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फिर सामने आया टुड्रो सरकार का असली चेहरा, खालिस्तानी गिरोह का हिस्सा रहे पुलिस अधिकारी को दी क्लीन चिट

कनाडा की पुलिस ने कहा कि हरिंदर सोही लोगों को निहत्था करने की कोशिश कर रहा था. पुलिस ने कहा कि मंदिर के पास विरोध प्रदर्शन तेजी से बढ़ गया, जिससे सुरक्षा संबंधी चिंताएं पैदा हो गईं और अधिकारियों ने उन वस्तुओं को जब्त कर लिया, जिनका इस्तेमाल हथियार के रूप में किया जा सकता था.

सार्जेंट हरिंदर सोही ब्रैम्पटन में हिंदू सभा मंदिर के बाहर विरोध प्रदर्शन में शामिल था. (Photo: Social Media) सार्जेंट हरिंदर सोही ब्रैम्पटन में हिंदू सभा मंदिर के बाहर विरोध प्रदर्शन में शामिल था. (Photo: Social Media)
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 15 नवंबर 2024,
  • अपडेटेड 3:18 PM IST

खालिस्तान समर्थक प्रदर्शन में शामिल होने के कारण निलंबित किए गए एक पुलिस अधिकारी को कनाडा सरकार ने क्लीन चिट दे दी है. इस प्रदर्शन में शामिल लोगों ने ब्रैम्पटन में एक हिंदू मंदिर के परिसर में जाकर श्रद्धालुओं पर हमला किया था.

कनाडा की क्षेत्रीय पुलिस ने कहा कि मंदिर पर हमले के वायरल वीडियो में देखा गया पुलिस अधिकारी हरिंदर सोही उन लोगों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहा था, जिन्होंने सरेंडर करने इनकार कर दिया था. 3 नवंबर के कई वीडियो में सोही आक्रामक तरीके से खालिस्तानी झंडा लहराते हुए देखा जा गया था.

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अब कनाडा की स्थानीय पील पुलिस ने बयान जारी करते हुए कहा है कि जांच के दौरान अधिकारी ने अपने कर्तव्यों का काननी रूप ढंग से पालन किया. यह घटना दिवाली के सप्ताहांत की है, जब खालिस्तान समर्थक प्रदर्शनकारियों ने ब्रैम्पटन स्थित हिंदू सभा मंदिर में घुसकर तोड़फोड़ की, जहां भारतीय उच्चायोग ने सार्वजनिक शिविर लगाया हुआ था. जब भीड़ भारत विरोधी नारे लगा रही थी तब पील पुलिस के सार्जेंट सोही ने खालिस्तानी झंडा थाम रखा था.

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सोही को क्लीन चिट

अब सोही को क्लीन चिट देना आश्चर्यजनक है. पील पुलिस ने कहा कि सोही लोगों को निहत्था करने की कोशिश कर रहा था, क्योंकि वीडियो में उसे सादे कपड़ों में और ड्यूटी से बाहर दिखाया गया था. पुलिस ने कहा कि मंदिर के पास विरोध प्रदर्शन तेजी से बढ़ गया, जिससे सुरक्षा संबंधी चिंताएं पैदा हो गईं और अधिकारियों ने उन वस्तुओं को जब्त कर लिया, जिनका इस्तेमाल हथियार के रूप में किया जा सकता था.

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पील पुलिस का कहना है कि अधिकारियों ने तनाव कम करने की कोशिश की. कनाडाई पुलिस ने कहा, "शांति और व्यवस्था बनाए रखने तथा चोटों और आगे बढ़ने से रोकने के लिए, अधिकारियों ने कई वस्तुओं को जब्त करना शुरू कर दिया, जिनका इस्तेमाल हथियार के रूप में किया जा सकता था, जिनमें बल्ले, लाठियां और झंडे के डंडे शामिल थे."

पील पुलिस ने झगड़े में अधिकारी का बॉडीकैम फुटेज जारी किया, जिसमें सोही एक ऐसे व्यक्ति को निहत्था करने का प्रयास करते हुए दिखाई दे रहे हैं, जो हथियार देने से इनकार कर रहा था और आक्रामक हो गया था. फुटेज में दिख रहा है कि अधिकारी एक आदमी के पास जाता है जिसके हाथ में डंडा है और वह उससे डंडा छीनने की कोशिश कर रहा है. आदमी ने इसका विरोध किया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच थोड़ी झड़प हुई और फिर अधिकारी ने डंडा जब्त कर लिया और भीड़ को तितर-बितर कर दिया.

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मंदिर परिसर में घुस गए थे खालिस्तानी

आपको बता दें कि पुलिस और खालिस्तानी समर्थकों के बीच विवाद के दौरान, एक कनाडाई पुलिस अधिकारी हरिंदर सोही को खालिस्तानी झंडा पकड़े हुए कैमरे में कैद किया गया था और उस दौरान लाठी-डंडों से लैस समर्थक भारत विरोधी नारे लगा रहे थे. पील क्षेत्रीय पुलिस के सार्जेंट सोही को वीडियो वायरल होने के बाद निलंबित कर दिया गया. कनाडाई पुलिस ने बयान में कहा, "जांच के बाद, यह निर्धारित किया गया कि वीडियो में दिखा रहा अधिकारी एक ऐसे व्यक्ति को निहत्था करने का प्रयास कर रहा था, जिसने अपना हथियार सौंपने से इनकार कर दिया था और टकराव की स्थिति में आ गया था. इस तरह उसने अपने कर्तव्यों का विधिसम्मत निष्पादन किया."

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ब्रैम्पटन में हिंदू श्रद्धालुओं पर हमले के बाद, पीएम मोदी सहित भारत के विदेश मंत्रालय ने कनाडा में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के बारे में गंभीर चिंता व्यक्त की थी और कनाडा सरकार से ऐसे हमलों से पूजा स्थलों की रक्षा करने का आग्रह किया था.

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