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China Anti-Ballistic Missile Test: चीन ने बनाया ऐसा हथियार जो सुदर्शन चक्र की तरह करता है हमला

New Chinese Anti-Missile Test: चीन ने सुदर्शन चक्र की तरह हमला करने वाला हथियार बनाया है. यह दुश्मन की बैलिस्टिक मिसाइलों को घेर के मारता है. इसे बनाने का मकसद है 'Hit to Kill'. पश्चिमी देशों में इस हथियार को लेकर काफी डर का माहौल बना हुआ है. आइए जानते हैं इसके बारे में...

China's Sudarshan Chakra: ये हथियार दुश्मन की मिसाइल की तरफ घूमते हुए जाता है. (फोटोः ट्विटर/द रेजएक्स) China's Sudarshan Chakra: ये हथियार दुश्मन की मिसाइल की तरफ घूमते हुए जाता है. (फोटोः ट्विटर/द रेजएक्स)
ऋचीक मिश्रा
  • बीजिंग/वॉशिंगटन/लंदन,
  • 24 जून 2022,
  • अपडेटेड 11:41 AM IST
  • पश्चिमी देशों में खौफ का माहौल, खासकर अमेरिका में
  • US के THAAD सिस्टम की तरह है ये नया हथियार

चीन ने हाल ही में एक ऐसे हथियार का सफल परीक्षण किया जिससे पश्चिमी देशों में खौफ पैदा हो गया है. क्योंकि यह हथियार सुदर्शन चक्र की तरह दुश्मन की मिसाइलों पर हमला करता है. इसका वीडियो भी है. जिसमें वह चक्र की तरह घूमते हुए टारगेट की तरफ बढ़ता हुआ दिख रहा है. ये वीडियो आपको इस खबर में देखने को मिलेगा. चीन के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यह हथियार देश की मिलिट्री ताकत को बढ़ाने के लिए है ताकि वह अपनी सुरक्षा को मजबूत कर सकें. 

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चीन के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि यह जमीन से छोड़ी जाने वाली बैलिस्टिक मिसाइल को इंटरसेप्ट करने के लिए बनाया गया हथियार है. जो परीक्षण किया गया है वो सुरक्षात्मक है. हथियार को किसी देश की तरफ नहीं छोड़ा गया था. परीक्षण चीन की सीमा के अंदर ही किया गया है. आमतौर पर बैलिस्टिक मिसाइल अंतरमहाद्वीपीय यानी ICBM होती हैं, उन्हें रोकने के लिए चीन ने यह इंटरसेप्टर हथियार बनाया है. इस हथियार के नाम का खुलासा नहीं किया गया है. 

माना जा रहा है कि ये हथियार मिड-कोर्स रेंज का एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल सिस्टम HQ19 है. या फिर कुछ नया. (फोटोः ट्विटर/द रेजएक्स)

12 साल में चीन ने किए छह एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल टेस्ट

चीन के हथियार की टेक्नीक और जारी वीडियो से पता लगता है कि यह मिसाइल मध्यम दूरी तक मार कर सकती है. सीएनएन ने चीन के सरकारी मीडिया संस्थान ग्लोबल टाइम्स के हवाले से लिखा है कि यह चीन का छठा लैंड बेस्ड एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण था. चीन लगातार साल 2010 से इस तरह के परीक्षण कर रहा है. इस टेस्ट से पहले फरवरी 2021 में चीन ने इसी तरह का परीक्षण किया था. 

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ये है चीन का HQ9 मिसाइल डिफेंस सिस्टम, जो छोटी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों से बचाता है. (फोटोः AFP)

नए हथियार के बारे में कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं की

कार्नेगी एंडाउमेंट ऑफ इंटरनेशनल पीस में न्यूक्लियर पॉलिसी प्रोग्राम के एक्सपर्ट तॉन्ग झाओ ने कहा कि चीन कई लेयर्स का मिसाइल डिफेंस सिस्टम बना रहा है. इसमें कम दूरी, मध्यम दूरी और लंबी दूरी की मिसाइलों को मार गिराने की क्षमता शामिल है. चीन ने कम दूरी और मध्यम दूरी के लिए दो एंटी-मिसाइल सिस्टम बना रखे हैं. पहला HQ9 और दूसरा HQ19 मिसाइल डिफेंस सिस्टम. लेकिन अभी लंबी दूरी की एंटी-मिसाइल इंटरसेप्टशन सिस्टम के बारे में किसी तरह की जानकारी सार्वजनिक नहीं की है. 

अमेरिका के THAAD सिस्टम की तरह लगता हैः एक्सपर्ट 

दुनियाभर के रक्षा एक्सपर्ट का मानना है कि परीक्षण के जो वीडियो वायरल हुए हैं, उन्हें देखकर लगता है कि ये मीडियम रेंज HQ19 मिसाइल डिफेंस सिस्टम हो सकता है. जो अमेरिका के टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस (THAAD) सिस्टम की तरह है. या फिर कोई नया मिड-कोर्स एंटी-मिसाइल सिस्टम है. 

ये है अमेरिका का THAAD मिसाइल डिफेंस सिस्टम जो गुआम और हवाई जैसे महत्वपूर्ण जगहों पर तैनात है. (फोटोः AFP)

अमेरिका का टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस (THAAD) सिस्टम दुश्मन की कम, मध्यम और इंटरमीडिएट बैलिस्टिक मिसाइलों को मार गिराने के लिए बनाई गई थी. इसे गुआम और हवाई में तैनात किया गया है ताकि उनकी सुरक्षा की जा सके. इसके अलावा और कई महत्वपूर्ण स्थानों पर भी थाड की तैनाती की गई है. 

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