
अफगानिस्तान संकट के बीच अमेरिका की सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. इसमें बाइडेन प्रशासन ने अफगान सरकार के साथ जो भी हथियारों के सौदे हुए थे उनके फिलहाल रद्द कर दिया है. ऐसा तालिबान द्वारा अफगानिस्तान पर कब्जे के बाद किया गया है. अमेरिकी सरकार ने हथियार बनाने वाले कॉन्ट्रेक्टर्स को इसके सम्बंध में नोटिस भी भेज दिया है.
बुधवार को गृह मंत्रालय के राजनीतिक/सैन्य मामलों के ब्यूरो ने नोटिस भेजा है. इसमें लिखा है कि अफगानिस्तान भेजे जाने वाले हथियारों के पेंडिंग ऑडर्स और जिनकी डिलिवरी नहीं हुई है उनको फिलहाल रोक लिया जाए.
नोटिस में आगे लिखा है कि अफगानिस्तान में फिलहाल हालात तेजी से बदल रहे हैं. रक्षा बिक्री निदेशालय फिलहाल सभी पेंडिंग और इशू हो चुके एक्सपोर्ट लाइसेंस को देख रहा है. आगे कहा गया है कि जो भी नया आदेश होगा उसके बारे में आने वाले दिनों में रक्षा उपकरण निर्यातकों को जानकारी दे दी जाएगी.
अफगान संकट पर अगले हफ्ते होगी जी-7 बैठक
अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन की अफगानिस्तान में तेजी से बदलते घटनाक्रमों पर नजर है. दोनों अगले हफ्ते जी-7 देशों की डिजिटल बैठक करेंगे. दोनों ने अफगान मसले पर फोन पर बात की थी. दोनों इस बात पर भी चर्चा करेंगे कि वैश्विक समुदाय शरणार्थियों तथा अन्य अफगान नागरिकों को मानवीय सहायता और सहयोग कैसे मुहैया करा सकता है.
इससे पहले बाइडेन ने अमेरिका द्वारा अफगानिस्तान से अपने सैनिकों को निकालने के फैसले को सही बताया था. बाइडेन ने कहा था कि उनका फोकस भविष्य और मौजूदा खतरों पर है, उनपर नहीं जो पहले अमेरिका के लिए खतरा थे. बाइडेन ने यह भी कहा था कि अफगान सरकार ने बिना लड़े तालिबान से हार मानी.