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नेपाल में आम चुनाव: नई सरकार के लिए वोटिंग आज, किसके सर सजेगा ताज?

नेपाल में 20 नवंबर को आम चुनाव होने जा रहा है. एक ही चरण में होने वाले मतदान की सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. चुनाव से पहले भारत और चीन से लगे सभी सीमाओं को सील कर दिया गया है. सुरक्षा व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त बनाया गया है.

नेपाल में आम चुनाव, 20 नवंबर को डाले जाएंगे वोट नेपाल में आम चुनाव, 20 नवंबर को डाले जाएंगे वोट
सुजीत झा
  • काठमांडू,
  • 20 नवंबर 2022,
  • अपडेटेड 6:49 AM IST

नेपाल में आज यानी 20 नवंबर को सांसदों को चुनने के लिए देशभर में मतदान होने जा रहा है. एक ही चरण में होने वाले मतदान की सभी आवश्यक तैयारी पूरी कर ली गई है. चुनाव से पहले भारत और चीन से लगे सभी सीमाओं को सील कर दिया गया है. सुरक्षा व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त बनाया गया है. दुर्गम इलाकों में भी मतदान की सारी व्यवस्था कर ली गई है.

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नेपाल में नए संविधान बनने के बाद यह दूसरा आम चुनाव है. 20 नवंबर को होने जा रहे मतदान से दो दिन पहले ही चुनाव प्रचार बंद कर दिया गया है. इस चुनाव में मुख्य मुकाबला नेपाली कांग्रेस के नेतृत्व में रहे सत्तारुढ गठबंधन और प्रतिपक्षी गठबंधन के बीच है, जिसका नेतृत्व के पी ओली कर रहे हैं. हालांकि इस बार नेपाल में फिर से संवैधानिक राजतंत्र की बहाली और हिंदू राष्ट्र घोषणा की मांग करने वाले राजनीतिक दल भी चर्चा के केन्द्र में हैं.

इस चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवारों का भी बोलबाला

सत्तारूढ़ गठबंधन में शेरबहादुर देउवा की पार्टी नेपाली कांग्रेस, प्रचण्ड की पार्टी माओवादी केंद्र, माधव नेपाल की यूनीफाइड सोशलिस्ट पार्टी, महन्थ ठाकुर की लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी शामिल है. इसी तरह प्रतिपक्षी गठबंधन में के पी ओली के नेतृत्व की नेपाल कम्यूनिष्ट पार्टी (यूएमएल), उपेन्द्र यादव के नेतृत्व वाली जनता समाजवादी पार्टी शामिल है. नेपाल में संवैधानिक राजतंत्र और हिंदू राष्ट्र पुनर्स्थापना के मुद्दे पर चुनाव लड़ने वाली राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए चुनावी मैदान में है. कई क्षेत्रों में स्वतंत्र उम्मीदवारों का भी बोलबाला दिख रहा है.

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नेपाल में कुछ ऐसी है वोटिंग प्रक्रिया

बता दें कि नेपाल के संघीय संसद प्रतिनिधि सभा के 165 प्रत्यक्ष सीटों के लिए तो मतदान हो ही रहा है साथ ही 110 समानुपातिक सीट के लिए भी मतदान होगा. समानुपातिक सीट के लिए मतदाताओं को किसी एक राजनीतिक दल के चुनाव चिह्न पर मतदान करना होगा. इसी तरह सरकार चुनने के लिए भी मतदाता को अपने अपने प्रदेश सभा सदस्य को प्रत्यक्ष और समानुपातिक सदस्यों के लिए राजनीतिक दल को मतदान करना होगा.

गौरतलब है कि नेपाल के संघीय संसद की निचली सदन प्रतिनिधि सभा के साथ ही सात प्रादेशिक सभा के लिए भी एक साथ एक ही दिन में मतदान के लिए करीब 1.80 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करने वाले हैं. इन चुनावों का नतीजा आने में करीब दो से तीन दिन लग सकते हैं जबकि समानुपातिक वोटों (Proportional Votes) की गिनती और परिणाम आने में एक हफ्ता से दस दिन तक का समय लग सकता है.

कठिन है पहाड़ी क्षेत्र का चुनाव

निर्वाचन के लिए दुर्गम पहाड़ी इलाकों में मतदान सामग्री पहुंचाने का काम पूरा हो चुका है. नेपाल के पहाड़ी व हिमालयी क्षेत्र में कई ऐसे मतदान केंद्र हैं जहां एक हफ्ते पैदल चल कर निर्वाचन कर्मचारी पहुंच पाए हैं. कई पहाड़ी विकट क्षेत्र ऐसे भी हैं जहां मतदाताओं को अपना मतदान केंद्र तक पहुंचने के लिए तीन घंटे तक पैदल चलना होगा. सुरक्षा की दृष्टि से सभी मतदान केंद्रों पर सीसीटीवी से निगरानी की जा रही है.

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नेपाल में निर्वाचन को लेकर हुए अलग-अलग सर्वे में किसी भी एक दल को बहुमत आने की संभावना नहीं दिखाई दे रही है. कई सर्वे में सत्तारूढ़ गठबंधन को स्पष्ट बहुमत मिलता दिखाई दे रहा है तो कुछ सर्वे में दोनों गठबंधनों के बीच कांटे की टक्कर बताई गई है. ऐसे में निर्वाचन के बाद किसकी सरकार बनेगी और कौन प्रधानमंत्री होगा यह स्पष्ट नहीं है. प्रधानमंत्री पद को लेकर सत्तारूढ गठबंधन की तरफ से वर्तमान प्रधानमंत्री शेरबहादुर देउवा और माओवादी के सुप्रीमो प्रचण्ड ने खुलेआम अपनी दावेदारी कर दी है. विपक्षी गठबंधन में प्रधानमंत्री पद के एकमात्र दावेदार के पी शर्मा ओली हैं जो अपने पक्ष में बहुमत आने का लगातार दावा कर रहे हैं. चुनाव के बाद गठबंधन बदलने की भी चर्चा है.

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