
डोनाल्ड ट्रंप ने 2 अप्रैल को दुनिया के देशों पर टैरिफ लगाकर राजनीतिक गलियारों और वैश्विक बाजार में हलचल पैदा कर दी है. उन्होंने अमेरिका के साथ व्यापार करने वाले देशों पर 10 प्रतिशत का बेस टैरिफ लगाया है जो पांच अप्रैल से लागू हो रहा है. इसके अलावा ट्रंप ने अमेरिका से भारी टैरिफ वसूलने वाले देशों पर व्यापार असंतुलन के हिसाब से 10 प्रतिशत के अतिरिक्त टैरिफ (10-50% के बीच टैरिफ) लगाया है जो 9 अप्रैल से लागू होगा.
उन्होंने श्रीलंका, म्यांमार पर 44% तो बांग्लादेश, चीन पर क्रमशः 37% और 34% (पूर्व में लगाए गए 20% टैरिफ को मिलकर 54%) टैरिफ लगाया है.
ट्रंप ने दुनिया के देशों पर यह टैरिफ 1977 के इंटरनेशनल इमर्जेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट के तहत लगाया है जिसका मकसद व्यापार घाटे को कम करना है और घरेलू स्तर पर मैन्यूफेक्चरिंग को बढ़ावा देना है. ट्रंप का कहना है कि टैरिफ से अमेरिका में उत्पादन बढ़ेगा और नई नौकरियां पैदा होंगी जबकि आलोचकों का कहना है कि इससे दुनिया में आर्थिक अव्यवस्था पैदा होगी और व्यापार युद्ध छिड़ सकता है.
बुधवार को टैरिफ का ऐलान करते हुए ट्रंप ने कहा कि दशकों तक दोस्तों और दुश्मनों, सभी देशों ने अमेरिका को 'लूटा' है. उनका कहना है कि अब अमेरिका भी टैरिफ लगाने वाले देशों पर बराबरी का टैरिफ लगाएगा. ट्रंप ने 2 अप्रैल को अपनी घोषणा में यह दिखा भी दिया है कि वो भारी टैरिफ लगाने वाले किसी भी देश को नहीं बख्शने वाले.
ट्रंप ने किस देश पर लगाया सबसे ज्यादा टैरिफ?
20 जनवरी को सत्ता में आने के बाद ट्रंप ने मार्च में अमेरिकी संसद को पहली बार संबोधित किया था. अपने पहले संबोधन में वो दुनिया के देशों को अमेरिका की सरकारी संस्था USAID की तरफ से दी जा रही मदद को खत्म करने की बात कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के एक देश का नाम लेते हुए था कि 'अमेरिका एक ऐसे अफ्रीकी देश, लेसोथो में एलजीबीटीक्यू समुदाय के लिए 80 लाख डॉलर खर्च कर रहा है जिसका नाम तक किसी ने नहीं सुना होगा.'
अब ट्रंप ने इसी अफ्रीकी देश पर सबसे अधिक टैरिफ थोप दिया है. ट्रंप ने लेसोथो पर 50% का रेसिप्रोकल टैरिफ लगाया है. वहीं, अगर लेसोथो की बात करें तो वो अमेरिकी आयातों पर 99% का टैरिफ लगाता है. अमेरिकी सरकार के मुताबिक, 2024 में लसेथो और अमेरिका के बीच 24 करोड़ डॉलर का व्यापार हुआ था.
लेसोथो अमेरिका से काफी कम सामान खरीदता है जबकि भारी मात्रा में कपड़े अमेरिका को आयात करता है. अफ्रीकी देश अमेरिका को 23.73 करोड़ डॉलर का सामान बेचता है और उससे 28 लाख डॉलर का सामान खरीदता है. इस व्यापार में अमेरिका को भारी व्यापार घाटा होता है. ट्रंप ने इसी व्यापार घाटे को पाटने के लिए अफ्रीकी देश पर टैरिफ लगाया है.
कंबोडिया, लाओस पर क्रमशः 49 और 48% टैरिफ
ट्रंप ने एशियाई देश कंबोडिया पर 49% का भारी टैरिफ लगाया है. कंबोडिया भी अमेरिकी आयातों पर भारी टैरिफ, 97% लगाता है. 2024 में अमेरिका और कंबोडिया के बीच 13 अरब डॉलर का व्यापार हुआ था. अमेरिका ने जहां 32.16 करोड़ डॉलर का सामान कंबोडिया को निर्यात किया था वहीं, कंबोडिया से 12.7 अरब डॉलर का सामान आयात किया था.
कंबोडिया अमेरिका को कपड़ा, लेदर के सामान, यात्रा के सामान, हैंडबैग, इलेक्ट्रिक सामान और फुटवियर बेचता है. अब इन सभी सामानों पर 49% का भारी टैरिफ लगेगा जिससे ये सामान अमेरिका में बहुत महंगे हो जाएंगे.
लाओस पर ट्रंप ने 48% का टैरिफ लगाया है. एशियाई देश अमेरिकी सामानों पर 95% टैरिफ लगाता आया है. 2024 में दोनों देशों के बीच 84.4 करोड़ डॉलर का व्यापार हुआ था जिसमें लाओस ने अमेरिका को 80.33 करोड़ डॉलर का सामान बेचा था और उससे 4.04 करोड़ का सामान खरीदा था.
इस व्यापार में अमेरिका को 76.29 करोड़ डॉलर का व्यापार घाटा हुआ था. लाओस अमेरिका को ऑप्टिकल फाइबर, फुटवियर, और बुने हुए हैट निर्यात करता है.
इसके अलावा ट्रंप ने मेडागास्कर पर 47%, वियतनाम पर 46%, श्रीलंका और म्यांमार पर 44%, बांग्लादेश, सर्बिया और बोत्सवाना पर 37% का टैरिफ लगाया है.
वियतनाम, बांग्लादेश और श्रीलंका अमेरिका को भारी मात्रा में टेक्सटाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और फुटवियर निर्यात करते हैं. अमेरिका के टैरिफ से इन देशों के कपड़ा और फुटवियर उद्योग को भारी नुकसान होगा. इससे वैश्विक सप्लाई चेन में भी रुकावट आएगी और अमेरिकी उपभोक्ताओं के लिए ये सभी वस्तुएं अत्यधिक महंगी हो जाएंगी.
'डर्टी 15' पर ट्रंप ने कितना टैरिफ लगाया?
ट्रंप प्रशासन भारत, चीन समेत 15 देशों के समूह को डर्टी 15 कहकर संबोधित करता है. प्रशासन का कहना है कि ये देश अमेरिकी सामानों पर सबसे अधिक टैरिफ लगाते हैं. डर्टी 15 देशों में चीन, यूरोपीय संघ, मैक्सिको, वियतनाम, आयरलैंड, जर्मनी, ताइवान, जापान, दक्षिण कोरिया, कनाडा, भारत, थाईलैंड, इटली, स्विट्जरलैंड, मलेशिया, इंडोनेशिया शामिल हैं.
चीन- 34% (पूर्व में लगाए गए 20% टैरिफ को मिलकर 54%)
यूरोपीय संघ- 39%
मैक्सिको- नए लिस्ट में मैक्सिको पर कोई टैरिफ नहीं लगाया गया है. ट्रंप ने आते ही मैक्सिको पर 25% का टैरिफ लगाया था.
वियतनाम- 46%
ताइवान- 32%
जापान-24%
दक्षिण कोरिया-26%
कनाडा- पहले से ही कनाडा पर 25% टैरिफ लगा है
भारत- 27%
थाईलैंड- 37%
स्विटजरलैड- 32%
मलेशिया- 24%
इंडोनेशिया-32%
आयरलैंड, जर्मनी और इटली यूरोपीय संघ के देश हैं तो इन पर 39% का टैरिफ लगेगा.