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भारतवंशी जानेंगे राम मंदिर के 500 साल के संघर्ष की कहानी, US में होगा बड़ा कार्यक्रम

इस कार्यक्रम का आयोजन विश्व हिंदू परिषद की अमेरिकी इकाई और हिंदू यूनिवर्सिटी ऑफ अमेरिका मिलकर करने जा रहा है. इस वेबिनार की थीम '500 ईयर हिंदू स्ट्रगल टू रिबिल्ड श्रीराम मंदिर इन अयोध्या' है.

राम मंदिर राम मंदिर
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 08 दिसंबर 2023,
  • अपडेटेड 11:13 PM IST

अयोध्या में अगले साल राम मंदिर के उद्घाटन से पहले अमेरिका में भारतवंशियों के लिए एक खास कार्यक्रम का आयोजन होने वाला है. 
इसके तहत राम मंदिर के इतिहास से वाकिफ कराने वाली पांच भागों की एक वेबिनार सीरीज का आयोजन किया जाएगा.

इस वेबिनार की थीम '500 ईयर हिंदू स्ट्रगल टू रिबिल्ड श्रीराम मंदिर इन अयोध्या' है. इस कार्यक्रम का आयोजन विश्व हिंदू परिषद की अमेरिकी इकाई और हिंदू यूनिवर्सिटी ऑफ अमेरिका मिलकर करने जा रहे हैं. 

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कार्यक्रम के पहले दिन नौ दिसंबर को आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (एएसआई) के क्षेत्रीय निदेशक केके मुहम्मद का प्रेजेंटेशन होगा. मुहम्मद को उनके लंबे करियर में कई महत्वपूर्ण स्मारकों की खोज और उनके रिस्टोरेशन के लिए जाना जाता है. इसके लिए उन्हें 2019 में पद्मश्री से भी नवाजा जा चुका है. 

कार्यक्रम के दूसरे दिन 10 दिसंबर को बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी राम मंदिर निर्माण के ऐतिहासिक महत्व पर बात करेंगे. वहीं, ज्ञानवापी मस्जिद विवाद से जुड़े वकील विष्णु शंकर जैन छह जनवरी के वेबिनार में मुख्य वक्ता होंगे. इस दौरान वह राम मंदिर आंदोलन के पूरे आंदोलन के कानूनी पक्ष पर बात रखेंगे.

वेबिनार के चौथे दिन सात जनवरी को वैज्ञानिक और लेखक आनंद रंगनाथन ने 500 साल के हिंदू संघर्ष से लेकर अयोध्या राम मंदिर निर्माण पर अपनी बात रखेंगे.

वेबिनार के पांचवें और आखिरी दिन 13 जनवरी को राम मंदिर के पुनर्निर्माण में हिंदू अमेरिकी नागरिकों के योगादान पर फोकस किया जाएगा. हालांकि, आखिरी वेबिनार के वक्ताओं की लिस्ट अभी तक जारी नहीं की गई है.

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हिंदू यूनिवर्सिटी ऑफ अमेरिका और अमेरिका के विश्व हिंदू परिषद की ओर से जारी संयुक्त बयान में कहा गया कि इन वेबिनार के जरिए हिंदू संघर्षों के लंबे इतिहास को  याद किया जाएगा.

22 जनवरी को होगी राम लला की प्राण प्रतिष्ठा

अयोध्या में भव्य राम मंदिर का उदघाटन 22 जनवरी 2024 को होगा. राम मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास जी महाराज के मुताबिक, 15 से 24 जनवरी के बीच अनुष्ठान होगा. इस दौरान प्राण प्रतिष्ठा भी होगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 जनवरी को अयोध्या आएंगे और उसी दिन रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होगी. रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद 24 जनवरी से मंदिर आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा.

राम मंदिर ढाई एकड़ में बना हुआ है. लेकिन अगर इसमें 'परिक्रमा पथ' भी जोड़ लिया जाए तो ये पूरा परिसर आठ एकड़ का हो जाता है. ये तीन मंजिला होगा और इसकी ऊंचाई 162 फीट होगी.  पूरा मंदिर परिसर बनने में 1,700 से 1,800 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है.

मंदिर के गर्भगृह में एक चबूतरा बनाया जाएगा. इसी चबूतरे पर रामलला की मूर्ति को स्थापित किया जाएगा. रामलला की ये मूर्ति 51 इंच की होगी.

मंदिर परिसर में राम मंदिर के अलावा छह और मंदिर बनाए जा रहे हैं. सिंह द्वार से राम मंदिर में प्रवेश करने से पहले पूर्वी दिशा में एक मुख्य द्वार होगा, जहां से श्रद्धालु परिसर में आएंगे. मंदिर का मुख्य प्रवेश द्वार 'सिंह द्वार' होगा. राम मंदिर में कुल 392 पिलर होंगे. गर्भगृह में 160 और ऊपरी तल में 132 खंभे होंगे. मंदिर में 12 द्वार होंगे. इन्हें सागौन की लकड़ी से बनाया जा रहा है.

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प्राण प्रतिष्ठा के बाद जब मंदिर को आम लोगों के लिए खोला जाएगा तो हर दिन डेढ़ लाख श्रद्दालुओं के आने की उम्मीद है. इसलिए रामलला के दर्शन के लिए हर श्रद्धालु को 15 से 20 सेकंड का समय ही मिलेगा.

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