
9/11 आतंकी हमले को करीब दो दशक का वक्त बीत चुका है लेकिन आज भी उसका नाम आते ही दहशत का मंजर आंखों के सामने छा जाता है. अमेरिका के न्यू यॉर्क में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर 19 साल पहले इसी तारीख को अलकायदा के सरगना ओसामा बिन लादेन ने आतंकी हमले को अंजाम दिया था. साल 2011 में अमेरिका ने अपने ऊपर हुए आतंकी हमले का बदला ले लिया और ओसामा बिन लादेन मारा गया.
पूरी दुनिया में आतंक की कहानी लिखने वाले ओसामा बिन लादेन के परिवार के पास बताने को अपनी-अपनी कहानियां हैं. ओसामा बिन लादेन के मारे जाने के सात साल बाद ओसामा बिन-लादेन की मां आलिया गानेम ने चुप्पी तोड़ी थी. ओसामा की मां ने ब्रिटिश अखबार ‘द गार्जियन’ को एक इंटरव्यू में अपने बेटे की पूरी कहानी सुनाई थी. ओसामा की मां सऊदी अरब के जेद्दा शहर में रहती हैं.
'शर्मीले ओसामा'
ओसामा की मां ने बताया था कि उनका बेटा शुरुआत में बेहद शर्मीले स्वभाव का था लेकिन यूनिवर्सिटी में जाने के बाद उसका ब्रेनवॉश कर दिया गया. ओसामा की मां की नजर में उनका बेटा एक प्यारा शख्स था जो सही राह से भटक गया. ओसामा की मां ने बताया था, वह एक अच्छा बच्चा था और मुझे बेहद प्यार करता था. ओसामा बिन लादेन का परिवार अब सऊदी अरब के जेद्दा शहर में अपने पुश्तैनी घर में रहता है.
ओसामा का परिवार किंगडम के समृद्ध घरानों में से एक है. सऊदी अरब के आलोचकों का कहना है कि ओसामा को सऊदी का समर्थन हासिल था और 9/11 हमले के पीड़ितों ने किंगडम के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी शुरू कर दी थी. 9/11 हमले में शामिल रहे 19 हाइजैकर्स में से 15 सऊदी अरब से थे.
'यूनिवर्सिटी में ब्रेनवॉश किया गया'
गानेम ने गार्जियन को दिए इंटरव्यू में बताया था, ओसामा 20-25 की उम्र में कुछ ऐसे लोगों से मिला जिन्होंने उसका ब्रेनवॉश कर दिया. आप इसे एक कल्ट कह सकते हैं. गानेम ने कहा था कि उनका पहला बच्चा ओसामा बेहद शर्मीले स्वभाव का था और एकेडमी में अच्छा कर सकता था. गानेम के मुताबिक, “जेद्दा की किंग अब्दुल अजीज यूनिवर्सिटी में अर्थशास्त्र की पढ़ाई करते वक्त उसका व्यक्तित्व मजबूत और प्रभावशाली व्यक्तित्व हो गया था. लेकिन यहीं पर उसे रेडिकलाइज यानी कट्टरपंथ की तरफ मोड़ दिया गया. यूनिवर्सिटी के लोगों ने उसे बदल दिया और वो एक बिल्कुल अलग शख्स बन गया.
ओसामा की माँ के मुताबिक, यूनिवर्सिटी में ओसामा की मुलाकात मुस्लिम ब्रदरहुड के सदस्य अब्दुल्ला अजाम से हुई जिसे बाद में सऊदी से निकाल दिया गया और बाद में वो ओसामा का आध्यात्मिक गुरु बन गया. वो एक अच्छा बच्चा था जब तक वो इन लोगों से नहीं मिला था. उनके पास अपने मकसद के लिए पैसे थे. मैं हमेशा ओसामा को उनसे दूर रहने के लिए कहती थी लेकिन वह मुझे कभी नहीं बताता था कि वो क्या कर रहा है क्योंकि वो मुझे बहुत प्यार करता था.”
भाई की नजर में ओसामा
80 के दशक की शुरुआत में ओसामा बिन लादेन रूसी कब्जे के खिलाफ लड़ने के लिए अफगानिस्तान पहुंचा. ओसामा के भाई हसन ने बताया था, जब वह अफगानिस्तान पहुंचा तो सब उसे बहुत सम्मान देते थे. शुरूआत में हमें उस पर बहुत गर्व था. यहां तक कि सऊदी की सरकार भी उसे बहुत सम्मान देती थी. लेकिन उसके बाद ओसामा मुजाहिदीन आ गया. हसन कहते हैं, मुझे उन पर गर्व था क्योंकि वो मेरे बड़े भाई थे. उन्होंने मुझे बहुत कुछ सिखाया था. लेकिन मुझे नहीं लगता है कि एक इंसान के तौर पर मैं उन पर गर्व कर सकता हूं. वो पूरी दुनिया में आतंकवाद का पर्याय बन गए.
गानेम ने बताया, ओसामा बहुत सीधा था. स्कूल में पढ़ाई-लिखाई में बहुत अच्छा. उसे पढ़ना पसंद था. उसने अपना सारा पैसा अफगानिस्तान में खर्च कर दिया, वो फैमिली बिजनेस के नाम पर छिपता रहा.
क्या गानेम को कभी लगा था कि उनका बेटा ओसामा कभी इतना खतरनाक आतंकवादी बन सकता है?
गानेम ने कहा था, मेरे दिमाग में कभी ये बात नहीं आई. जब मुझे पता चला कि वो एक आतंकवादी बन गया है तो हम सब बहुत दुखी हुए थे. मैं कभी नहीं चाहती थी कि ऐसा कुछ हो. पता नहीं उसने ये सब क्यों किया? ओसामा के परिवार ने 1999 में आखिरी बार ओसामा को अफगानिस्तान के कंधार में देखा था. कंधार के बाहर उसके बेस में वे दो बार ओसामा से मिले थे. एयरपोर्ट के पास इस इलाके को ओसामा ने रूसियों से छीना था. गानेम ने बताया, वो हमसे मिलकर बेहद खुश था. उसने हमें पूरा इलाका दिखाया. एक जानवर को मारा और रात को सबको बुलाकर दावत दी.
ओसामा की मां गानेम का बचपन सीरिया में बीता. गानेम 1957 में सऊदी आ गईं और 1957 में ओसामा का जन्म हुआ. गानेम ने तीन साल बाद ओसामा के पिता को तलाक दे दिया और अल-अतास नाम के एक शख्स से शादी कर ली. ओसामा के पिता के 11 बीवियों से 54 बच्चे थे. हालांकि, ओसामा के सौतेले भाई हसन कहते हैं कि मां कभी भी निष्पक्ष होकर चीजों को नहीं देख सकती है. गानेम को सिर्फ ओसामा का अच्छा पहलू याद है. हमले को कई साल बीतने के बावजूद वो इस बात को मानने के लिए तैयार नहीं हैं कि उनका बेटा ऐसा था. वह उसे इतना ज्यादा प्यार करती थीं कि वो हमेशा उसके आस-पास वालों को ही दोषी ठहराती हैं. वो कभी भी ओसामा के जिहादी रूप को जान ही नहीं पाईं.
लादेन की चौथी पत्नी अमाल की जुबानी
ओसामा बिन लादेन की चौथी बीवी अमाल ने स्कॉट-क्लार्क और एड्रिन लेवी से उनकी किताब 'द एग्जाइल: द फ्लाइट ऑफ ओसामा बिन लादेन अबाउट द लास्ट फ्यू मिनट्स ऑफ 9/11 मास्टरमाइंड्स लाइफ' में ओसामा के आखिरी पलों के बारे में बात की थी. ओसामा ने हमले के वक्त अपनी बीवियों को बच्चों के साथ नीचे जाने को कहा था. उन्होंने अमाल से यह भी कहा था कि वो मुझे मारना चाहते हैं तुम लोगों को नहीं. हालांकि, अमाल ने अपने बेटे हुसैन के साथ ओसामा के पास ही रहने के लिए कहा था.
अमाल ने बताया, ''हेलिकॉप्टर की आवाज से ओसामा की नींद खुल गई थी. उन्होंने कहा कि अमेरिका आ गया है. शोर हुआ और घर बुरी तरह से हिल गया था. हम दोनों एक-दूसरे को पकड़ बाल्कनी में छिप गए थे. अंधेरा होने की वजह से कुछ भी नहीं दिख रहा था. अमेरिकी सैनिक हमारे घर की तरफ पहुंच चुके थे.''
अमाल ने बताया, ''यह साफ है कि किसी ने हमारे साथ धोखा किया था. उन्हें इस तरह के हमले की बिल्कुल आशंका नहीं थी. इस दौरान ओसामा ने बेटे खालिद को बुलाया. उसने AK-47 उठा ली. हालांकि अमाल को पता था कि खालिद बंदूक नहीं चला सकता है कि क्योंकि वह तब 13 साल का ही था. बच्चे रो रहे थे और अमाल उन्हें दिलासा दे रही थी. अमेरिकी सैनिक टॉप फ्लोर पर पहुंच चुके थे. उसके बाद सब कुछ खत्म होते देर नहीं लगी.
'ओसामा के किए का अंजाम हमें भी भुगतना पड़ा'
जब साल 2001 में न्यू यॉर्क में आतंकी हमले की खबर आई तो उनके भाइयों को अंदाजा हो गया था कि ये हमला ओसामा ने ही किया है. ओसामा के भाई हसन ने इंटरव्यू में कहा था, ये बहुत ही अजीब तरह की फीलिंग थी. छोटे भाई से लेकर बड़े भाई तक, सब ओसामा को लेकर शर्मिंदा थे. हम जानते थे कि हमें इसके भयावह अंजाम भुगतने होंगे. अलग-अलग देशों में फैले परिवार के सदस्य खबर सुनते ही सऊदी लौट आए. हमारा पूरा परिवार सीरिया, लेबनान, मिस्त्र और यूरोप में फैला हुआ है. परिवार के एक-एक सदस्य से पूछताछ हुई और काफी वक्त के लिए सऊदी से बाहर जाने पर रोक लगा दी गई थी.
करीब दो दशक बीत जाने के बाद लादेन परिवार सऊदी किंगडम में आजादी से घूम तो सकता है लेकिन वो काली यादें और परिवार पर बदनुमा दाग शायद ही उनका पीछा कभी छोड़े.