Advertisement

हाउसवाइफ के घर पुलिस ने मारा छापा, कमरे से निकला 30 करोड़ कैश

महिला खुद को हाउस वाइफ बताती थी. वह घर से ही एक सिंडीकेट चला रही थी जिसमें गैर कानूनी तरीके से ब्लैक मनी को व्हाइट में बदला जा रहा था. हाल ही में उसे 176 अरब रुपये से अधिक के मनी लांड्रिंग केस में गिरफ्तार किया गया है. महिला के साथ 8 और लोग पकड़े गए हैं.

मनी लांड्रिंग केस में पकड़ी गई महिला (सांकेतिक फोटो- गेटी) मनी लांड्रिंग केस में पकड़ी गई महिला (सांकेतिक फोटो- गेटी)
aajtak.in
  • नई दिल्ली ,
  • 19 जनवरी 2023,
  • अपडेटेड 5:23 PM IST

एक महिला को 176 अरब रुपये से अधिक के मनी लांड्रिंग केस में पकड़ा गया. महिला खुद को हाउस वाइफ बताती थी. लेकिन घर से ही वह एक सिंडीकेट चला रही थी जिसमें गैर कानूनी तरीके से ब्लैक मनी को व्हाइट में बदला जा रहा था. इसके लिए दर्जनों बैंक खातों का उपयोग किया गया. मामला हांगकांग का है. 

साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के मुताबिक, पिछले 114 सालों में यह अब तक का सबसे बड़ा मनी लांड्रिंग केस हो सकता है. इस केस में महिला के साथ कुल नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया. ये सभी एक सिंडीकेट का हिस्सा थे, जिन पर 176 अरब रुपये से अधिक की ब्लैक मनी को वैध बनाने का आरोप है. ब्लैक मनी को व्हाइट में बदलने के लिए इन लोगों ने दर्जनों बैंक खातों का इस्तेमाल किया. 

Advertisement

सीमा शुल्क अधिकारियों ने खुलासा किया कि 56 साल की महिला को पिछले हफ्ते एक फ्लैट पर छापा मारने के बाद हिरासत में लिया गया था. इस किराये के फ्लैट का इस्तेमाल मनी लांड्रिंग रैकेट का संचालन करने के लिए किया जाता था. मौके से महिला समेत पांच लोगों को हिरासत में लिया गया. इसके बाद चार और लोग पकड़े गए. 

मौके से बड़ी मात्रा में कैश जब्त किया गया

अधिकारियों ने घटनास्थल से रुपये गिनने की कई मशीन, बैंक कार्ड और सीक्रेट दस्तावेजों के साथ-साथ 30 करोड़ रुपये नकद जब्त किए. मामले में अपराध जांच ब्यूरो के प्रमुख ने बुधवार को कहा कि ये अब तक का सबसे बड़ा मनी लांड्रिंग केस है. 

जांच विभाग के अनुसार, सिंडिकेट ने 11 शेल कंपनियां स्थापित की थीं. इन्होंने दर्जनों व्यावसायिक और व्यक्तिगत बैंक खाते खोलने के लिए कई लोगों को इनाम देने का लालच दिया था. बाद में उनके खातों का उपयोग ब्लैक मनी को ठिकाने लगाने के लिए किया गया. जनवरी 2020 और दिसंबर 2022 के बीच 7,600 से अधिक बार लेनदेन किया गया था. इस दौरान 487 अरब रुपये इधर से उधर किए गए. 

Advertisement

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement