करीब 32 साल से एक आइलैंड पर अकेले रह रहे एक 81 साल के शख्स ने आखिरकार आइलैंड को छोड़ दिया है. माउरो मोरांडी नामक यह शख्स 32 साल से इस सूनसान टापू पर अकेले रह रहा था.
द गार्जियन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इटली के रहने वाले माउरो मोरांडी बुडेली स्थित आइलैंड पर साल 1989 में अकेले आए हुए थे. तब से माउरो इसी द्वीप पर रहने लगे, साल में एक या दो बार वो अपने परिवार से मिलने के लिए जाते थे लेकिन फिर वापस यहीं आ जाते थे. Photo: Mauro Morandi
माउरो के ऊपर यह द्वीप छोड़ने के लिए अधिकारियों का भारी दबाव था. और आखिरकार उसी दबाव के चलते उन्हें यह द्वीप छोड़ना पड़ा. माउरो मोरांडी ने द्वीप छोड़ने की सूचना अपने फेसबुक पेज पर दी है.
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उन्होंने लिखा कि मैं जा रहा हूं, मुझे अधिकारियों द्वारा धमकी भी मिली है. लेकिन उम्मीद है कि वे मेरे इस 'घर' को संभालेंगे. इसे वैसे ही संरक्षित किया जाएगा जैसा मैं 32 सालों से करते हुए आ रहा हूं.
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माउरो मोरांडी पहली बार 1989 में दक्षिण प्रशांत के रास्ते द्वीप पर गए थे, जैसे ही वे वहां पहुंचे उनकी नाव टूट गई थी और उन्होंने द्वीप पर ही रहने का फैसला ककिया था. मोरांडी ने यह भी पाया कि द्वीप का एकमात्र केयरटेकर सेवानिवृत्ति के करीब था और उसने जगह का प्रभार लेने का फैसला किया था.
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उन्होंने द्वीप पर खुद के लिए एक घर बनाया हुआ था. 32 साल तक, वह बुडेली द्वीप के एकमात्र निवासी थे और द्वीप की सुंदरता की रक्षा और संरक्षण के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे थे. 81 वर्षीय माउरो मोरांडी को ला मैडलडेना नेशनल पार्क अधिकारियों से नोटिस प्राप्त हुआ था.
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हालांकि, द्वीप पर उनकी लंबी सेवा अब समाप्त हो गई, क्योंकि उन्हें द्वीप छोड़ने के लिए मजबूर किया गया है. मोरांडी 2016 में एक कानूनी लड़ाई में शामिल थे, जहां अदालत ने फैसला सुनाया कि यह द्वीप वास्तव में ला मैडलडेना द्वीपसमूह नेशनल पार्क का है.
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द्वीप पर रहने के उनके अधिकार को उसी वर्ष अधिकारियों द्वारा चुनौती दी गई थी, हालांकि बहुत सारे लोग थे जिन्होंने उन्हें समर्थन देने के लिए एक याचिका पर हस्ताक्षर भी किया था, लेकिन निर्णय उनके पक्ष में नहीं आया था.
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