
भारत (India) के विदेश सचिव हर्ष श्रृंगला ने तालिबान (Taliban) द्वारा भारतीय फोटो जर्नलिस्ट दानिश सिद्दीकी (Danish Siddiqui) की हत्या (Murder) की निंदा की है. शुक्रवार को यूएनएससी (UNSC) की ब्रीफिंग के दौरान उन्होंने कहा कि दानिश की तालिबानियों द्वारा की गई हत्या की कड़ी निंदा करता हूं. दानिश कंधार में रिपोर्टिंग कर रहे थे.उनके परिवार के प्रति मेरी संवेदनाएं.
संघर्ष के दौरान नागरिकों की रक्षा करने वाले नियमों की बात करते हुए उन्होंने कहा हिंसा के दौरान आम लोगों को बचाए जाने की प्राथमिकता दी जाती है. युद्ध में आम लोगों (सिविलियन्स) पर हमले नहीं किए जाते हैं. इससे पहले विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि काबुल में अफगानिस्तान के अधिकारियों के साथ संपर्क किया गया है. जल्द ही दानिश का शव भारत लाया जाएगा.
इंडिया टुडे को सूत्रों ने बताया कि तालिबान द्वारा शव को ICRC (International Committee of the Red Cross) को सौंप दिया गया था और काबुल में भारतीय दूतावास अफगान अधिकारियों और ICRC के साथ मिलकर दानिश का शव भारत भेजने पर काम कर रहा है. इस बीच इंडिया टुडे के साथ बातचीत में अफगानिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के कार्यालय में अंतरराष्ट्रीय संबंधों और क्षेत्रीय सहयोग के प्रमुख अहमद शुजा जमाल ने दानिश सिद्दीकी की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया और जल्द से जल्द दानिश के शव को भारत वापस लाने का आश्वासन दिया.
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उन्होंने कहा कि वो इलाका अब अफगानिस्तान सरकार के कब्जे में है. जल्द ही दानिश के शव को भारत भेजने की व्यवस्था कर दी जाएगी. आफगानिस्तान के शीर्ष अधिकारी ने कहा कि काश दानिश जिंदा होते तो वो अफगानिस्तान के सैनिकों की जीत को देख पाते. अफागिस्तान के सैनिकों ने स्पिन बोल्डक इलाके से तालिबानियों को भगा दिया. मेरी यही इच्छा है कि काश दानिश जीत का यह लम्हा देख पाते.