
अफगानिस्तान (Afghanistan) पर बीते 15 अगस्त को तालिबान (Taliban) का कब्जा हो गया था. एक महीने से ज्यादा बीत जाने के बाद भी हालात जस के तस बने हुए हैं. बताया जा रहा है कि काबुल एयरपोर्ट (Kabul Airport) को दोबारा शुरू तो कर दिया गया है, लेकिन एयरलाइंस कंपनियां अपने विमान उड़ाने को तैयार नहीं हैं.
अफगानिस्तान की न्यूज एजेंसी अवासाका को वहां की सिविल एविएशन अथॉरिटी (ACAA) ने बताया कि काबुल एयरपोर्ट को दोबारा शुरू कर दिया गया है, लेकिन विदेशी कंपनियां उड़ान भरने को तैयार नहीं हैं.
एविएशन अथॉरिटी के मुताबिक, काबुल इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक विमान टैक ऑफ और लैंड करने के लिए तैयार हैं, लेकिन अभी तक किसी भी विदेशी इंटरनेशन एयरलाइंस ने वहां उड़ान भरने में दिलचस्पी नहीं दिखाई और अधिकारियों के अनुरोध का कोई जवाब नहीं दिया.
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30 अगस्त को जब अमेरिका ने अफगानिस्तान छोड़ा था, तब से ही काबुल एयरपोर्ट का संचालन बंद कर दिया गया था. तालिबान ने दावा किया था कि अमेरिकी सेना एयरपोर्ट को खराब कर गई थी, जिसे रिपेयर करवाने के लिए बंद करना पड़ा था.
हाल ही में यहां दोबारा उड़ानें शुरू हो गईं हैं. कुछ दिन पहले कतर की एक फ्लाइट ने काबुल एयरपोर्ट से उड़ान भरी थी, जो दोहा गया था. इसमें 200 यात्री सवार थे. वहीं, कुछ दिन पहले ही पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (PIA) का एक विमान भी काबुल एयरपोर्ट पर लैंड हुआ था. हालांकि, इसमें सिर्फ 10 यात्री ही थे.