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ब्रिटेन में फारिश्ता जमी नाम की एक 36 वर्षीय अफगान महिला को अफगानिस्तान के लिए उड़ान भरने से पहले गिरफ्तार कर लिया गया. फारिश्ता का इरादा इस्लामिक स्टेट ऑफ खोरासान (ISKP) के लिए "शहीद" [आत्मघाती हमलावर] बनने का था. उसने अपने और अपने बच्चों के लिए एक तरफा टिकट खरीदने के लिए 1,200 पाउंड भी सेव किए थे, ताकि अफगानिस्तान पहुंचकर वह आतंकी संगठन में शामिल हो सके.
वारविकशायर पुलिस के मुताबिक, फारिश्ता जमी ने ISKP के समर्थन में कई सोशल मीडिया अकाउंट्स चला रही थी. उसके पास कई सिम कार्ड मिले हैं और उसने ऑनलाइन प्रशिक्षण लिया था, जिसमें एके-47 रायफल को असेंबल करना सिखाया गया था.
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सोशल मीडिया पर शेयर करती थी हिंसात्मक कंटेंट
सितंबर 2022 से जनवरी 2024 के बीच फारिश्ता ने सोशल मीडिया पर ग्राफिक और हिंसात्मक कंटेंट भी शेयर किए थे. उसने वीडियो, दस्तावेज और चित्र पोस्ट किए, साथ ही कई प्रो-दाएश समूहों और चैनलों में हिस्सा लिया.
सोशल मीडिया ग्रुप्स का इस्लामिक स्टेट के लिए करती थी संचालन
फारिश्ता जमी इन ग्रुप्स का संचालन करती थी और ग्रुप्स में इस्लामिक स्टेट के समर्थन वाले कंटेंट शेयर किया करती थी. कुछ ग्रुप्स में 700 से ज्यादा सदस्य थे, जहां बड़े पैमाने पर दाएश यानी इस्लामिक स्टेट के प्रोपेगेंडा वाले कंटेंटे शेयर किया करती थी. इन समूहों में उपकरण बनाने के लिए निर्देशात्मक वीडियो भी शामिल थे, ताकि दाएश यह देख सके कि वह उनके कारण के प्रति वफादार और प्रतिबद्ध थी.
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2023 से इस्लामिक स्टेट जॉइन करने की कर रही थी प्लानिंग
आतंकवाद निरोधी पुलिस प्रमुख वेस्ट मिडलैंड्स डिटेक्टिव चीफ सुपरिंटेंडेंट एलिसन हर्स्ट ने कहा, "जमी ने जुलाई 2023 की शुरुआत में यात्रा करने की इच्छा जाहिर की थी और नवंबर तक उसने पर्याप्त मात्रा में अपनी यात्रा के लिए कैश जमा कर लिए थे, जिससे उसकी यात्रा करने की मंशा स्पष्ट होती है."