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पाकिस्तान के साथ बांग्लादेश के संबंध भारत के लिए खतरा? यूनुस के सलाहकार ने दिया जवाब

बांग्लादेश के साथ तनावपूर्ण रिश्तों के बीच विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने बांग्लादेशी समकक्ष तौहीद हुसैन से मुलाकात की है. इस मुलाकात के बाद हुसैन ने पाकिस्तान के साथ बांग्लादेश के रिश्तों और उस पर भारत की चिंता पर बात की है.

विदेश मंत्री एस जयशंकर अपने बांग्लादेशी समकक्ष तौहीद हुसैन के साथ (Photo- X) विदेश मंत्री एस जयशंकर अपने बांग्लादेशी समकक्ष तौहीद हुसैन के साथ (Photo- X)
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 17 फरवरी 2025,
  • अपडेटेड 6:35 PM IST

शेख हसीना सरकार के पतन के बाद भारत-बांग्लादेश के रिश्ते तनावपूर्ण बने हुए हैं. एक तरफ जहां बांग्लादेश भारत से दूरी बना रहा है तो वहीं, कभी दुश्मन देश रहे पाकिस्तान से उसकी दोस्ती बढ़ती जा रही है. पाकिस्तान के साथ बढ़ती दोस्ती और उस पर भारत की चिंताओं का बांग्लादेश ने जवाब दिया है. बांग्लादेश के विदेश मामलों के सलाहकार तौहीद हुसैन ने भारत को आश्वासन देते हुए कहा है कि बांग्लादेश-पाकिस्तान संबंधों की वजह से भारत की सुरक्षा को खतरे में नहीं डाला जाएगा.

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रविवार को तौहीद हुसैन ओमान की राजधानी मस्कट में आयोजित Indian Ocean Conference में विदेश मंत्री एस जयशंकर से मिले.

उनसे मुलाकात के बाद Wion से बात करते हुए हुसैन ने कहा, 'पाकिस्तान के साथ बांग्लादेश के संबंधों के कारण भारत की सुरक्षा को खतरे में नहीं डाला जाएगा. हम पाकिस्तान को दूसरे देशों जैसा ही मानते हैं. पाकिस्तान के साथ हमारे संबंधों को लेकर बेवजह शोर-शराबा मचाया जा रहा है. हम किसी अन्य देश की तरह ही पाकिस्तान से अपने संबंधों को सामान्य बना रहे हैं.'

विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ द्विपक्षीय बैठक के बारे में बात करते हुए तौहीद हुसैन ने कहा, 'बांग्लादेश और भारत को परस्पर लाभकारी अच्छे संबंधों की जरूरत है. हम इस पर काम कर रहे हैं. विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर के साथ मेरी अच्छी बैठक हुई. हमने कई मुद्दों पर चर्चा की. उन्होंने अल्पसंख्यकों की स्थिति, ट्रंप प्रशासन के साथ संबंध, सीमा की स्थिति सहित कई मुद्दों पर बात की.'

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बांग्लादेशी समकक्ष से मुलाकात के बाद क्या बोले विदेश मंत्री जयशंकर

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने बांग्लादेशी समकक्ष से मुलाकात के बाद कहा कि वार्ता दोनों देशों के द्विपक्षीय रिश्तों और Bay Of Bengal Initiative for Multi-Sectoral Technical and Economic Cooperation (BIMSTEC) पर आधारित थी.

शेख हसीना के पतन के बाद सबसे खराब दौर में हैं भारत-बांग्लादेश के रिश्ते

भारत बांग्लादेश को अपना सबसे भरोसेमंद दोस्त मानता था लेकिन पिछले साल अगस्त में कुछ ऐसा हुआ कि दोनों देशों के रिश्ते बेहद तनावपूर्ण हो गए. बांग्लादेश में जुलाई-अगस्त के महीने में हुए हिंसक छात्र आंदोलन ने तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना को देश छोड़कर भागने के लिए मजबूर कर दिया. वो बांग्लादेश छोड़कर भारत भाग आईं.

बांग्लादेश में 84 साल के नोबेल पुरस्कार विजेता प्रो. मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार का गठन हुआ. यूनुस के नेतृत्व वाली बांग्लादेशी सरकार भी देश को स्थिर करने में अब तक नाकाम रही है और वहां से लगातार हिंदुओं पर हमले की खबरें आती रही हैं. इसे लेकर भारत ने कई बार विरोध जताया है. 

बांग्लादेश और भारत के बीच तनावपूर्ण रिश्तों की एक वजह शेख हसीना भी रही हैं. बांग्लादेश लगातार भारत से शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग कर रहा है लेकिन शेख हसीना अभी भी भारत में रह रही हैं. वो भारत में रहकर यूनुस सरकार की आलोचना भी करती आई हैं जिसे लेकर बांग्लादेश ने विरोध जताया है.

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भारत से तनावपूर्ण रिश्तों के बीच बांग्लादेश पाकिस्तान के साथ अपनी दुश्मनी खत्म कर चुका है. दोनों देशों के बीच समुद्री रास्ते के जरिए व्यापार शुरू हो चुका है और दोनों देशों से शीर्ष नेता, अधिकारी लगातार एक-दूसरे के देशों का दौरा कर रहे हैं. 

कुछ हफ्ते पहले ही पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी के अधिकारियों ने बांग्लादेश का दौरा किया था ताकि द्विपक्षीय रिश्तों को बढ़ाया जा सके. भारत दोनों देशों के बढ़ते रिश्तों को संदेह की दृष्टि से देखता है.

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