
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान सालभर से जेल में बंद हैं. उनकी रिहाई की मांग करते हुए पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के हजारों कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए थे. इनमें उनकी बेगम बुशरा बीबी भी शामिल थी. इमरान समर्थकों के साथ कंटेनर के ऊपर चढ़कर बुशरा की तस्वीरें जमकर वायरल भी हुई थीं. लेकिन प्रोटेस्ट वापस लेने के बाद से वह पब्लिक प्लेटफॉर्म से गायब हैं.
इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) का प्रोटेस्ट 24 नवंबर को शुरू हुआ था. लेकिन पांचवें ही दिन 28 नवंबर को पार्टी ने इसे स्थगित करने का फैसला किया. इसकी वजह से पाकिस्तान सरकार और सेना की क्रूरता से हुई मौतों को बताया गया.
प्रोटेस्ट खत्म होने के बाद से बुशरा बीबी सार्वजनिक तौर पर नजर नहीं आई हैं और ना ही उनका कोई वीडियो सामने आया है. यहां तक कि पीटीआई की प्रेस कॉन्फ्रेंस से भी वह नदारद रही. ऐसे में कई थ्योरीज निकलकर सामने आ रही हैं, जिनमें अरेस्ट से लेकर किडनैपिंग जैसी थ्योरीज शामिल हैं.
बुशरा बीबी की बहन मरियम रियाज वट्टू ने ARY News को बताया कि बुशरा को खैबर पख्तूनख्वाह में किसी अज्ञात जगह ले जाया गया है. उन्होंने कहा कि बुशरा का फोन फिलहाल ऑफ है और जो लोग बुशरा के साथ थे, उनके फोन भी नहीं लग रहे. किसी को नहीं पता है कि वह कहां है. ऐसे में उनके अरेस्ट होने की पूरी-पूरी आशंका जताई जा रही है.
वही, सोशल मीडिया पर ऐसी कई रिपोर्ट्स हैं, जिनमें कहा जा रहा है कि बुशरा बीबी को अगवा कर लिया गया है. हालांकि, इसकी कोई पुष्टि नहीं की गई है.
बुशरा बीबी के पब्लिक प्लेटफॉर्म से गायब होने की एक थ्योरी ये भी सामने आ रही है कि उन्हें किडनैप कर लिया गया है. खुद बुशरा की बहन भी इस तरह के आरोप लगा चुकी हैं. उन्हें किडनैप कर लिया गया है. हालांकि,अभी तक बुशरा बीबी को लेकर कुछ भी स्पष्ट नहीं हो पाया है. कहा ये भी जा रहा है कि वे किसी अज्ञात जगह पर छिपी हुई हैं.
बता दें कि बुशरा को हाल ही में तोशाखाना करप्शन मामले में जमानत दी गई थी. उन्हें गिरफ्तारी के नौ महीने बाद जमानत मिली थी.
इमरान खान की रिहाई की 'फाइनल कॉल' रही नाकाम
इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर चल रहा पीटीआई का प्रदर्शन औंधे मुंह गिर गया था. प्रोटेस्ट के दौरान हिंसा भड़कने से इसे वापस लेना पड़ा. इस दौरान आंसू गैस और रबर की गोलियां दागी गईं और 500 से ज्यादा गिरफ्तारियां हुईं. इस दौरान कई लोगों की मौत भी हो गई थी.