Advertisement

मसूद अजहर को बचाने के लिए US से भिड़ा चीन, कहा- जबरन लाया जा रहा प्रस्ताव

अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने के लिए पहली बार सीधे सुरक्षा परिषद में एक मसौदा प्रस्ताव भेजा है. इससे चीन बौखला गया है और अमेरिका को चेतावनी दी है. इससे पहले चीन चार बार वीटो पावर का इस्तेमाल करके मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने की कोशिश को विफल कर चुका है.

आतंकी मसूद अजहर आतंकी मसूद अजहर
aajtak.in
  • संयुक्त राष्ट्र/बीजिंग,
  • 28 मार्च 2019,
  • अपडेटेड 7:45 PM IST

खूंखार आतंकी मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने को लेकर अमेरिका और चीन आमने-सामने आ गए हैं. जहां अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन और भारत समेत कई देश आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को वैश्विक आतंकवादियों की सूची में शामिल कराने की सभी कोशिशें कर रहे हैं, तो चीन और पाकिस्तान उसको बचाने में जुटे हुए हैं. चीन मसूद को वैश्विक आतंकी घोषित करने के अंतरराष्ट्रीय प्रयासों को लगातार विफल कर रहा है. चीन मसूद को बचाने के लिए अब तक चार बार वीटो पावर का इस्तेमाल कर चुका है.

Advertisement

अब जब अमेरिका मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी की सूची में शामिल करने के लिए सुरक्षा परिषद में फिर से प्रस्ताव ला रहा है, तो चीन बौखलाया हुआ है और चेतावनी दी है. चीन आतंकी मसूद अजहर के लिए अमेरिका से भिड़ने को तैयार हो गया है. उसने अमेरिका पर मसूद अजहर के खिलाफ जबरन प्रस्ताव लाने का आरोप भी लगाया है. हालांकि अमेरिका के इस प्रस्ताव को फ्रांस और ब्रिटेन का भी समर्थन प्राप्त है.

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने कहा कि अमेरिका 1267 सैंक्शंस कमेटी को बाइपास करके सीधे सुरक्षा परिषद में प्रस्ताव ला रहा है. यह बातचीत के माध्यम से मुद्दे को सुलझाने का सही तरीका नहीं है. बीजिंग में विदेश मंत्रालय की मीडिया ब्रीफिंग के दौरान चीनी प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिका का यह कदम सुरक्षा परिषद की अहम आतंकवाद-रोधी 1267 सैंक्शंस कमेटी के अधिकार को कम करने वाला है.

Advertisement

उन्होंने कहा, 'यह प्रस्ताव लाने का सही तरीका नहीं है और वैश्विक एकजुटता के अनुरूप नहीं है. इससे यह मुद्दा सिर्फ जटिल ही होगा. लिहाजा हम अमेरिका से अपील करते हैं कि वो सतर्कता से काम ले और जबरन प्रस्ताव को आगे बढ़ाने से बचे.' इससे पहले मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित कराने की कोशिशों पर चार बार अड़ंगा लगा चुका है.

आपको बता दें कि जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आतंकी हमले के बाद अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन ने मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने के लिए सुरक्षा परिषद में प्रस्ताव लाया था. हालांकि चीन ने मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने की कोशिश पर अड़ंगा लगा दिया था. इसको लेकर अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी.

पुलवामा आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे. इस आतंकी हमले की जिम्मेदारी मसूद अजहर के संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी. इसके बाद भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के बालाकोट में घुसकर जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की थी. इसमें काफी संख्या में आतंकियों के मारे जाने की बात कही जा रही है. वहीं, भारतीय वायुसेना की इस कार्रवाई से बौखलाए पाकिस्तान भारतीय क्षेत्र में हवाई हमला किया था, जिसका भारतन भी मुंहतोड़ जवाब दिया था और पाकिस्तान के एफ-16 लड़ाकू विमान को मार गिराया था.

Advertisement

अमेरिका ने पहली बार सुरक्षा परिषद को सीधे भेजा प्रस्ताव

संयुक्त राष्ट्र के सूत्रों ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि पहली बार बुधवार को अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने मसूद अजहर का नाम ब्लैक लिस्ट में डालने के लिए सीधे सुरक्षा परिषद में एक मसौदा प्रस्ताव भेजा है. ऐसा प्रस्ताव अनापत्ति संबंधी किसी प्रावधान के तहत नहीं आता. अगर मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी की सूची में शामिल कर लिया जाता है, तो उसकी यात्रा पर प्रतिबंध लग जाएगा और उसकी संपत्ति जब्त कर ली जाएगी.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement