Advertisement

अमेरिका ने कहा- सही नहीं है हाफिज सईद की रिहाई, रिश्तों पर पड़ेगा असर

अमेरिका ने कहा कि वह पाकिस्तानी धरती पर मौजूद आतंकवादियों और आतंकवादी संगठनों के खिलाफ निर्णायक कदम उठाए जाने की उम्मीद करता है. सईद की रिहाई गलत दिशा में उठाया गया कदम है.

हाफिज सईद और डोनाल्ड ट्रंप हाफिज सईद और डोनाल्ड ट्रंप
जावेद अख़्तर
  • न्यूयॉर्क,
  • 26 नवंबर 2017,
  • अपडेटेड 3:06 PM IST

मुंबई हमले के मास्टरमाइंड और जमात-उद दावा के चीफ आतंकी हाफिज सईद की रिहाई पर कड़ा ऐतराज जताया है. अब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान को चेतावनी दी है. ट्रंप ने कहा है कि हाफिज सईद की रिहाई का खामियाजा द्विपक्षीय संबंधों को भुगतना पड़ेगा.

डोनाल्ड ट्रंप की प्रेस सचिव सारा हकाबी सैंडर्स ने शनिवार को बयान जारी कर कहा, 'अमेरिका सईद की नजरबंदी से रिहाई की कड़ी आलोचना करता है और उसकी तुरंत दोबारा गिरफ्तारी की मांग करता है.'

Advertisement

कार्रवाई नहीं की तो पड़ेगा रिश्तों पर असर

बयान के मुताबिक, 'यदि पाकिस्तान सईद पर कानूनी रूप से कार्रवाई नहीं कर सकता और उसके अपराधों के लिए उस पर अभियोग नहीं लगा सकता तो पाकिस्तान की निष्क्रियता का खामियाजा दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों और पाकिस्तान की वैश्विक प्रतिष्ठा को भुगतना पड़ेगा.'

सैंडर्स ने बयान में कहा, 'पाकिस्तान द्वारा सईद पर अभियोग लगाने में असफल रहने के बाद सईद की रिहाई से अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद का मुकाबला करने में पाकिस्तान की प्रतिबद्धता को लेकर गलत संदेश गया है और पाकिस्तान के वे दावे झूठे साबित हुए हैं, जिसमें पाकिस्तान ने कहा था कि वह अपनी धरती का उपयोग आतंकवादियों को पनाह देने के तौर पर नहीं करने देगा.'

सईद की रिहाई गलत कदम

सैंडर्स के मुताबिक, 'राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की दक्षिण एशिया नीति स्पष्ट है कि अमेरिका, पाकिस्तान के साथ रचनात्मक संबंध चाहता है लेकिन इसके साथ ही वह पाकिस्तानी धरती पर मौजूद आतंकवादियों और आतंकवादी संगठनों के खिलाफ निर्णायक कदम उठाए जाने की उम्मीद करता है. सईद की रिहाई गलत दिशा में उठाया गया कदम है.'

Advertisement

बयान के मुताबिक, अमेरिका ने लश्कर-ए-तैयबा को एक विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित किया है, जो आतंकवादी हमलों में कई निर्दोष लोगों की मौत का जिम्मेदार है. इन पीड़ितों में कई अमेरिकी नागरिक भी शामिल हैं.

बयान के मुताबिक, 'सईद खुद एक कुख्यात आतंकवादी है, जो 2008 के मुंबई हमलों का मास्टरमाइंड है, जिसमें छह अमेरिकी नागरिकों सहित 166 लोगों की मौत हो गई थी.'

अमेरिका ने हाफिज सईद की दोबारा गिरफ्तारी की मांग की है. बता दें कि अदालत द्वारा सईद की हिरासत बढ़ाने से इनकार के बाद पाकिस्तान सरकार ने सईद की नजरबंदी से रिहाई के आदेश दिए थे.

साल 2008 में अमेरिकी वित्त विभाग ने सईद को विशेष तौर पर नामित वैश्विक आतंकवादी घोषित किया था और उस पर प्रतिबंध लगाए थे.

बता दें कि पाकिस्तानी अदालत ने आतंकी हाफिज को 22 नवंबर को रिहा किया है. आतंक का ये आका 31 जनवरी से नजरबंद था. पाकिस्तान सरकार ने अदालत में हाफिज सईद के खिलाफ भारत द्वारा सौंपे गए सबूत नहीं पेश किए, जिसके चलते आतंक ये आका आसानी से आजाद हो गया.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement