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विश्व

US-Russia Nuke War: क्या होगा अगर अमेरिका और रूस में परमाणु युद्ध हो जाए?

ऋचीक मिश्रा
  • नई दिल्ली,
  • 31 मई 2022,
  • अपडेटेड 9:13 PM IST
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अमेरिका (US) और रूस (Russia) के बीच परमाणु युद्ध होता है तो पूरी दुनिया एक ऐसी तबाही देखेगी, जिसका अंदाजा भी किसी को नहीं होगा. पूरी दुनिया एक ऐसी सर्दी का सामना करेगी, जिसका अंत होने में दस साल लग सकते हैं. वैज्ञानिक इसे न्यूक्लियर विंटर (Nuclear Winter) यानी परमाणु सर्दी कहते हैं. आइए जानते हैं इस सर्दी में क्या-क्या होगा? (फोटोः गेटी)

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रटगर्स यूनिवर्सिटी, यूनिवर्सिटी ऑफ कोलोराडो बोल्डर और नेशनल सेंटर फॉर एटमॉस्फियरिक रिसर्च के रिसर्चर्स ने एक सिमुलेशन मॉडल तैयार किया. जिसमें यह जानने की कोशिश की गई है कि अगर अमेरिका और रूस के बीच परमाणु युद्ध होता है तो धरती पर किस तरह का नुकसान होगा. स्टडी में पता चला कि पूरी दुनिया में 10 साल के लिए न्यूक्लियर विंटर में चली जाएगी. (फोटोः पेक्सेल-पिक्साबे)

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स्टडी में पता चला कि अमेरिका और रूस के बीच परमाणु युद्ध में 14.7 करोड़ टन राख निकलेगी. जिसमें रेडिएशन की मात्रा बहुत ज्यादा होगी. यह राख वायुमंडल में फैल जाएगी. यह स्ट्रैटोस्फेयर तक जाकर टिक जाएगी. इसके बाद सूरज की रोशनी धरती पर नहीं पहुंचेगी. पूरी धरती पर अंधेरा हो जाएगा. ये होने में सिर्फ कुछ हफ्ते लगेंगे. सात सालों तक इस राख की वजह से पूरा अंधेरा हो जाएगा. (फोटोः गेटी)

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स्ट्रैटोस्फेयर में राख फैलने के बाद पहले साल पूरी धरती के तापमान में 7 डिग्री सेल्सियस की गिरावट होगी. शुरुआत में कुछ दिन पारा इतने नीचे जाएगा. इसके बाद यह 9 डिग्री सेल्सियस नीचे गिरेगा. यानी पूरी धरती पर रेडिएशन वाली ठंड फैल जाएगी. धरती पर होने वाली बारिश में 30 फीसदी की कमी आएगी. जिसकी वजह से खेती-किसानी पर असर पड़ेगा. फसलें नहीं उगेंगी. या फसल उत्पादन कम हो जाएगा. (फोटोः पिक्साबे)

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वैज्ञानिकों ने यह भी चेतावनी दी है कि जो देश पहले परमाणु बम फोड़ेगा, वो ज्यादा नुकसान में रहेगा. यह किसी खुदकुशी से कम नहीं होगा. क्योंकि बदले में दूसरा देश ज्यादा ताकतवर बम छोड़ देगा. ज्यादा तबाही होगी. जंग दो देशों में होगी, लेकिन नुकसान पूरी दुनिया को होगा. सभी देशों को इसका खामियाजा भुगतना होगा. (फोटोः गेटी)

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फुल स्केल का परमाणु युद्ध होता है तो सबसे ज्यादा नुकसान पर्यावरण को होगा. जलवायु इतनी बुरी तरह से परिवर्तित होगा कि इंसान छोड़िए... जानवर, पेड़-पौधे, समुद्री जीव, कीड़े-मकौड़े सब मारे जाएंगे. या खराब मौसम की वजह से मर जाएंगे. फूड साइकिल बिगड़ जाएगी. खाने की कमी की वजह से दुनिया भर में दंगे-फसाद हो सकते हैं. (फोटोः फैबियन हक/पिक्साबे)

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फेडरेशन ऑफ अमेरिकन साइंटिस्ट (FAS) के मुताबिक पूरी दुनिया में 12,700 परमाणु हथियार मौजूद है. ये इतने ज्यादा हैं कि अगर इनमें से सिर्फ 100 हथियार भी फोड़ दिए गए तो 100 करोड़ लोग मारे जाएंगे. इस 12,700 परमाणु हथियारों में से 9400 मिलिट्री के पास हैं, जिनका उपयोग मिसाइल, फाइटर जेट, जंगी जहाज या पनडुब्बी से किया जा सकता है. बाकी के परमाणु हथियारों को रिटायर कर दिया गया है लेकिन अभी वो सही सलामत हैं, उनको डिस्मैंटल करना बाकी है. (फोटोः गेटी)

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दुनिया में 9440 परमाणु हथियार जो अलग-अलग देशों की मिलिट्री के पास हैं, उनमें से 3730 मिसाइल्स और बमवर्षकों में तैनात हैं. इनमें से भारत और पाकिस्तान ने अपने एक भी परमाणु हथियार तैनात नहीं कर रखे हैं. 3730 परमाणु हथियारों में से करीब 2000 परमाणु हथियार अमेरिका, रूस, ब्रिटिश और फ्रांस में हाई अलर्ट पर हैं. यानी शॉर्ट नोटिस पर दागने की तैयारी. (फोटोः पेक्सेल-पिक्साबे)

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