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समुद्र से डूबे जहाज में अरबों डॉलर का खजाना, कोलंबिया होगा मालामाल?

कोलंबिया की सरकार समुद्र में डूबे एक जहाज के मलबे को निकालने जा रही है. जहाज के मलबे में अरबों डॉलर का खजाना है जिसे लेकर सरकार तेजी दिखा रही है. हालांकि, खजाने को लेकर विवाद भी हो गया है और कई पक्ष खजाने पर अपना दावा पेश कर रहे हैं.

स्पेन का जहाज 17वीं शताब्दी में डूबा था (Photo- X/Twitter/@TOPXNews) स्पेन का जहाज 17वीं शताब्दी में डूबा था (Photo- X/Twitter/@TOPXNews)
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 07 नवंबर 2023,
  • अपडेटेड 9:41 PM IST

कोलंबिया 17वीं शताब्दी में समुद्र में डूबे एक जहाज के मलबे को निकालने जा रहा है. माना जा रहा है कि मलबे में 200 टन सोना, चांदी और पन्ना है जिसकी कीमत अरबों डॉलर है. कोलंबिया ने समुद्र के भीतर डूबे खजाने को निकालने के लिए एक राष्ट्रीय मिशन की घोषणा की है.

कोलंबिया के वर्तमान राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो का कार्यकाल 2026 में समाप्त होने वाला है और उनके कार्यकाल की समाप्ति से पहले खजाने को निकाल लिया जाएगा.

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डेलीमेल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जहाज स्पेन का है जो 1708 में कार्टाजेना के कोलंबियाई बंदरगाह पर डूब गया था. जहाज का इस्तेमाल ब्रिटिश सरकार से लड़ाई के खिलाफ किया जा रहा था. इसी दौरान जहाज पर मौजूद पाउडर मैगजीन में विस्फोट हो गया जिस कारण जहाज डूब गया.

अरबों में खजाने की कीमत

बताया जा रहा है कि आज के हिसाब से खजाने की कीमत 20 अरब डॉलर है. जहाज के मलबे को खजाने के कारण 'जहाजों के मलबे की पवित्र कब्र' कहा जाता है.

समुद्र में डूबे जहाज की खोज 2015 में हुई थी. कोलंबियाई नौसेना के गोताखोरों की एक टीम ने 3100 फीट गहराई में डूबे जहाज की खोज की थी. साल 2022 में भी एक टीम जहाज के पास गई थी और जहाज में मौजूद खजाने की तस्वीरें खींची थीं.

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कोलंबिया अब जहाज में पड़े अरबों डॉलर के खजाने को एक राष्ट्रीय मिशन के तहत निकालने जा रहा है. इस बारे में बात करते हुए कोलंबिया के संस्कृति मंत्री जुआन डेविड कोरिया ने कहा कि खजाने की बरामदगी जल्द ही की जाएगी.

कोरिया ने ब्लूमबर्ग से बात करते हुए कहा, 'यह हमारी सरकार की प्राथमिकताओं में से एक है. राष्ट्रपति ने हमें काम में तेजी लाने को कहा है.'

जहाज को लेकर अब छिड़ गया विवाद

रिपोर्ट के अनुसार, जहाज 1708 में 14 व्यापारिक जहाजों और तीन स्पेनिश युद्धपोतों के बेड़े में पनामा के पोर्टोबेलो से रवाना हो रहा था. लेकिन जब यह बारू के पास पहुंचा तब ब्रिटिश स्क्वाड्रन से इसका सामना हुआ. उस समय स्पेन और ब्रिटेन के बीच स्पेन में उत्तराधिकार को लेकर युद्ध चल रहा था. स्पेनिश जहाज को देखते ही ब्रिटेन ने हमला शुरू कर दिया और इस हमले में स्पेनिश जहाज पर मौजूद पाउडर मैगजीन में आग लग गई और जहाज डूब गया.

हालांकि, जहाज के खजाने पर विवाद भी शुरू हो गया है क्योंकि स्पेन, कोलंबिया और बोलीविया के आदिवासी Qhara Qhara नेशन ने जहाज के खजाने पर अपना दावा पेश किया है. आदिवासी राष्ट्र का दावा है कि स्पेन के लोगों ने उनके पूर्वजों को कीमती धातुओं के खनन के लिए मजबूर किया था. उनका कहना है कि डूबे जहाज पर जो कीमती खजाना है, उसे उनके पूर्वजों ने खनन से निकाला था इसलिए उन पर उनका अधिकार हुआ.

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वहीं, अमेरिकी कंपनी ग्लोका मोर्रा ने भी इस खजाने पर दावा किया है. अमेरिकी कंपनी का कहना है कि उन्होंने 1981 में इसकी खोज की थी और फिर कोलंबियाई सरकार को बता दिया था कि जहाज समुद्र में कहां डूबी है. कंपनी का आरोप है कि उससे कोलंबिया ने वादा किया था कि जहाज के आधे खजाने की कीमत दी जाएगी.

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