
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना और 86 अन्य के खिलाफ सिलहट शहर में एक जुलूस पर हमला करने के आरोप में बुधवार को मामला दर्ज किया गया, जिसमें कई लोगों को गोली लगी थी और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए थे. यह हमला 4 अगस्त को हुए बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन के दौरान हुआ था. अपदस्थ होने के बाद शेख हसीना के खिलाफ दर्ज मामलों की संख्या बढ़कर अब 33 हो गई है.
शेख रेहाना को भी बनाया गया आरोपी
जातीयतावादी छात्र दल की सिलहट शहर इकाई के कार्यवाहक अध्यक्ष जुबेर अहमद ने सिलहट मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट सुमन भुइया की अदालत में मामला दायर किया है. इस मामले में हसीना की बहन शेख रेहाना भी आरोपी हैं.
डेली स्टार न्यूजपेपर के अनुसार, केस में आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने 4 अगस्त को सिलहट शहर के बंदरबाजार इलाके में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी और उसके सहयोगी संगठनों द्वारा निकाली गई एक शांतिपूर्ण रैली पर हमला किया, जिसमें कई लोग घायल हो गए.
हसीना के खिलाफ अब कुल 33 केस
इस मामले में नामित लोगों में अवामी लीग के महासचिव और पूर्व सड़क परिवहन मंत्री ओबैदुल कादर, पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमान खान, पूर्व विदेश मंत्री हसन महमूद, पूर्व कानून मंत्री अनीसुर रहमान और प्रधानमंत्री के पूर्व सलाहकार सलमान एफ रहमान शामिल हैं. रिपोर्ट के मुताबिक इस मामले के साथ, हसीना अब अपने खिलाफ 33 मामलों का सामना कर रही हैं. इसमें हत्या के 27, मानवता के खिलाफ अपराध और नरसंहार के चार और अपहरण का एक मामला शामिल है.
बड़े पैमाने पर हुए सरकार विरोधी छात्र नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शन के बीच अपने पद से इस्तीफा देने के बाद शेख हसीना 5 अगस्त को भागकर भारत आ गई थीं. अब बांग्लादेश में एक अंतरिम सरकार है जिसकी कमान 84 साल के नोबेल पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस के हाथ में है.
आईसीटी में केस चलाएगी अंतरिम सरकार
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने कहा है कि वह हसीना के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ छात्रों के हालिया जन आंदोलन के दौरान हत्याओं में शामिल लोगों पर अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (International Crimes Tribunal) में मुकदमा चलाएगी.
बांग्लादेश में हसीना सरकार के गिरने के बाद देश भर में भड़की हिंसा की घटनाओं में 230 से अधिक लोग मारे गए. सरकारी नौकरियों में विवादास्पद कोटा प्रणाली के खिलाफ छात्रों द्वारा जुलाई के मध्य में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू होने के बाद से मरने वालों की संख्या 600 से अधिक हो गई है.