Afghanistan Taliban Crisis Latest News Updates: अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद अब पूरी दुनिया की नज़र वहां के हालातों पर टिकी है. भारत समेत अन्य देश अपने-अपने नागरिकों को बाहर निकालने की कोशिश में हैं. भारत ने 120 भारतीयों को काबुल ने निकाला है. उनको लेकर ग्लोबमास्टर प्लेन हिंडन एयरबेस पर लैंड हुआ. बीते दिन भी कुछ लोगों को बाहर निकाला गया था.
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन की ओर से कहा गया है कि चार राष्ट्रपतियों ने अफगानिस्तान में एक अमेरिकी सेना की मौजूदगी का नेतृत्व किया है. इसमें दो रिपब्लिकन और दो डेमोक्रेट थे. हम इस लड़ाई को 5वें स्थान पर नहीं जाने देंगे.
अफगानिस्तान के हालात को लेकर पीएम आवास पर 7 LKM पर बड़ी बैठक हुई जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अफगानिस्तान में फंसे भारतीयों की सकुशल वापसी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. भारत आने वाले अल्पसंख्यकों को शरण देने की बात भी कही. क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर
अफगानिस्तान पर कब्जे के बाद तालिबान की पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई. इसमें तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिदी मीडिया को संबोधित कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि बीते वक्त में उनसे जिसने भी युद्ध किया उनको उन्होंने माफ कर दिया है. जबीहुल्लाह मुजाहिदी ने लोगों को सुरक्षा का भरोसा दिया है. वह बोले कि तालिबान किसी से बदला नहीं लेगा. वह बोले, 'हम लोग काबुल में भगदड़ का माहौल नहीं चाहते थे. इसलिए काबुल के बाहर रुक गए थे. फिर बिना हिंसा के सत्ता परिवर्तन हुआ.' प्रवक्ता ने क्या कुछ कहा, क्लिक कर पढ़ें
अमेरिका की तरफ से अफगान संकट पर ताजा बयान आया है. इसमें पेंटागन ने कहा है कि उनको तालिबान की तरफ से किसी तरह की धमकी नहीं दी गई है, ना ही कोई हमला किया गया है. फिर भी वे लोग सतर्क हैं. बताया गया कि काबुल के हामिद करजई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी कोई सुरक्षा संबंधित ताजा घटना नहीं हुई है. वहां अफरातफऱी के बीच सोमवार को जवानों ने कथित हथियारबंद लोगों पर गोली चलाई थी.
अफगानिस्तान के पूर्व वाइस प्रेसिडेंट अमरुल्ला सालेह ने ट्वीट किया है कि अफगानिस्तान के कानून के हिसाब से राष्ट्रपति अगर भाग जाए, रिजाइन देने या उसकी मौत हो जाए तो पूर्व वाइस प्रेसिडेंट को केयर टेकर प्रेसिडेंट माना जाता है. मैं फिलहाल अपने देश में ही मौजूद हूं और मैं केयर टेकर प्रेसिडेंट हूं. मैं बाकी नेताओं से समर्थन मांगता हूं.
सरकारी सूत्रों से जानकारी मिली है कि अफगानिस्तान से 1650 भारतीयों ने वापस आने के लिए अप्लाई किया है. दूसरी तरफ भारत सरकार ने बताया कि काबुल में मौजूद दूतावास के सभी लोगों को भारत वापस बुला लिया गया है. यह काम दो चरण में हुआ. इसमें राजदूत और बाकी कर्मचारी भारत आ चुके हैं. यह भी बताया गया कि भारतीय दूतावास पूरी तरह बंद नहीं हुआ है. लोकल स्टाफ काउंसलर सर्विस दे रही है.
अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने ताजा ट्वीट में अफगानिस्तान मसले का जिक्र किया है. उन्होंने लिखा, 'मैं बहुत सालों से कहता रहा हूं कि अफगानिस्तान में हमारा मिशन आतंकवाद से लड़ने का होना चाहिए. ना कि राष्ट्र निर्माण.'
अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे पर NATO का बयान आया है. नाटो चीफ जेन्स स्टोल्टेनबर्ग ने कहा है कि यह सब अफगान नेतृत्व की विफलता से हुआ है.
फ्रांस की तरफ से भारत के 21 लोगों को काबुल से निकालकर पैरिस ले जाया गया. इसपर जयशंकर से फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-यवेस ले ड्रियान का शुक्रिया कहा.
काबुल से भारत आई फ्लाइट पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा, 'भारतीय राजदूत और दूतावास के स्टाफ को काबुल से भारत लाना काफी कठिन काम था. उन सब का शुक्रिया जिन्होंने इसमें मदद की.'
अफगान संकट पर चर्चा के लिए पीएम आवास पर बड़ी बैठक हो रही है. इसमें रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, गृहमंत्री अमित शाह और एनएसए अजित डोभाल मौजूद हैं. यहां वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण भी हैं.
तालिबान अफगानिस्तान में किस तरह सरकार बनाता है और कैसे काम करता है, इसपर भारत वेट एंट वॉच की रणनीति अपनाएगा, सूत्रों ने यह जानकारी दी है. अफगानिस्तान में इस वक्त पाकिस्तान के आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा और लश्कर-ए-झांगवी भी मौजूद हैं, जिनको लेकर भारत अलर्ट है.
अफगानिस्तान में फंसे भारतीय लोग या उनके घरवाले विभिन्न नंबर्स पर फोन कर सकते हैं. विदेश मंत्रालय ने बताया है कि +91-11-49016783, +91-11-49016784, +91-11-49016785 पर फोन किया जा सकता हैं. वहीं +91-8010611290 यह वॉट्सऐप का नंबर है. SituationRoom@mea.gov.in पर ईमेल किया जा सकता हैय
तालिबान ने तहरीक ए तालिबान कमांडर, अल कायदा और इस्लामिक स्टेट के आतंकवादी और लड़ाकों को छोड़ दिया है. उसने करीब 2300 आतंकियों को छोड़ दिया है.
ताजा जानकारी के मुताबिक, एयरफोर्स के दो एयरक्राफ्ट हिंडन एयरबेस पर उतरे हैं. इसमें वे लोग आए हैं जिनको C-17 ग्लोबमास्टर में काबुल से लाया गया था. ग्लोबमास्टर को काबुल से गुजरात के जामनगर में रोका गया था. फिर एयरफोर्स ने C-130J सुपर हरक्यूलीस एयरक्राफ्ट भेजकर इन्हें वहां से हिंडन पहुंचाया है.
तुर्की के विदेश मंत्री की तरफ से अफगान संकट पर बयान दिया गया है. उन्होंने कहा है कि तुर्की तालिबान की तरफ से दिए गए 'सकारात्मक संदेशट का स्वागत करता है.
जर्मनी ने अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद बड़ा फैसला लिया है. अबतक वह अफगानिस्तान को विकास के लिए जो फंडिंग देता रहा था उसे तालिबान के कब्जे के बाद रोक दिया गया है.
120 भारतीय जिनको काबुल से भारत वापस लाया गया है वह गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस पहुंच चुके हैं. बता दें कि सी-17 ग्लोबमास्टर प्लेन से इन लोगों को लाया गया था. इनको थोड़ा आराम करवाने के लिए पहले गुजरात के जामनगर रोका गया था, अब वहां से इन्हें हिंडन एयरबेस लाया गया. वापस आने वालों में भारतीय दूतावास के कर्मचारी, वहां मौजूद सुरक्षाकर्मी और कुछ भारतीय पत्रकार हैं.
अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद अब यूएन ने उसे वादे याद रखने को कहा है. दरअसल, तालिबान ने कहा है कि वह पूर्व सरकारी कर्मचारियों पर अत्याचार नहीं करेगा और उन्हें 'माफी' दे देगा. इसके साथ महिला-लड़कियों को स्कूल जाने देगा.
ट्विटर ने कहा है कि अफगान संकट पर उनकी नजर है क्योंकि लगातार वहां फंसे लोग ट्विटर के जरिए भी मदद मांग रहे हैं. ट्विटर ने कहा कि ऐसी पोस्ट जिसमें हिंसा को बढ़ाया दिया गया होगा उनको वहां जगह नहीं दी जाएगी.
रूस के विदेश मंत्री ने अफगानिस्तान के ताजा हाल के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने कहा कि अमेरिका के सैनिकों के अफगान से निकलने के बाद हालात खराब हुए.
महाराष्ट्र में रहने वाले कुछ अफगानी छात्र आज महाराष्ट्र के मंत्री आदित्य ठाकरे से मिलने पहुंचे हैं.
अफगानिस्तान (Afghanistan) में पैदा हुए संकट से पूरी दुनिया सकते में है. तालिबान (Taliban) का पूरे देश पर कब्जा हो गया है, ऐसे में दुनिया के देशों द्वारा अपने नागरिकों को निकालने का मिशन जारी है. भारत (India) ने भी अपने नागरिकों को बाहर निकालने का मिशन शुरू कर दिया है.
क्लिक करें: ऑपरेशन एयरलिफ्ट काबुल: तालिबानी राज से ऐसे सुरक्षित निकाले जा रहे हैं भारतीय नागरिक
अफगानिस्तान से भारत लौटे राजदूत रुदेंद्र का कहना है कि भारतीयों को निकालने का काम लगातार जारी है. जो लोग अभी काबुल में हैं, उन्हें भी यहां पर लाया जा रहा है. हमने अफगानिस्तान के लोगों को भी छोड़ा नहीं है, उनको लेकर हमारी फिक्र लगातार जारी है.
अफगानिस्तान (Afghanistan) पर कब्जा करने के बाद तालिबान (Taliban) ने अब अपनी सरकार का एजेंडा तय करना शुरू कर दिया है. तालिबान के एक अधिकारी ने ऐलान किया है कि उन्होंने सभी नागरिकों के लिए एक साझा माफी देने का फैसला लिया है, साथ ही महिलाओं से भी सरकार में जुड़ने की अपील की है.
पूरी खबर पढ़ें: अफगानिस्तान की नई सरकार में महिलाओं को भी शामिल करेगा तालिबान, किया ये बड़ा ऐलान
भारतीय राजदूत समेत अन्य नागरिकों को लेकर काबुल से रवाना हुआ वायुसेना का विमान गुजरात के जामनगर पहुंच गया है. इस विमान में करीब 120 लोगों को सुरक्षित लाया गया है.
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने एक वीडियो रिट्वीट किया है, जिसमें तालिबानी लड़ाके काबुल पहुंचने के बाद भावुक हो गए. शशि थरूर ने इस वीडियो को ट्वीट करते हुए लिखा है कि ऐसा लग रहा है कि यहां पर दो तालिबानी मलियाली हैं. इनमें से एक वो जो ‘Samsarikkette’ कह रहा है और दूसरा वो जो उसे समझ पा रहा है. शशि थरूर के इस रिट्वीट पर विवाद भी हुआ है और लोग अलग-अलग तरह की प्रतिक्रिया दे रहे हैं.
अफगानिस्तान के ताज़ा हालात को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा वीज़ा के नियमों में बदलाव किया गया है. अब एक e-Emergency X-Misc Visa” कैटेगरी बनाई गई है, जिसके जरिए अफगानिस्तान से आ रह लोगों को वीज़ा मिल पाएगा. बता दें कि बड़ी संख्या में लोग अफगानिस्तान से भागकर भारत आ रहे हैं, क्योंकि ऐसे हालातों में सबसे पास सुरक्षित देश भारत ही है.
भारतीय वायुसेना का C-17 मंगलवार सुबह काबुल से रवाना हुआ है. भारत का ये एयरक्राफ्ट अमेरिकी सैनिकों द्वारा एयरपोर्ट पर मुहैया कराई गई सुरक्षा के बीच से निकला है. काबुल एयरपोर्ट को सुबह ही अमेरिकी एजेंसियों ने दोबारा खुलवाया है. इस विमान में करीब 140 लोगों को वापस लाया जा रहा है. भारतीय राजदूत आर. टंडन समेत अन्य स्टाफ को भी काबुल से वापस लाने का फैसला किया गया है. इनके अलावा वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों को भी जल्द से जल्द भारत वापस लाया जा रहा है.
अफगानिस्तान में तालिबान ने कब्जा जमा लिया है. अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना की वापसी जारी है. अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने सैनिकों को वापस बुलाने के फैसले को सही ठहराया है. उनका कहना है कि सेना लगातार जोखिम नहीं उठा सकती है.
काबुल में भारत के करीब 500 से अधिक लोग फंसे हुए हैं. भारत सरकार द्वारा वायुसेना के C-19 एयरक्राफ्ट के जरिए लोगों को निकाला जा रहा है. सोमवार को करीब 46 लोग वापस आ पाए हैं. जबकि बाकी लोगों को आज लाने की कोशिश जारी रहेगी. जानकारी के मुताबिक, करू 500 अधिकारियों को निकालने पर फोकस है. करीब 300-400 ITBP के जवान भी अफगानिस्तान में हैं.
भारत की ओर से UNSC में भी इस मसले को उठाया गया है और दुनिया को अफगानिस्तान पर गौर करने को कहा है. वहीं, तालिबानी लड़ाकों ने बीते दिन काबुल में हिन्दू, सिख समुदाय के लोगों से मुलाकात की और उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिया.