
मिस्र ने संयुक्त राज्य अमेरिका और इजरायल को चेतावनी दी है कि यदि फिलिस्तीनी नागरिक गाजा पट्टी से पलायन करके सिनाई प्रायद्वीप में आते हैं, तो राजनयिक संबंध में 'टूट' पड़ सकती है. बता दें कि इजरायली सेना दक्षिण गाजा के बाद अब उत्तरी गाजा में ग्राउंड ऑपरेशन चला रही है. इस क्षेत्र से फिलिस्तीनी बड़े पैमाने पर मिस्र के सिनाई में पलायन करते रहे हैं, क्योंकि यह सबसे नजदीक है.
यह चेतावनी गाजा में लगातार इजरायली हमलों और जमीनी ऑपरेशन के कारण बढ़ते मानवीय संकट के बीच आई है, जो फिलिस्तीनी चरमपंथी समूह हमास के 7 अक्टूबर के हमले के प्रतिशोध में शुरू किए गए थे. हमास द्वारा संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इजरायल-हमास युद्ध ने बुधवार (7 दिसंबर) को अपने तीसरे महीने में प्रवेश किया है और गाजा में अब तक 16000 से अधिक फिलिस्तीनी मारे गए हैं.
इस बीच, संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि 3 दिसंबर तक लगभग 1.9 मिलियन फिलिस्तीनी या गाजा पट्टी के अंदर रहने वाली लगभग 85 प्रतिशत आबादी विस्थापित हो चुकी है. इजरायल-हमास युद्ध की शुरुआत के बाद से, मिस्र अपने क्षेत्र में फिलिस्तीनियों की आमद को लेकर चिंतित है. उसने बार-बार कहा है कि वह फिलिस्तीनी शरणार्थियों को स्वीकार नहीं करेगा.
युद्ध की शुरुआत से ही विस्थापितों को लेकर चिंतित है मिस्र
मिस्र की सरकार युद्ध के शुरुआती दिनों से ही चिंतित रही हैं कि इजरायल फिलिस्तीनियों को गाजा से सिनाई की ओर धकेल देगा- और युद्ध के बाद उन्हें वापस लौटने की अनुमति नहीं देगा. इजरायली अधिकारियों ने निजी और सार्वजनिक रूप से इसका खंडन किया है और मिस्र को आश्वासन दिया है कि जिस किसी भी घायल फिलिस्तीनी को चिकित्सा उपचार के लिए गाजा छोड़ने की अनुमति दी जाएगी, उसे एन्क्लेव में लौटने की अनुमति भी होगी.
इजरायल ने दक्षिण गाजा में किया सैन्य अभियान का विस्तार
इस सप्ताह की शुरुआत में, इजरायली सेना ने दक्षिणी गाजा पट्टी में अपने सैन्य अभियान का विस्तार किया. उसके निशाने पर खान यूनिस शहर है, जहां इजरायली रक्षा बलों (IDF) का मानना है कि हमास नेता छिपे हुए हैं. खान यूनिस में लड़ाई शुरू होने के बाद से कई फिलिस्तीनी नागरिक मिस्र की सीमा पर स्थित राफा शहर में भाग गए हैं. वाशिंगटन डीसी में गुरुवार को एस्पेन सिक्योरिटी फोरम में मिस्र के विदेश मंत्री समेह शौकरी ने कहा कि अगर गाजा से फिलिस्तीनी नागरिकों को मिस्र में विस्थापित किया गया तो यह 'अनुचित और अंतरराष्ट्रीय कानून के विपरीत' होगा.