
अमेरिका की पाक समर्थक सांसद इल्हान उमर (Ilhan Omar) का एक और प्रोपगैंडा सामने आया है. वह अमेरिका की संसद में भारत के खिलाफ एक प्रस्ताव लेकर आई हैं. इल्हान उमर के इस प्रस्ताव में अमेरिका के विदेश मंत्रालय से गुजारिश की गई है. लिखा गया है कि अमेरिका का विदेश मंत्रालय भारत को एक ऐसा देश घोषित करे जहां पर धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार का कथित उल्लंघन होता है.
Ilhan Omar ने आरोप लगाया कि भारत में अल्पसंख्यकों खासकर मुसलमानों के मानवाधिकारों का उल्लंघन हो रहा है. Ilhan Omar के इस प्रस्ताव को सांसद रशीदा तलीब (Rashida Talib) और जुआन वर्गास (Juan Vargas) का समर्थन मिला है.
प्रस्ताव में अमेरिका के अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग की रिपोर्ट का जिक्र किया गया है. कहा गया है कि आयोग ने पिछले तीन साल से भारत को विशेष चिंता वाले देश के रूप में नामित करने का प्रस्ताव दिया है.
इल्हान उमर को मिला IAMC का समर्थन
अमेरिका में इल्हान उमर के प्रस्ताव को इंडियन अमेरिकन मुस्लिम काउंसिल (IAMC) ने सपोर्ट किया है. IAMC के अध्यक्ष सय्यद अफजल अली ने कहा कि जिस देश को हम प्यार करते हैं वहां ऐसी स्थिति को देखकर दुख होता है. आरोप लगाया गया कि भारत में उनके सबसे कमजोर नागरिकों के साथ भेदभाव और उनका अपराधीकरण किया जा रहा है.
इल्हान उमर पहले भी भारत के खिलाफ कई बार विदेशी मंचों से आलोचना कर चुकी हैं. वे भारत को अल्पसंख्यक विरोधी भी बता चुकी हैं. एक बयान में इल्हान उमर ने कहा था कि भारत में लंबे समय से मुस्लिम अल्पसंख्यकों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है. उन्होंने तब यहां तक कह दिया था कि भारत में मुस्लिम होना अपराध जैसा है.