
मॉस्को में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का शेड्यूल बेहद व्यस्त रहा. चीन के साथ राजनाथ सिंह ने तो लंबी चर्चा की ही. मध्य एशिया के देशों उज्बेकिस्तान, कजाकिस्तान और ताजिकिस्तान के रक्षा मंत्रियों के साथ भी राजनाथ सिंह ने द्विपक्षीय संबंधों, डिफेंस डील पर चर्चा की और इनके साथ मजबूत व्यापारिक, आर्थिक और सांस्कृतिक रिश्तों की वकालत की.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक उज्बेकिस्तान के रक्षा मंत्री के साथ बातचीत की की जानकारी देते हुए राजनाथ सिंह ने ट्वीट किया, "उज्बेकिस्तान के रक्षा मंत्री, मेजर जनरल कुरबानोव बखोदीर नीजमोविच के साथ मास्को में आज मेरी शानदार बैठक हुई। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों में रक्षा सहयोग एक महत्वपूर्ण स्तंभ है."
एक दूसरे ट्वीट में उन्होंने कहा कि कजाकिस्तान के रक्षा मंत्री लेफ्टिनेंट जनरल नुरलान येरमेकबायेव के साथ सार्थक बातचीत हुई। हमने भारत-कजाकिस्तान रक्षा सहयोग को और गति देने के तरीकों पर चर्चा की. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक अन्य ट्वीट में कहा कि ताजिकिस्तान के रक्षा मंत्री, कर्नल-जनरल शेरली मिरजो के साथ मास्को में अत्यधिक सार्थक बैठक हुई. हमारी वार्ता में दोनों देशों के बीच रक्षा संबंधों के कई मुद्दे शामिल थे.
बता दें कि एससीओ के आठ सदस्य देश हैं, ये देश हैं भारत, कजाकिस्तान, चीन, किर्गिस्तान, पाकिस्तान, रूस, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान हैं. मॉस्को में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इनमें से कई देशों के साथ मुलाकात की. बता दें कि एससीओ का लक्ष्य क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सुरक्षा कायम रखना है. भारत 2017 में इस संगठन का सदस्य बना था.
मॉस्को से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ईरान की राजधानी तेहरान के लिए रवाना हो गए हैं. यहां वे ईरान के रक्षा मंत्री ब्रिगेडियर जनरल आमिर हातमी से मुलाकात करेंगे.