
चीन और ताइवान के बीच एक बार फिर तनाव बढ़ गया है. चीन की ओर से ताइवान के पास 'लाइव फायर' ड्रिल के ऐलान के बाद द्वीपीय देश ने बुधवार को अपनी सेना तैनात कर दी. ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने चीन के इन अभ्यासों को 'खतरनाक' करार देते हुए कड़ी निंदा की है.
चीन ने तैनात किए 32 फाइटर जेट
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, चीन ने ताइवान के चारों ओर 32 सैन्य विमान तैनात किए हैं और द्वीप के दक्षिण में लगभग 40 समुद्री मील (74 किमी) की दूरी पर 'लाइव फायर' अभ्यास शुरू किया है. इस स्थिति को देखते हुए ताइवान ने अपनी नौसेना, वायु सेना और थल सेना को सतर्क रहने, निगरानी करने और उचित प्रतिक्रिया देने के निर्देश दिए हैं.
लोकतांत्रिक रूप से शासित ताइवान को चीन अपना क्षेत्र मानता है जबकि ताइवान बीजिंग के ऐसे दावों को सख्ती से खारिज करता रहा है. उसका कहना है कि केवल ताइवान के लोग ही उसका भविष्य तय कर सकते हैं और बीजिंग को इस फैसले का सम्मान करना चाहिए.
न्यू ईयर स्पीच में दी थी चेतावनी
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अपनी नए साल की स्पीच में 2.3 करोड़ लोगों की आबादी वाले देश ताइवान की स्वतंत्रता का समर्थन करने वाली ताकतों को स्पष्ट चेतावनी दी थी. उन्होंने अपनी न्यू ईयर स्पीच में कहा था कि चीन के साथ ताइवान के विलय को कोई नहीं रोक सकता. ताइवान के अधिकारियों ने इसे द्वीप पर अपनी सैन्य उपस्थिति को सामान्य करने के चीन का प्रयास बताया है.
चीन और ताइवान के बीच पुराना तनाव
पिछले कुछ वर्षों में चीन और ताइवान के बीच तनाव बढ़ गया है, खासकर लाई चिंग-ते के मई 2024 में ताइवान के राष्ट्रपति बनने के बाद. लाई चिंग-ते को चीन 'अलगाववादी' नेता मानता है, जो स्वतंत्र एवं संप्रभु ताइवान की वकालत करते हैं. चीन साफ तौर पर कहता रहा है कि वह ताइवान को अपने नियंत्रण में लेने के लिए बल प्रयोग से पीछे नहीं हटेगा. राष्ट्रपति लाई चिंग-ते के सत्ता में आने के बाद से चीन तीन दौर का सैन्य अभ्यास कर चुका है.