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चीन ने समुद्र में दिखाई दादागिरी, ऑस्ट्रेलियाई नौसैनिकों पर 'सोनार पल्स' से किए हमले, 2 गोताखोर हुए चोटिल

ऑस्ट्रेलियाई रक्षा मंत्री ने कहा कि इस ऑपरेशन के संबंध में एक संदेश भी सामान्य समुद्री चैनलों के माध्यम से प्रेषित किया गया था. तभी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी-नेवी का युद्धपोत खतरनाक तरीके से ऑस्ट्रेलियाई जहाज के करीब आ गया.

अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में चीन और ऑस्ट्रेलिया की जहाजें एक दूसरे के आमने-सामने आ गईं. अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में चीन और ऑस्ट्रेलिया की जहाजें एक दूसरे के आमने-सामने आ गईं.
aajtak.in
  • कैनबरा ,
  • 18 नवंबर 2023,
  • अपडेटेड 1:30 PM IST

ऑस्ट्रेलिया ने आरोप लगाया है कि चीन ने उसके नौसैनिकों पर सोनार पल्स से हमले किए. जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र (Exclusive Economic Zone) के पास अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में एक चीनी युद्धपोत द्वारा 'असुरक्षित और गैर-पेशेवर' आचरण के कारण 14 नवंबर को ऑस्ट्रेलियाई नौसैनिकों को कथित तौर पर मामूली चोटें आईं. यह घटना तब हुई जब रॉयल ऑस्ट्रेलियन नेवी का HMAS टुवूम्बा शिप (HMAS Toowoomba  FFH 156) संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों को लागू करने वाले मिशन के लिए जापान के पास अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में काम कर रहा था. 

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ऑस्ट्रेलियाई रक्षा मंत्री रिचर्ड मार्ल्स ने शनिवार (18 नवंबर) को कहा कि उनकी सरकार ने एचएमएएस टुवूम्बा और पीपुल्स लिबरेशन आर्मी-नेवी (PLAN)) के युद्धपोत के बीच हुई मुठभेड़ के संबंध में चीनी पक्ष के सामने 'गंभीर चिंता' व्यक्त की है. रिचर्ड मार्ल्स के मुताबिक ऑस्ट्रेलियाई जहाज अपने निर्धारित दौरे पर जापान के बंदरगाह की ओर जा रहा था, तभी चालक दल के सदस्यों को पता चला कि मछली पकड़ने का जाल शिप के प्रोपेलर में फंस गया है. जहाज पर मौजूद गोताखोरों ने जाल को प्रोपेलर से निकालने के लिए पानी के अंदर अभियान शुरू किया. 

ऑस्ट्रेलियाई जहाज के सामने आया चीनी विध्वंसक

ऑस्ट्रेलियाई रक्षा मंत्री ने कहा कि इस ऑपरेशन के संबंध में एक संदेश भी सामान्य समुद्री चैनलों के माध्यम से प्रेषित किया गया था. तभी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी-नेवी का युद्धपोत खतरनाक तरीके से ऑस्ट्रेलियाई जहाज के करीब आ गया. ऑस्ट्रेलियाई गोताखोरों ने चीन के नौसैनिकों को बताया कि वे प्रोपेलर से जाल निकाल रहे हैं और उनसे अपनी जहाज को दूर ले जाने का अनुरोध किया. रिचर्ड मार्ल्स के अनुसार, 'दूसरी चेतावनी जारी होने के तुरंत बाद, पीएलए विध्वंसक डीडीजी-139 को अपने पतवार पर लगे सोनार को इस तरह से संचालित करते हुए पाया गया जिससे ऑस्ट्रेलियाई गोताखोरों की सुरक्षा को खतरा पैदा हो गया, और उन्हें पानी से बाहर निकलने के लिए मजबूर होना पड़ा.'

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'सोनार पल्स के संपर्क में आने के कारण आईं चोटें'

यह तब हुआ जब चीनी पक्ष ने ऑस्ट्रेलियाई गोताखोरों द्वारा भेजे गए संदेश को रिसीव कर लिया था. ऑस्ट्रेलियाई रक्षा मंत्री ने आरोप लगाया कि गोताखोरों को चीनी विध्वंसक के सोनार पल्स के संपर्क में आने के कारण मामूली चोटें आईं. मार्ल्स ने कहा, 'यह असुरक्षित और गैर-पेशेवर आचरण है. हमारे कर्मियों की सुरक्षा और भलाई हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है.' यूके की डाइविंग मेडिकल एडवाइजरी कमिटी के अनुसार, पानी के भीतर उच्च स्तर की ध्वनि (सोनार पल्स) के संपर्क में आने वाले गोताखोरों को चक्कर आने, बहरा होने या अन्य अंगों में चोट आ सकती है. 


इस घटना से ऑस्ट्रेलिया-चीन सुलह को लगेगा झटका?

चीन की यह आक्रामक कार्रवाई इस महीने की शुरुआत में ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज की बहुप्रतीक्षित बीजिंग यात्रा के बाद आई है, जहां चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने द्विपक्षीय संबंधों को स्थिर करने की प्रतिबद्धता दोहराई थी. कैनबरा को उम्मीद है कि चीन ऑस्ट्रेलियाई शराब पर बैन और अन्य व्यापार प्रतिबंधों को वापस ले लेगा जो पूर्व प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन के कार्यकाल के दौरान लगाए गए थे. हालांकि, अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में चीन की नौसेना की इस हरकत से स्पष्ट कर दिया है कि बीजिंग के साथ अत्यधिक अपेक्षित सुलह की कीमत चुकानी पड़ेगी, जिस पर अल्बानीज प्रशासन विचार करना चाहेगा.

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