
पाकिस्तान में राजनीतिक संकट के बीच पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने बुधवार को पाकिस्तान सरकार पर जमकर हमला बोला. उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि नौ मई की हिंसा एक सोची-समझी साजिश थी, जिसे हमारी पार्टी को बैन करने के लिए रचा गया था.
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के अध्यक्ष इमरान खान ने कहा कि मुझे फंसाने के लिए पाकिस्तान में हिंसा की गई. मेरे पास सबूत हैं कि पीटीआई पर बैन लगाने के लिए यह सोच-समझकर रची गई साजिश थी. मुल्क की सबसे बड़ी जमात और मुल्क की फौज को आमने-सामने खड़ा किया जा रहा है. सारा मुल्क तबाही के रास्ते पर जा रहा है.
उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया ने देखा कि किस तरह से इस्लामाबाद हाईकोर्ट में मेरी हत्या की साजिश की गई. लेकिन किसी तरह अल्लाह ने मुझे बचा लिया. मेरे लोगों ने ना तो कभी फौज पर निशाना साधा और ना ही किसी तरह का दंगा किया. मैंने 12 चुनाव जीते हैं लेकिन मेरे साथ आतंकी जैसा बर्ताव किया गया.
उन्होंने कहा कि वे शीशे तोड़कर अंदर घुसे थे. मेरे सिर पर डंडा मारा गया था. मेरे लोगों को जख्मी किया गया और मुझे इस तरह पकड़कर ले गए, जैसे मैं कोई दहशतगर्द हूं.
उन्होंने एक कथित सर्वे की पर्ची दिखाते हुए कहा कि ये लोग पीटीआई की लोकप्रियता से घबराए हुए हैं. मैं पाकिस्तान छोड़कर नहीं जाऊंगा.
नौ मई की हिंसा एक साजिश
मैंने 12 चुनाव जीते हैं. हमारी पार्टी लोकतांत्रिक पार्टी है. जिस पार्टी के पास 70 फीसदी मकबूलियत हो, उसे खत्म नहीं किया जा सकता. जिन्ना हाउस कैसे जला? रेडियो पाकिस्तान कैसे जला? हमारे आदमी तो वहां थे भी नहीं. इसकी स्वतंत्र जांच होनी चाहिए.
इमरान ने कहा कि मैंने कभी किसी को नहीं कहा कि दंगे करे या कोई संपत्ति जलाए. सबसे पहले आईजी पंजाब को बुलाकर उनसे पूछताछ होनी चाहिए कि जिन्ना हाउस कैसे जल गया. इस साजिश की पहले ही प्लानिंग हो चुकी थी.
लंदन में बैठे नवाज शरीफ को कोई फर्क नहीं पड़ता. पाकिस्तान जल जाए उसे इससे कोई लेना-देना नहीं है. कुछ लोग चाहते हैं कि इमरान खान फौज से लड़ जाए.
इमरान खान ने इस दौरान एक ट्वीट भी किया, जिसमें उन्होंने कहा कि मेरी गिरफ्तारी से पहले शायद यह मेरा आखिरी ट्वीट होगा. पुलिस ने मेरे घर को चारों ओर से घेर लिया है.
मेरे घर में 40 दहशतगर्द ढूंढकर दिखाएं
पूर्व प्रधानमंत्री इमरान ने कहा कि मैंने सुना है कि मेरे घर में 40 आतंकी छिपे हुए हैं. मेरी गुजारिश है कि अगर 40 आतंकी यहां छिपे हुए हैं तो इससे मेरी जान को भी खतरा है. आप सर्च वारंट लेकर आएं और इन दहशतगर्दों को लेकर ढूंढकर दिखाएं. मैं खुद आपको पूरा घर दिखाऊंगा और देखना कि कितने दहशतगर्द छिपे हुए हैं.
इमरान ने कहा कि हमारे 25 लोग शहीद हो गए हैं. 700 लोग गोलियां खाकर अस्पताल में पड़े हैं. हमारे साढ़े सात हजार लोग जेल में बंद हैं, जिनमें महिलाएं भी हैं. इस मुल्क की सबसे बड़ी पॉलिटिकल पार्टी को खत्म करने की साजिश है. इस मामले को सुलझाना होगा. इसे लेकर बैठकर बात करनी होगी.