
जर्मनी में बाढ़ ने त्रासदी की स्थिति पैदा कर दी है. रविवार को भारी बारिश और बाढ़ की चपेट में आने के बाद जर्मन शहर बेर्चटेस्गेडेन के आसपास की सड़कें पानी में पूरी तरह से डूब गईं और हर तरफ भीषण जल-जमाव देखने को मिला. समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक दक्षिणी जर्मनी में रविवार को अचानक आई बाढ़ में कम से कम एक व्यक्ति की मौत हो गई और इस सप्ताह देश में आई बाढ़ के बाद तबाही और बढ़ गई, जिसमें 150 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं.
ऑस्ट्रिया की सीमा से लगे बवेरिया में जर्मनी का बेर्चटेस्गाडेनर लैंड इलाका भीषण बारिश और बाढ़ से प्रभावित है. बाढ़ और रिकॉर्ड बारिश की कहर से जूझता यह इलाका, मलबे में तब्दील होता दिख रहा है.
रविवार को एक शख्स की मौत के बाद से ही, यह 6 दशकों का सबसे भयावह दौर साबित हुआ है, जब बाढ़ और बारिश जैसी प्राकृतिक आपदा ने 156 से ज्यादा लोगों की जानें निगल ली हों. वहीं यूरोप में अब तक कुल 184 लोगों ने जान गंवा दी है.
कोलोन के दक्षिण में सबसे बुरी तरह प्रभावित अहरवीलर इलाके में करीब 110 लोग मारे गए. पुलिस का यह भी कहना है कि जब बाढ़ का पानी सतह से नीचे जाएगा तो शवों के मिलने की आशंका और ज्यादा बढ़ जाएगी. हाल के दिनों में आई बाढ़ ने जर्मनी के राइनलैंड पैलेटिनेट और नॉर्थ राइन वेस्टफेलिया जैसे राज्यों में भीषण तबाही मचाई है.
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संपर्क से कटे 2 राज्य, रेस्क्यू ऑपरेशन भी मुश्किल
राइनलैंड पैलेटिनेट और नॉर्थ राइन वेस्टफेलिया राज्यों के कई हिस्से बिजली और अन्य संचार साधनों से पूरी तरह से कट चुके हैं, यही वजह है कि लोगों का रेस्क्यू भी कर पाने में मुश्किलें पैदा हो रही हैं. नॉर्थ राइन वेस्टफेलिया में ही कम से कम 45 लोग मारे जा चुके हैं.
वैज्ञानिकों ने जताई थी चिंता
जर्मनी के वित्त मंत्री ओलाफ स्कोल्ज ने कहा है कि जर्मनी की सरकार तत्काल राहत कार्यों के लिए 300 मिलियन यूरो से ज्यादा राशि देगी. वहीं ढहे हुए घरों, सड़कों और पुलों को ठीक करने के लिए अलग से रकम आवंटित की जाएगी. वैज्ञानिकों ने काफी अरसे पहले भी आशंका जताई थी कि जलवायु परिवर्तन से भारी बारिश और त्रासदी की स्थिति पैदा हो सकती है. बारिश कब होगी, इसका ठीक पूर्वानुमान लगाने के लिए वैज्ञानिकों को कई सप्ताह का वक्त लगेगा.