Stealth Bomber) के बारे में ज्यादा डिटेल्स लोगों के सामने प्रदर्शित नहीं किया है. न ही इसका डिजाइन बाहर आने दिया है. इसके बारे में सबसे पहले साल 2016 में जानकारी सामने आई थी. ऐसा कहा जा रहा था कि जियान एच-20 बमवर्षक देखने में अमेरिका के बी-2 स्पिरिट की तरह दिखेगा.
कुछ रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि चीन के एच-20 स्टेल्थ बॉम्बर (H-20 Stealth Bomber) की रेंज 12 हजार किलोमीटर होगी. इसकी मदद से चीन आराम से हवाई पर हमला कर सकता है. अगर यह बमवर्षक आर्कटिक रेंज से उड़ाया जाता है तो यह अमेरिका के सभी 50 राज्यों पर हमला कर सकता है.