
प्लास्टिक सर्जरी के दौरान एक महिला की मौत के मामले में 4 डॉक्टरों को सजा सुनाई गई है. डॉक्टरों ने महिला की Liposuction सर्जरी की थी. इस कॉस्मेटिक सर्जरी में शरीर के अंदर से अतिरिक्त मोटापा हटाया जाता है. इस सर्जरी में शामिल चार डॉक्टरों को सजा सुनाई गई है. कोर्ट की सुनवाई में यह बात भी सामने आई कि इनमें से एक डॉक्टर सर्जरी के समय एक और मरीज का ऑपरेशन कर रहा था. ये मामला जॉर्डन का है.
जॉर्डन के एक कोर्ट ने सर्जरी में शामिल डॉक्टरों को 6 महीने से लेकर तीन साल तक कैद की सजा सुनाई है. मृतक महिला अम्मान की रहने वाली थी. जिस चीफ सर्जन डॉक्टर ने ऑपरेशन को लीड किया उसे 3 साल, दूसरे सर्जन और एनेस्थिसियोलॉजिस्ट को एक-एक साल की सजा दी गई. वहीं एक एनेस्थिसियोलॉजिस्ट को 6 महीने की कैद की सजा दी गई.
जॉर्डन न्यूज एजेंसी 'पेत्रा' की रिपोर्ट में बताया गया है कि इस मामले में इन सभी डॉक्टरों को कोर्ट के समक्ष अपील करने का अधिकार है. कोर्ट में पीड़ित पक्ष की ओर से कई गवाह और सबूत पेश किए गए. सुनवाई में सामने आया आया कि जिस सर्जन ने ऑपरेशन किया वह प्लास्टिक सर्जन नहीं था, लेकिन उसने तीन घंटे से ज्यादा का समय ऑपरेशन रूम में बिताया.
कोर्ट में सुनवाई के दौरान बताया गया कि इस तरह की सर्जरी करने के लिए इंटेसिव केयर वाले ऑपरेशन थियेटर की जरूरत होती है. जहां ये सर्जरी हुई, वह जगह लिपोसक्शन सर्जरी के लायक नहीं थी. सर्जरी के दौरान महिला की स्थिति बिगड़ गई थी. वहीं, कोर्ट में दाखिल स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट में यह दावा किया गया है इन लोगों ने महिला की जान बचाने में तेजी नहीं दिखाई.
लिमिट से ज्यादा बॉडी फैट हटाया
जो शख्स महिला की सर्जरी कर रहा था, वह साथ में एक और मरीज का ऑपरेशन कर रहा था. चीफ सर्जन ने ऑपरेशन के दौरान 7 लीटर मोटापा हटा दिया, जबकि 3-4 लीटर हटाने की सलाह दी गई थी.