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Taliban government: अफगानिस्तान में कैसी सरकार चाहता है अमेरिका? विदेश मंत्री ने बताया

अफगानिस्तान (Afghanistan) में तालिबान (Taliban) के कब्जे के बाद अब वहां सरकार गठन पर नजरें टिकी हुई हैं. अमेरिकी विदेश मंत्री ( US Secretary of State) एंटनी ब्लिंकन (Antony Blinken) ने शुक्रवार को बताया कि वहां कैसी सरकार के गठन की उम्मीद की जा रही है.

अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन. (फाइल फोटो) अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन. (फाइल फोटो)
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 04 सितंबर 2021,
  • अपडेटेड 10:12 AM IST
  • अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा- समावेशी सरकार की उम्मीद
  • तालिबान की प्रतिबद्धताओं पर रहेगी नजर- ब्लिंकन

अफगानिस्तान (Afghanistan) में तालिबान (Taliban) के कब्जे के बाद अब वहां सरकार गठन पर नजरें टिकी हुई हैं. अमेरिकी विदेश मंत्री ( US Secretary of State) एंटनी ब्लिंकन (Antony Blinken) ने शुक्रवार को बताया कि अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय समुदाय उम्मीद करते हैं कि तालिबान अफगानिस्तान में एक समावेशी सरकार का गठन करेगा जिसमें अलग-अलग समुदाय और हित के लोग सरकार का प्रतिनिधित्व करेंगे.

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न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक कॉन्फ्रेंस के दौरान ब्लिंकन ने कहा कि जैसा कि हमने और दुनिया के अन्य देशों ने कहा है, अफगानिस्तान में जो भी सरकार बनेगी हम उम्मीद करते हैं कि वो समावेशी होगी, गैर तालिबानी लोगों को भी सरकार में प्रतिनिधित्व करने का मौका मिलेगा.

बता दें कि अफगानिस्तान पर कब्जे के बाद तालिबान जल्द ही मुल्क में नई सरकार के गठन का ऐलान कर सकता है. ब्लिंकन ने कहा कि सरकार के गठन के दौरान सबसे अहम यह है कि अफगानिस्तान की सरकार दिखती कैसी है और वह असल में करती क्या है. सरकार की क्या नीति रहेगी और क्या एक्शन लिए जाएंगे यह बेहद अहम है.

उन्होंने कहा कि एक समावेशी सरकार की उम्मीद है लेकिन अंत में उम्मीद इस बात की है कि अफगानिस्तान की नई सरकार अपने वादों पर कायम रहती है.तालिबान के वायदे के मुताबिक यात्रा की स्वतंत्रता, अफगानिस्तान की धरती को आतंक के लिए इस्तेमाल ना होने देना. महिलाओं और अल्पसंख्यकों सहित अफगान लोगों के मूल अधिकारों को कायम रखते हुए  प्रतिशोध में शामिल नहीं होना जैसी चीजें हैं जिनपर सरकार गठन के बाद नजर रहेगी. यह देखना होगा कि क्या तालिबान अपनी इन प्रतिबद्धताओं पर कायम रहता है. इस बात पर केवल हम गौर नहीं कर रहे, दुनिया के और मुल्क भी इस मसले पर नजर बनाए हुए हैं.

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