एचएमएस क्वीन एलिजाबेथ (HMS Queen Elizabeth) इंग्लैंड का सबसे बड़ा और दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा विमानवाहक पोत (Aircraft Carrier) है. इंग्लैंड के इतिहास में ऐसा दूसरी बार हुआ है कि जब किसी युद्धपोत को क्वीन एलिजाबेथ का नाम दिया गया है. ब्रिटिश नौसेना द्वारा बनाया गया सबसे बड़ा जंगी जहाज. (फोटोः गेटी)
क्वीन एलिजाबेथ क्लास एयरक्राफ्ट कैरियर जापान के यामातो क्लास युद्धपोत के बाद दूसरा सबसे बड़ा गैर-अमेरिकी सबसे बड़ा बैटलशिप है. रॉयल नेवी के पास ऐसे दो एयरक्राफ्ट कैरियर हैं. HMS Queen Elizabeth और HMS Prince of Wales. दोनों का डिस्प्लेसमेंट 65 हजार टन है. दोनों ही 932 फीट लंबे हैं. दोनों की बीम 240 फीट है. क्वीन एलिजाबेथ के फ्लाइट डेक के नीचे 9 डेक्स हैं. (फोटोः गेटी)
दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा युद्धपोत होने के बावजूद भी क्वीन एलिजाबेथ परमाणु ईंधन से संचालित नहीं होता. इसे चलाने के लिए इसमें दो रोल्स रॉयस मरीन गैस टरबाइन अल्टरनेटर्स और चार 10 मेगावॉट के डीजल इंजन लगे हैं. इन इंजनों की वजह से इसे अधिकतम 59 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार मिलती है. यह युद्धपोत एक बार में 19 हजार किलोमीटर चल सकता है. इसमें दो बोट्स हैं, जो 36-36 लोगों को लेकर पानी में तेज गति से चल सकते हैं. (फोटोः एएफपी)
एचएमएस क्वीन एलिजाबेथ (HMS Queen Elizabeth) में 1600 नौसैनिक रह सकते हैं. इसपर सुरक्षा के लिए 3 Phalanx CIWS गन्स लगी हैं. जो दुश्मन का टारगेट देखते ही फायरिंग शुरू कर देती हैं. यह एक एंटी-एयरक्राफ्ट और एंटी मिसाइल सिस्टम है. इसके अलावा चार 30 मिलिमीटर की DS30M Mk2 गन लगी है. इसके अलावा 6 मिनिगन और लगाई गई हैं. इस मिनिगन से तेजी से आने वाली स्पीड बोट पर हमला किया जाता है. इन हथियारों के जरिए दुश्मन के किसी भी बोट, युद्धपोत, विमान, हेलिकॉप्टर या ड्रोन पर हमला किया जा सके. (फोटोः एएफपी)
एचएमएस क्वीन एलिजाबेथ (HMS Queen Elizabeth) पर 65 से ज्यादा रोटरी और फिक्स्ड विंग्स एयरक्राफ्ट तैनात हो सकते हैं. जिसमें 36 F-35B फाइटर जेट्स, मर्लिन हेलिकॉप्टर, चिनूक हेलिकॉप्टर, अपाचे हेलिकॉप्टर, वाइल्डकैट हेलिकॉप्टर भी शामिल हैं. इन दोनों युद्दपोतों में कई काम ऑटोमेटेड होते हैं. इस युद्धपोत पर V-22 Osprey टिल्टोरोटर हेलिकॉप्टर भी तैनात हो सकते हैं. (फोटोः एएफपी)
एचएमएस क्वीन एलिजाबेथ (HMS Queen Elizabeth) पर ज्यादातार विमानों को डेक के नीचे बने हैंगर में रखा जाता है. इन्हें दो लिफ्ट के जरिए हैंगर में पहुंचाने की व्यवस्था है. इसके अलावा इस विमानवाहक युद्धपोत से फाइटर जेट स्की जंप करके टेकऑफ करते हैं. यह तरीका दुनिया के कई एयरक्राफ्ट कैरियर्स में उपयोग किया जाता है. इस युद्धपोत में हाइली मैकेनाइज्ड वेपन हैंडलिंग सिस्टम लगाया गया है. ताकि इमरजेंसी के दौरान सिर्फ 50 लोग इसे ऑपरेट करके पूरे युद्धपोत की सुरक्षा कर सकें. सामान्य स्थिति में इस सिस्टम पर 160 लोग काम करते हैं. (फोटोः गेटी)
एचएमएस क्वीन एलिजाबेथ (HMS Queen Elizabeth) को बनाने का काम 7 जुलाई 2009 में शुरू हुआ था. इसे 17 जुलाई 2014 में लॉन्च किया गया. 7 दिसंबर 2017 को इसे रॉयल नेवी में कमीशन किया गया. दुनिया में इससे बड़े और ताकतवर सिर्फ दो ही युद्धपोत हैं. दोनों अमेरिका के हैं. पहले पर है गेराल्ड आर फोर्ड क्लास (Gerald R. Ford Class) और दूसरे स्थान पर है निमित्ज क्लास (Nimitz Class). (फोटोः गेटी)
जब इस युद्धपोत का नाम एचएमएस क्वीन एलिजाबेथ रखा जा रहा था. उस समारोह में क्वीन एलिजाबेथ, ड्यूक ऑफ एडिनबर्ग प्रिंस फिलिप, एडमिरल जॉर्ज जांबेलास, डेविड कैमरन, गॉर्डन ब्राउन जैसे लोग मौजूद थे. (फोटोः गेटी)