रूस में बगावत का झंडा बुलंद करने वाले वैगनर चीफ प्रिगोझिन के सेंट पीटर्सबर्ग स्थित आलीशान घर पर छापेमारी की गई है.
ये छापेमारी रूसी सिक्योरिटी सर्विसेज ने की. इसमें सोने के बिस्किट से लेकर विग से भरी अलमारी और दुश्मनों के कटे सिर वाली तस्वीर तक मिली है.
ये तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं. तस्वीरों को क्रेमलिन के समर्थन वाले मीडिया आउटलेट Izvestia की तरफ से जारी किया गया है.
अधिकारियों का कहना है कि उन्हें हथियार, गोला बारूद और एक ऐसी तस्वीर मिली है, जिसमें येवगिनि के दुश्मनों के कटे सिर नजर आ रहे हैं.
इसके साथ ही आलीशान बाथरूम मिला है, जिसमें स्विमिंग पूल, बाथटब से लेकर सबकुछ है. तस्वीरों को जो कोई भी देख रहा है, हैरानी जता रहा है.
आपको ये बात जानकर भी हैरानी होगी कि घर में एक अस्पताल भी मिला है. ये तस्वीरें ट्विटर के साथ ही सरकार समर्थित टेलीग्राम चैनलों पर भी जारी की गई हैं.
इनमें येवगिनि की निजी तस्वीरें भी हैं. इन तस्वीरों में देखा गया कि वो अफ्रीका की कई यात्राओं पर गया था.
इसके अलावा वो मध्य पूर्व के देशों में भी जा चुका है. ये यात्राएं हाल के वर्षों में की गई थीं. बता दें, वैगनर ग्रुप की स्थापना साल 2014 में हुई थी.
इसमें भाड़े के सैनिक होते हैं. जो रूस की तरफ से यूक्रेन के खिलाफ जंग लड़ने भी गए. हाल के वर्षों में इसने सीरिया, लीबिया और सेंट्रल अमेरिकी देशों सहित तमाम मुल्कों में जंग लड़ी है.
60 मिनट्स नाम के एक प्रोग्राम में सरकारी Rossiya-1 TV चैनल का फुटेज चलाया गया है. जिसमें दावा किया गया है कि येवगिनि के घर से 600 मिलियन रूबल मिले हैं.
येवगिनि ने इससे पहले कहा था कि वैगनर केवल नकदी में लेनदेन करता था, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने हाल ही में स्वीकार किया था कि समूह को सरकार से पैसा दिया जा रहा है.
रूसी राष्ट्रपति ने कहा था कि वैगनर को मई 2022 और मई 2023 के बीच वेतन और अतिरिक्त वस्तुओं के लिए 86 बिलियन रूबल (£790 बिलियन) से अधिक प्राप्त हुए हैं.
ये पैसा रक्षा मंत्रालय और राज्य के बजट से आया था. हालांकि पिछले महीने के आखिर में दिए गए पुतिन के भाषण से पहले कई वर्षों तक क्रेमलिन ने वैगनर के साथ किसी भी संबंध से इनकार किया था.
टीवी प्रोग्राम में विभिन्न नाम वाले कई पासपोर्ट मिलते दिखाए गए हैं. कहा जा रहा है, 'एक सामान्य व्यक्ति के पास इतने सारे पासपोर्ट नहीं हो सकते.'
गुरुवार को, बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको ने कहा कि येवगिनि प्रिगोझिन बेलारूस में नहीं था, उन्होंने ही पिछले महीने रूस में सशस्त्र विद्रोह को समाप्त करने के लिए एक समझौता करवाया था.
लुकाशेंको ने कहा, 'जहां तक प्रिगोझिन की बात है, वो सेंट पीटर्सबर्ग में है. वो बेलारूस में नहीं हैं.'
जबकि लुकाशेंको ने संवाददाताओं से पिछले सप्ताह कहा था कि प्रिगोझिन अभी भी बेलारूस में हैं.
येवगिनि प्रिगोझिन ने 24 जून को दक्षिणी रूसी शहर रोस्तोव-ऑन-डॉन पर कब्जा कर लिया था, वहां के कमांड सेंटर पर भी नियंत्रण हासिल किया और फिर लड़ाकू विमानों की एक टुकड़ी को मास्को की ओर ले गया.
येवगिनि ने कहा था कि वो पुतिन की सरकार से न्याय चाहता है. उसके सैनिकों के साथ अन्याय हुआ है.
येवगिनि के घर पर हुई छापेमारी से ये साफ हो गया है कि उसने कितनी रकम जुटाई हुई थी.
घर को जिस तरह बनाया गया है, वैसा शायद ही अमीर से अमीर शख्स का भी हो. इसमें कोई दो राय नहीं है.