
जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने पाकिस्तान सरकार के साथ बातचीत को लेकर लग रहे कयासों को खारिज कर दिया है. इमरान खान ने दो टूक कहा है कि वे केवल उससे बात करेंगे, जो फैसला लेने में सक्षम होगा. दरअसल, पिछले कुछ दिनों से यह कयास लगाए जा रहे थे कि इमरान खान की पार्टी राजनीतिक गतिरोध को खत्म करने के लिए पाकिस्तान की सरकार से बातचीत कर सकती है.
इमरान खान ने रावलपिंडी की अदियाला जेल में कहा,'जब भी बातचीत का मुद्दा उठता है तो वो लोग (पाकिस्तान सरकार) 9 मई की हिंसा के बारे में शोर मचाना शुरू कर देते हैं. हम हमेशा बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन हम उन लोगों से बात करेंगे, जो फैसला लेंगे.
शक्तिशाली सेना से ही बात करेंगे इमरान
इमरान खान अपने रुख पर कायम हैं कि देश को मौजूदा राजनीतिक अस्थिरता से बाहर निकालने के लिए सिर्फ शक्तिशाली सेना के साथ ही बातचीत की जाएगी. पूर्व पीएम ने पाकिस्तान की सरकार पर निशाना साधते हुए कहा,'जब भी बातचीत का विचार सामने आता है तो सत्तारूढ़ पार्टी 9 मई को मुद्दा बनाती है. 9 मई की हिंसा सरकार की 'बीमा पॉलिसी' है. अगर इस मुद्दे को दरकिनार कर दिया गया तो सरकार गिर जाएगी.'
9 मई को पाकिस्तान में क्या हुआ था?
बता दें कि 9 मई 2023 को कथित भ्रष्टाचार के एक मामले में इमरान खान (71) को अर्धसैनिक रेंजर्स ने इस्लामाबाद हाई कोर्ट परिसर से गिरफ्तार किया था, जिसके बाद हिंसक विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गये थे. उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर जिन्ना हाउस (लाहौर कोर कमांडर हाउस), मियांवाली एयरबेस और फैसलाबाद में ISI बिल्डिंग समेत एक दर्जन सैन्य प्रतिष्ठानों में तोड़फोड़ की थी. भीड़ ने रावलपिंडी में सेना मुख्यालय पर भी हमला किया था.
ऑक्सफोर्ड चुनाव पर भी की बात
इमरान खान ने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के चांसलर के चुनाव में हिस्सा लेने के अपने फैसले के बारे में भी बात की. उन्होंने कहा कि उनकी जीत पाकिस्तान के लिए गर्व की बात होगी. इमरान ने दावा किया कि वह पाकिस्तान के सबसे बड़े परोपकारी व्यक्ति हैं, जिन्होंने दो अस्पताल और दो विश्वविद्यालय स्थापित किए हैं, और तीसरा विश्वविद्यालय अभी निर्माणाधीन है.