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Russia Ukraine War: क्या अमेरिका के इस नियम से लंबा खिंचेगा रूस-यूक्रेन का युद्ध?

अमेरिका (US) ने द्वितीय विश्व युद्ध (WWII) के समय ऐसा नियम बनाया था, जिससे उसने ग्रेट ब्रिटेन (Great Britain) और अन्य सहयोगियों को हथियार किराए और लीज पर दिए थे. वह भी बेहद कम कीमत पर. अब दोबारा यूक्रेन (Ukraine) के लिए उसने यही नियम फिर से लागू किया है. क्या इससे यूक्रेन-रूस की लड़ाई (Russia Ukraine War) और लंबी खिंच सकती है.

अमेरिका के नए नियम से यूक्रेन और पूर्वी यूरोपीय देशों को कम कीमत पर मिलेंगे हथियार. (फोटोः AP) अमेरिका के नए नियम से यूक्रेन और पूर्वी यूरोपीय देशों को कम कीमत पर मिलेंगे हथियार. (फोटोः AP)
aajtak.in
  • वॉशिंगटन,
  • 29 अप्रैल 2022,
  • अपडेटेड 5:07 PM IST
  • US ने शुरु किया लेंड-लीज फाइनेंसिंग प्रोग्राम
  • हथियारों के लिए द्वितीय विश्व युद्ध जैसी व्यवस्था

रूस और यूक्रेन की लड़ाई खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही है. इस बीच, अमेरिका करीब 80 साल पुराना एक नियम फिर से लागू करने जा रहा है. इस नियम के लागू होते ही ये युद्ध और लंबा खिंच सकता है. क्योंकि इससे यूक्रेन को रूस के खिलाफ संघर्ष करने के लिए और ताकत मिल जाएगी. ज्यादा हथियार मिलेंगे. अमेरिका से हथियार सीधे यूक्रेन की राजधानी कीव में उतरेंगे. वह भी कम कीमत पर. 

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द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अमेरिका ने ग्रेट ब्रिटेन और अन्य सहयोगी देशों की मदद करने के लिए लेंड-लीज लेजिसलेशन बनाया था. यानी जर्मनी के खिलाफ लड़ने वाले देश अमेरिकी हथियारों को किराए या लीज पर ले सकते हैं. अब अमेरिका ने फिर से यही काम किया है. उसने यूक्रेन डेमोक्रेसी डिफेंस लेंड-लीज एक्ट-2022 (Ukraine Democracy Defense Lend-Lease Act of 2022) को हाउस ऑफ रिप्रेंजेटेटिव में पास कर दिया है. 

अमेरिका से मिली स्टिंगर मिसाइलें यूक्रेनी सैनिकों के बहुत काम आ रही हैं. (फोटोः AP)

राष्ट्रपति बाइडेन लगाएंगे अंतिम मुहर

अब यह बिल राष्ट्रपति जो बाइडेन (Joe Biden) के पास अंतिम मुहर के लिए जाने वाला है. सीनेट में भी इस बिल को पूर्ण समर्थन मिला था. इस बिल के पास होने से सिर्फ यूक्रेन को ही फायदा नहीं होगा, बल्कि रूस के हमलों से नुकसान बर्दाश्त कर रहे पोलैंड और अन्य पूर्वी यूरोपीय देशों को भी फायदा होगा. युद्ध शुरु हुए दो महीने से ज्यादा हो चुके हैं. लेकिन यह खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. उम्मीद है कि इस बिल की वजह से रूस को समझ आएगा कि वह यूक्रेन का कुछ बिगाड़ नहीं पाएगा. उसे युद्ध रोकना ही होगा. 

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अल जजीरा में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार कांग्रेस का कहना है कि इस 8 दशक पुराने नियम के दोबारा लागू होने से अमेरिकी कंपनियां बिना किसी ब्यूरोक्रेटिक रुकावटों के सप्लाई कर सकेंगी. डेमोक्रेट रिप्रेजेंटेटिव मैरी गे स्कैनलोन ने कहा कि यूक्रेन के लोग इस समय फ्रंट लाइन पर खड़े हैं. ताकि वो अपने लोकतंत्र को बचा सकें. आततायी रूस का सामना कर सकें. अमेरिका हमेशा से मानवधिकारों और सैन्य मदद के लिए तैयार है. वह यूक्रेन की हर संभव मदद करेगा. 

अमेरिका से सीधे कीव में उतरेंगे हथियार और युद्ध संबंधी उपकरण. (फोटोः AP)

कम कीमत पर सीधे कीव पहुंचेंगे हथियार

मैरी गे स्कैनलोन ने कहा कि लेंड-लीज लेजिसलेशन की बदौलत अमेरिका सीधे कीव में उपकरण पहुंचा सकेगा. जिसके लिए यूक्रेन को बेहद मामूली रकम चुकानी होगी. वहीं रिपब्लिकन सीनेटर जॉन कॉरनिन ने कहा कि यूक्रेनी लोगों ने अत्यधिक बहादुरी से रूस का सामना किया है. उन्होंने अद्भुत स्तर के साहस का परिचय दिया है. हम उन्हें उनका लोकतंत्र बचाने के लिए सभी जरूरी मदद देंगे. ताकि वो अपनी संप्रभुता को बचा सकें. 

2.52 लाख करोड़ की मदद की घोषणा

हाल ही में जो बाइडेन की सरकार ने यूक्रेन की सरकार को 33 बिलियन डॉलर्स यानी 2.52 लाख करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता की घोषणा की है. जिसमें से 20 बिलियन डॉलर्स यानी 1.52 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा की मदद हथियारों, एम्यूनिशन और अन्य मिलिट्री सहायता के लिए है. इसके अलावा बची हुई राशि में से ह्यूमेनिटेरियन और डायरेक्ट इकोनॉमिक असिसटेंस शामिल है. 

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जो बाइडेन ने गुरुवार को व्हाइट हाउस में कहा था कि हमें लेंड-लीज बिल की जरूरत है ताकि हम यूक्रेन को उसकी आजादी के लिए लड़ाई करने में मदद कर सकें. इस युद्ध की कीमत कम नहीं होगी. इसकी भारी कीमत चुकानी होगी. 

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