
अमेरिका में राष्ट्रपति की कुर्सी पर आज (20 जनवरी) डोनाल्ड ट्रंप का आखिरी दिन है. लेकिन जो बाइडेन को सत्ता हस्तांतरित करने से पहले उन्होंने एक बड़ा फैसला लिया. ट्रंप ने दोषी ठहराए जा चुके इजरायल के जासूस जोनाथन पोलार्ड के हैंडलर एवीम सेला को पूरी तरह से क्षमादान देने का ऐलान किया है.
बता दें कि नौसेना के पूर्व इंटेलिजेंस एनालिस्ट जोनाथन पोलार्ड ने 1980 के दशक में इज़राइल को मिलिट्री सीक्रेट बेचे थे. जिसके बाद 1985 में पोलार्ड को गिरफ्तार किया गया. पोलार्ड को ये काम करने के लिए रिटायर्ड इजरायली एयर फोर्स ऑफिसर एवीम सेला ने कहा था. लेकिन पोलार्ड के गिरफ्तार होने के बाद सेला अमेरिका से भाग गया. उसे कई बार अमेरिका बुलाया गया लेकिन इज़राइल ने सेला को प्रत्यर्पित नहीं किया. मालूम हो कि पोलार्ड मामले ने इजरायल और अमेरिका के बीच संबंधों को गंभीर रूप से बाधित कर दिया था.
व्हाइट हाउस ने एक बयान में कहा कि सेला के लिए क्षमादान का अनुरोध इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने किया था. व्हाइट हाउस ने कहा कि इज़राइल ने माफीनामा जारी कर इस दुर्भाग्यपूर्ण अध्याय (पोलार्ड-सेला) को अमेरिका-इजरायल संबंधों के लिए बंद करने का अनुरोध किया है.
जोनाथन पोलार्ड ने इजरायल की जासूसी के लिए 30 साल अमेरिकी जेल में बिताए. उसे 2015 में पैरोल पर रिहा किया गया था. पिछले महीने ही पोलार्ड इज़राइल आ गए, जहां नेतन्याहू ने उनका स्वागत किया. पोलार्ड ने सेला को क्षमादान देने का स्वागत किया है. खबरों के मुताबिक, अपने कार्यकाल के आखिरी दिन ट्रंप ने वफादार स्टीव बैनन समेत 73 लोगों की सजाएं और उनके खिलाफ चल रही कार्यवाही को माफ कर दिया.