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G-20 की सफलता देख चिढ़ा पाकिस्तान, यूरोप पर भड़क गए बिलावल भुट्टो

जी-20 के सदस्य देश सऊदी अरब, तुर्की और चीन को छोड़ दें तो बाकी 17 देश कश्मीर में आयोजित हो रही जी-20 की बैठक में हिस्सा ले रहे हैं. कश्मीर में G-20 की बैठक की सफलता देख भड़के बिलावल ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को अल्पकालिक हितों के लिए कश्मीर के मुद्दे पर आंख नहीं मूंदनी चाहिए.

बिलावल भुट्टो कश्मीर में जी-20 की बैठक में शामिल होने को लेकर देशों पर भड़क गए हैं (Photo- बिलावल भुट्टो कश्मीर में जी-20 की बैठक में शामिल होने को लेकर देशों पर भड़क गए हैं (Photo-
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 23 मई 2023,
  • अपडेटेड 11:04 AM IST

G-20 Kashmir Meeting: कश्मीर के श्रीनगर में सोमवार को जी-20 टूरिज्म वर्किंग ग्रुप की तीन दिवसीय बैठक शुरू हुई जिसकी चर्चा जोरों पर है. पाकिस्तान ने लाख कोशिश की कि सदस्य देश कश्मीर में आयोजित बैठक में हिस्सा न लें, लेकिन दो-चार देश को छोड़कर सभी इसमें शामिल हो रहे हैं. इसे लेकर पाकिस्तान बौखला गया है और अब बैठक में शामिल हो रहे देशों की आलोचना पर उतर आया है. पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने कश्मीर में 'भारत की बर्बरता' पर आंख मूंद ली है.

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सोमवार को पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर की विधानसभा में बिलावल भुट्टो ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय पर आरोप लगाया कि जम्मू-कश्मीर में भारत की बर्बरता पर आंख मूंद ली गई है. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की कड़ी आलोचना करते हुए कहा, 'अल्पकालिक हितों के लिए हमेशा से चले आ रहे सिद्धांतों का बलिदान करना बुद्धिमानी नहीं है.'

बिलावल ने भड़ास निकालते हुए कहा, 'आज मैं दुनिया से पूछता हूं कि क्या किसी देश को संयुक्त राष्ट्र की अपनी प्रतिबद्धताओं से मुकरने की अनुमति दी जा सकती है, खुद किए वादों को तोड़ने और अंतरराष्ट्रीय कानून का खुलेआम उल्लंघन करने की अनुमति सिर्फ इसलिए दी जा सकती है क्योंकि वो देश ऐसा चाहता है. मुझे यहां यह कहना ही चाहिए कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के तहत हमारी प्रतिबद्धताएं पवित्र हैं. वे न तो किसी राष्ट्रवादी राजनीतिक दल की सनक के अनुसार बदलते हैं और न ही समय बीतने के साथ कमजोर पड़ते हैं.'

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'भारत का अहंकार दिख रहा'

बिलावल ने आगे कहा कि भारत कश्मीर में बैठक की मेजबानी करने जी-20 अध्यक्ष के रूप में अपनी स्थिति का दुरुपयोग कर रहा है. उन्होंने कहा, 'यह विश्व के मंच पर भारत के अहंकार का एक और प्रदर्शन है.'

श्रीनगर में आयोजित बैठक में 29 देशों के 61 प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं. अगस्त 2019 में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद यह पहला बड़ा ग्लोबल इवेंट है. इसके जरिए भारत दुनिया को दिखाना चाहता है कि अनुच्छेद 370 के बाद जम्मू-कश्मीर में कितना विकास हुआ है.

भारतीय अधिकारियों का कहना है कि कश्मीर में दुनिया के सबसे ताकतवर क्लब जी-20 के सदस्य देशों की भागीदारी को भारत के रुख के समर्थन के तौर पर देखा जा रहा है.

कड़ी सुरक्षा के बीच कश्मीर में सफलतापूर्वक आयोजित हो रहे जी-20 की बैठक को लेकर पाकिस्तान की बौखलाहट साफ नजर आ रही है.

'कश्मीर मुद्दे पर यूरोप आंखे मूंद रहा'

बिलावल भुट्टो ने जी-20 में शामिल हो रहे यूरोपीय देशों पर निशाना साधते हुए कहा, 'यूरोप की बात आती है तो ये देश अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों को लेकर कड़ा रुख अपनाते हैं लेकिन वही देश कश्मीर के संदर्भ में उसी अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघन पर आंखें मूंद रहे हैं.'

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बिलावल ने कहा कि पाकिस्तान के लिए कश्मीर के मुद्दे का समाधान पसंद का नहीं बल्कि कर्तव्य का विषय है. पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने कहा, 'आज यहां मेरी उपस्थिति हमारे देश के पीढ़ी दर पीढ़ी समर्थन और कश्मीर मुद्दे के प्रति स्थायी प्रतिबद्धता का सबूत है.'

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान भारत सहित अपने सभी पड़ोसियों के साथ अच्छे संबंध चाहता है, लेकिन इस तरह के विवादों के बीच ये संबंध स्थापित नहीं हो सकते. बिलावल ने कहा कि भारत शत्रुतापूर्ण रवैया रखता है और बातचीत के लिए उसे ही पहल करनी चाहिए.

आतंकवाद को लेकर उन्होंने कहा, 'आतंकवाद और लोगों की आजादी के बीच एक स्पष्ट अंतर है. आतंकवाद को कश्मीरी लोगों को उनके मौलिक अधिकारों और उनकी मौलिक स्वतंत्रता से वंचित करने के बहाने के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है और न ही किया जाना चाहिए.'

बिलावल ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से की यह अपील

बिलावल ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि 'वो भारत से आग्रह करें कि वो कश्मीर के विशेष दर्जे को फिर से बहाल कर दे, यूएनएससी प्रस्तावों को लागू करें, आश्वस्त करें कि कश्मीर की जनसांख्यिकीय संरचना को नहीं बदलेगा और गैर-कश्मीरियों को संपत्ति या घर खरीदने की अनुमति नहीं देगा, कश्मीर में मानवाधिकारों के उल्लंघन को रोकें, कश्मीर से सैना को वापस बुलाए, कश्मीर की स्थिति की जांच के लिए संयुक्त राष्ट्र, ओआईसी और मानवाधिकार संगठनों और विदेशी मीडिया को बिना रोकटोक वहां जाने की अनुमति दे.

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साथ ही बिलावल ने यह भी कहा कि अगर भारत एक सुपरपावर बनना चाहता है तो उसे एक सुपरपावर की तरह बर्ताव भी करना चाहिए.

बिलावल ने अंत में कहा, 'मैं कश्मीरी लोगों को पाकिस्तान के निरंतर नैतिक, कूटनीतिक और राजनीतिक समर्थन का आश्वासन देता हूं. हम दशकों से उनके साथ खड़े हैं, और मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि जब तक हमारे कश्मीरी भाइयों को उनके वैध अधिकारों को हासिल करने की जरूरत है, तब तक हम उनके साथ खड़े रहेंगे.'

कश्मीर का आम आदमी अब आगे बढ़ चुका है- केंद्रीय मंत्री

कश्मीर में जी-20 की बैठक कड़ी सुरक्षा के बीच शांतिपूर्ण ढंग से चल रही है. केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने सोमवार को कहा कि कश्मीर में अब विरोध-प्रदर्शन के आह्वान पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है क्योंकि आम आदमी को यह एहसास हो गया है कि निहित स्वार्थों और धार्मिक टिप्पणी करने वालों की बातें झूठी हैं.

वह श्रीनगर में जी-20 कार्यकारी समूह की बैठक के 'फिल्म प्रचार' पर एक अतिरिक्त कार्यक्रम में बोल रहे थे जो मंगलवार से शुरू हो रही है.

केंद्रीय मंत्री ने कहा 'पहले अगर इस तरह का आयोजन कश्मीर में किया जाता या दिल्ली से कोई आता, तो इस्लामाबाद से हड़ताल का आह्वान होता और यहां श्रीनगर रेजीडेंसी रोड पर दुकानें बंद हो जातीं. लेकिन आज कोई भी हड़ताल के बुलावे पर ध्यान नहीं देता, दुकानें खुली हैं...आम आदमी आगे बढ़ चुका है और आगे बढ़ना चाहता है...यह जमीनी बदलाव को दिखाता है.'

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उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में आम आदमी ने अपनी दो पीढ़ियों को 'पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद' की वेदी पर बलिदान होते देखा है. 

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