
चीन में इन दिनों कई बड़े फेर-बदल देखने को मिल रहे हैं. राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अपने रक्षा मंत्री बदलने के 24 घंटे के अंदर एक और बड़ा फैसला कर सबको हैरान कर दिया. चीन की आधिकारिक मीडिया ने शनिवार को बताया कि संसद से पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के नौ वरिष्ठ जनरलों को संसद से बर्खास्त कर दिया है, जिसमें रॉकेट फोर्स के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं.
देखते थे परमाणु हथियारों का कामकाज
चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, देश की संसद ने नेशनल पीपुल्स कांग्रेस (एनपीसी) से बर्खास्त किए गए लोगों में पीएलए रॉकेट फोर्स के पांच शीर्ष कमांडर भी शामिल हैं जो देश के परमाणु हथियारों के घटक मिसाइल विभाग का कामकाज देखते थे.
वायुसेना के कमांडर को भी किया बर्खास्त
एनपीसी की घोषणा के अनुसार, जिन लोगों की सदस्यता एनपीसी से समाप्त की गई हैं. उनमें झांग झेंझोंग, झांग यूलिन, राव वेनमिन, जू शिनचुन, डिंग लाइहांग, लू होंग, ली युचाओ, ली चुआंगुआंग और झोउ यानिंग शामिल हैं. इनके अलावा वायुसेना के पूर्व कमांडर को भी बर्खास्त किया गया है. रिपोर्ट में एनपीसी की स्थायी समिति की घोषणा की गई है, लेकिन उनकी बर्खास्तगी को लेकर कुछ में कारण नहीं बताया गया.
रक्षा मंत्री बदलने के बाद लिया फैसला
देश की सत्ता पर काबिज कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ साइना (सीपीसी) का हिस्सा चीनी सेना के सदस्यों की एक बड़ी संख्या को एनपीसी में नियुक्त किया गया है. इन सभी अधिकारियों की बर्खास्तगी एनपीसी द्वारा पूर्व नौसेना कमांडर जनरल डोंग जून को बिना किसी कारण के जनरल ली शांगफू की बर्खास्तगी के दो महीने बाद हाल ही में नियुक्त किए गए नए रक्षा मंत्री की नियुक्ति के बाद किया है. चीन के रक्षा मंत्री ली शांगफू अगस्त में रहस्यमयी तरीके से गायब हो गए थे, जिसका अब तक पता नहीं चल सका है.
पहले भी बर्खास्त किए जा चुके हैं PLA के जनरल
साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के अनुसार, चीन में एक नए भ्रष्टाचार विरोधी अभियान के कारण रॉकेट फोर्स के कई पूर्व और वर्तमान वरिष्ठ कमांडरों की हटाया गया है. सेना की एंट्री भ्रष्टाचार बॉडी के इस वक्त के कमांडर ली युचाओ के साथ डिप्टी झांग झेंझोंग और लियू गुआंगबिन के वर्तमान और अतीत की जांच कर रही है. ली को साल 2015 में सेना में बड़े बदलावों को दौरान कमांडर बनाया गया था.
यह पहली बार नहीं है कि पीएलए के शीर्ष जनरलों को भ्रष्टाचार के लिए बर्खास्त किया गया है, 2012 में शी के सत्ता में आने के बाद उनमें से कई को भ्रष्टाचार और सत्ता के दुरुपयोग के लिए हटा दिया गया था.