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अरब लीग की बैठक में मुस्लिम देश हुए एकजुट, इजरायल के खिलाफ पास किया ये प्रस्ताव

अरब लीग की आपातकालीन बैठक में क्षेत्र में इजरायली हमले की निंदा की गई. लीग के देशों ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया जिसमें इराक पर इजरायल के संभावित हमले को लेकर चेतावनी दी गई. आपातकालीन बैठक इराक के कहने पर ही बुलाई गई थी.

अरब लीग की बैठक में इजरायली हमले की निंदा की गई है (Photo- Anadolu Agency) अरब लीग की बैठक में इजरायली हमले की निंदा की गई है (Photo- Anadolu Agency)
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 26 नवंबर 2024,
  • अपडेटेड 6:39 PM IST

मध्य-पूर्व में चल रहे युद्ध के बीच अरब लीग ने रविवार को एक आपातकालीन बैठक बुलाई थी. इस बैठक में अरब लीग ने इराक को नुकसान पहुंचाने के इजरायल के किसी भी प्रयास को लेकर चेतावनी दी है. सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) जैसे देशों के लीग ने इस दौरान कहा है कि इजरायल अगर ऐसा कुछ करता है तो इससे क्षेत्र में चल रहे युद्ध का और अधिक विस्तार हो सकता है.

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तुर्की की न्यूज एजेंसी अनादोलु एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, अरब लीग ने आपातकालीन बैठक में एक प्रस्ताव पारित कर 'इराक सहित क्षेत्र में इजरायल के आक्रामक गतिविधियों के विस्तार की कोशिश' की निंदा की.

प्रस्ताव में चेतावनी दी गई कि इजरायल की आक्रामकता बढ़ने का खतरा है जिससे व्यापक क्षेत्रीय युद्ध छिड़ सकता है जो क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता के लिए खतरा बन सकता है.

प्रस्ताव पर क्या बोले मिस्र में कतर के राजदूत?

प्रस्ताव को पारित करने को लेकर मिस्र में कतर के राजदूत तारिक अल-अंसारी ने सोमवार को एक बयान में कहा, 'सभी अरब लीग के सदस्यों की सहमति से इराक का समर्थन करने के लिए प्रस्ताव को सर्वसम्मति से अपनाया गया है.'

अरब लीग की आपातकालीन बैठक इराक के अनुरोध पर बुलाई गई थी जिसमें लीग के स्थायी प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया था.

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संयुक्त राष्ट्र को इजरायल के पत्र से चिंतित है इराक

पिछले सप्ताह इजरायल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने कहा था कि उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष को एक पत्र भेजा है. पत्र में इजरायली विदेश मंत्री ने आह्वान किया था कि 'इराकी जमीन का इस्तेमाल कर इजरायल पर हमला कर रहे ईरान समर्थक मिलिशिया के खिलाफ तत्काल कार्रवाई' की जाए.

उन्होंने सुरक्षा परिषद से आग्रह किया कि यह कार्रवाई जरूरी है ताकि इराकी सरकार अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अपने दायित्वों को पूरा करे और इजरायल पर इन हमलों को रोका जाए.'

उधर, इराक के प्रधानमंत्री मोहम्मद शिया अल-सुडानी ने चेतावनी दी है कि संयुक्त राष्ट्र को भेजा गया इजरायली पत्र उनके देश पर हमला करने का बहाना बन सकता है.

बीते एक साल से अधिक समय से गाजा पर जारी है इजरायली हमला

गाजा में चल रहा संघर्ष लेबनान तक फैल गया है. इजरायल लेबनान स्थित ईरान के प्रॉक्सी हिज्बुल्लाह के साथ भी लड़ रहा है.

गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (आईसीसी) ने गाजा में युद्ध अपराध और मानवता के विरुद्ध अपराध के लिए इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और उनके पूर्व रक्षा मंत्री योव गैलेंट के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया. इजरायल को गाजा में युद्ध के लिए भी अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में नरसंहार के एक मामले का भी सामना करना पड़ रहा है.

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