
नवाज शरीफ की बेटी मरियम नवाज का यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद के साथ हाथ मिलाना इस समय पाकिस्तान में चर्चा का विषय बना हुआ है. इसकी एक तस्वीर भी खूब वायरल हो रही है. मीडिया से लेकर सोशल मीडिया तक मरियम नवाज के यूएई प्रेसिडेंट के हाथ पर हाथ रखने को लेकर कई प्रतिक्रियाएं भी देखने को मिल रही हैं. जहां एक तरफ कुछ लोग इसे आजकल के समय के हिसाब से बिल्कुल ठीक बता रहे हैं तो दूसरी तरफ कुछ लोगों ने इसे शरीयत यानी इस्लामी कानूनों के खिलाफ बताते हुए गलत करार दिया है.
सोशल मीडिया पर इमरान खान के समर्थकों और शहबाज शरीफ व मरियम के समर्थकों में भी जमकर आपसी बहस चल रही है. जहां इमरान खान के समर्थक इसे पाकिस्तान के लिए शर्मनाक बता रहे हैं तो मरियम नवाज के समर्थक उन्हें याद दिला रहे हैं कि कैसे अपनी सत्ता के समय इमरान खान भी गैर महिलाओं से हाथ मिलाते रहे हैं.
वहीं मरियम नवाज को सोशल मीडिया पर इसलिए भी ट्रोल किया जा रहा है क्योंकि लोगों का कहना है कि कुछ समय पहले जब उन्हें एक मामले में जांच एजेंसी एनबीए के समक्ष पेश होना था तो उन्होंने जांच में न शामिल होने का बेहद अजीब बहाना दिया था. उस समय मरियम नवाज ने कहा था कि वह जांच में शामिल इसलिए नहीं होना चाहती हैं क्योंकि पूछताछ करने वाले सभी व्यक्ति गैर महरम होंगे और वह उस से असहज होंगी.
निजी यात्रा पर पाकिस्तान पहुंचे यूएई के राष्ट्रपति, ऐसे हो गया विवाद
मंगलवार को संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद और उप राष्ट्रपति शेख मंसूर बिन जायद पाकिस्तान की निजी यात्रा पर पहुंचे. पाकिस्तान के रहीम यार खान इलाके में बने एयरपोर्ट पर खुद प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और उनकी भतीजी मरियम नवाज ने गर्मजोशी से उनका स्वागत किया. स्वागत के दौरान ही पंजाब प्रांत की मुख्यमंत्री मरियम नवाज ने यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद से आगे बढ़कर हाथ मिलाया. देखने में यह एक आम बात लगती है लेकिन मरियम का यूएई के राष्ट्रपति के हाथ पर रखे हाथ का जब फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो पाकिस्तान में विवाद खड़ा हो गया.
मरियम नवाज का किसी गैर महरम यानी परिवार से बाहर किसी अन्य पुरुष से हाथ मिलाना पाकिस्तान में इस्लामी कानूनों से जुड़ा मुद्दा बन गया. दरअसल, इस्लाम में महरम उसे कहा जाता है जिससे निकाह करना अवैध हो. पिता और भाई को महरम माना जाता है. इस्लाम में महिला को महरम या शौहर यानी पति के सामने ही पर्दा न करने की आजादी है. इसके अलावा अन्य कोई भी पुरुष के सामने पर्दा जरूरी होता है. हालांकि, सिर्फ महिलाओं के लिए ही नहीं बल्कि पुरुषों के लिए भी कुछ ऐसे ही नियम इस्लाम में हैं लेकिन अधिकतर इस्लामिक राष्ट्रों में पुरुष प्रधान सोच की वजह से महिलाओं पर सख्ती ज्यादा नजर आती है.
मरियम नवाज गलत तो फिर पूर्व पीएम इमरान खान भी गलत हैं!
मरियम नवाज के यूएई के राष्ट्रपति से हाथ मिलाने को लेकर पाकिस्तान के मशहूर यूट्यूबर मंसूर अली खान कहते हैं कि अगर मरियम ने किसी गैर महरम से हाथ मिलाया है और उसे गलत बताया जा रहा है तो ऐसे तो इमरान खान ने भी अलग-अलग देशों की महिला प्रतिनिधियों से हाथ मिलाया तो उस अनुसार तो वह भी गलत हैं.
मंसूर अली खान ने कहा कि इमरान खान के बच्चे विदेश में रहते हैं तो क्या वह बच्चे वहां किसी गैर महिला से हाथ नहीं मिलाते होंगे, बिल्कुल मिलाते होंगे. ऐसे में मरियम के लिए भी कोई एतराज तो नहीं बनता है. हालांकि, मंसूर अली खान ने मरियम नवाज की भी आलोचना की. उन्होंने कहा कि मरियम नवाज ने भी कुछ समय पहले एक जांच में शामिल होने के लिए सिर्फ इसलिए मना कर दिया था क्योंकि उन्हें गैर महरम के सामने पेश होना था. उस समय मरियम ने शरीयत का हवाला देते हुए जांच से बचने की कोशिश की थी. ऐसे में इस मामले में मरियम नवाज का भी दोहरा चेहरा नजर आ रहा है.
मरियम नवाज को लेकर सोशल मीडिया पर कैसी हैं प्रतिक्रियाएं?
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पाकिस्तानी यूजर जोहा ने मरियम नवाज की इस्लामिक वजह से ट्रोलिंग का बचाव किया. जोहरा ने पोस्ट में इमरान खान की दूसरे देशों की महिला प्रतिनिधियों के साथ हाथ मिलाते हुए फोटो शेयर की और कहा कि उस समय आप लोगों का इस्लामी नजरिया कहां चला गया था. जोहा ने कहा कि महिला के मामले में हमेशा धर्म को बीच में नहीं ले आओ. जोहा ने आगे कहा कि, जरा सा हाथ मिलाना ही धार्मिक मुद्दा बना दिया, कुछ अच्छा करिए.
जोहा के ही पोस्ट पर इमरान खान के एक समर्थक ने उन्हें जवाब दिया. इमरान खान के समर्थक ने कहा कि, यह बात सिर्फ हाथ मिलाने वाली नहीं है. बल्कि यह है कि जब मरियम को जांच एजेंसी के सामने पेश होना था तो गैर मर्दों से भरे कमरे में जांच के लिए जाना नहीं चाहती थी. अब सब महरम हो गए?
पाकिस्तान के अन्य यूजर ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि, ''खुदी को कर बुलंद इतना कि हर तकदीर से पहले खुदा बंदे से ये पूछे कि तेरी रजा किया है. अब मरियम नवाज का हाथ मिलाना देखिए. इन्हें राष्ट्र के सम्मान और अपनी खुद की इज्जत की कोई कद्र नहीं है.
इमरान खान सरकार में प्रवक्ता रहे डॉक्टर शहबाज गिल ने भी एक्स पर मरियम नवाज पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि यूएई और पाकिस्तान के बीच रिश्तों का अच्छा इतिहास है लेकिन यह देखना दुर्भाग्यपूर्ण है कि शहबाज शरीफ का परिवार अपनी दागी राजनीतिक विरासत को पुनर्जीवित करने के लिए विदेशी नेताओं के साथ फोटो खिंचवाने के अवसर की तलाश में है. शहबाज गिल ने आगे कहा कि शरीफ परिवार राजनयिक मानदंडों और प्रोटोकॉल की अवहेलना की है जिसके लिए पाकिस्तान के लोग उनके भ्रष्टाचार और बेईमानी की निंदा करते हैं.
वहीं एक अन्य पाकिस्तानी यूजर अल्ताफ चौधरी ने फतवा जारी करने की ही मांग कर डाली.
अल्ताफ चौधरी ने पोस्ट में कहा कि पाकिस्तान के मुफ्ती, स्कॉलर्स और इस्लामिक आइडियोलॉजी काउंसिल के सदस्यों को मरियम नवाज़ के एक गैर-महरम व्यक्ति के साथ हाथ मिलाने के बारे में राष्ट्र को मार्गदर्शन देने वाला फतवा जारी करना चाहिए.