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अमेरिका: 3 साल की भारतीय बच्ची की हत्या, दोषी पिता को आजीवन कारावास

अमेरिका की एक अदालत ने बिहार से गोद ली गई बच्ची शेरिन मैथ्यूज की मौत के मामले में बच्ची के पिता वेस्ली मैथ्यूज को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. वह 30 साल की कैद के बाद पैरोल के लिए अनुरोध कर सकता है.

शेरिन मैथ्यूज (फाइल फोटो) शेरिन मैथ्यूज (फाइल फोटो)
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 28 जून 2019,
  • अपडेटेड 11:29 AM IST

अमेरिका में डलास की एक अदालत ने बिहार से गोद ली गई बच्ची शेरिन मैथ्यूज की मौत के मामले में उसके दत्तक पिता वेस्ली मैथ्यूज को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. वेस्ली मैथ्यूज भारतीय-अमेरिकी नागरिक है. 2017 की इस घटना ने अमेरिका सहित भारत को भी झकझोर दिया था.

वेस्ली मैथ्यूज (39) को सोमवार को शेरिन को चोट पहुंचाने के जुर्म में दोषी ठहराया गया था. इस मामले में 12 सदस्यों वाली जूरी ने बुधवार दोपहर मैथ्यूज को आजीवन कारावास की सजा सुनाई. वह 30 साल की कैद के बाद पैरोल के लिए अनुरोध कर सकता है. शेरिन को मैथ्यूज और उसकी पत्नी सिनी मैथ्यूज ने 2016 में बिहार के एक अनाथालाय से गोद लिया था. मैथ्यूज की दलील थी कि शेरिन की मौत दूध नहीं पीने से हुई, जबकि जूरी ने पाया कि शेरिन को मारा पीटा गया और उसे गंभीर चोट पहुंचाई गई.

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इस साल मार्च में शेरिन मैथ्यूज को गोद लेने वाली मां सिनि मैथ्यूज को सबूतों के अभाव के कारण उसके खिलाफ लगे बच्ची को नुकसान पहुंचाने के आरोपों को खारिज किए जाने के बाद उसे जेल से रिहा कर दिया गया था. तीन साल की शेरिन 2017 में टेक्सास के एक खाई में मृत पाई गई थी.

जांच के दौरान कई चौंकाने वाली बातें सामने आईं. जिस डॉक्टर ने शेरिन की अटॉप्सी जांच की उसने जूरी को बताया कि बच्ची के अंग अंदर से पूरी तरह गल गए थे. इस घटना के सामने आने के बाद बिहार के नालंदा स्थित मदर टेरेसा अनाथालय की सेक्रेटरी बबीता कुमारी भी काफी आहत हुईं. वित्तीय गड़बड़ियों को लेकर 15 सितंबर 2017 को इस अनाथालय को बंद कर दिया गया था. बबीता कुमारी के मुताबिक, शेरिन को वेस्ली मैथ्यूज और उसकी पत्नी सिनि ने 23 जून 2016 को गोद लिया था. ये दोनों केरल के रहने वाले हैं. शेरिन उस वक्त 2 साल से भी कम उम्र की थी.

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2017 में शेरिन की मौत की खबर आते ही बिहार में भी शोक की लहर दौड़ गई. उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने तुरंत इसका संज्ञान लिया और तत्कालीन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से इस बाबत बात की. नालंदा के तत्कालीन जिलाधिकारी त्यागराजन ने इस बात की जांच के आदेश दिए कि क्या बच्ची को गोद लेने में सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की गई थीं. हालांकि जांच में कुछ भी गड़बड़ी सामने नहीं आई.

बबीता कुमारी ने वेस्ली मैथ्यूज के उन शिकायतों को नकार दिया था कि शेरिन को किसी प्रकार की शारीरिक परेशानी थी. बबीता कुमारी के मुताबिक उन्होंने (दत्तक मां-बाप) कथित तौर पर बताया कि बच्ची को डिसेबलिटी की शिकायत की. लेकिन इसके लिए उन्होंने कोई कागजात पेश नहीं किया जिससे पता चले कि उसका इलाज कराया गया. बच्ची गोद लेते वक्त पूरी तरह से स्वस्थ थी. शेरिन साल 2015 में इस अनाथालय में आई थी जब वह मात्र सात महीने की थी.

डलास की अदालत ने वेस्ली मैथ्यूज को बुधवार को बच्ची को चोट पहुंचाने का दोषी करार दिया और 30 साल की सजा सुनाई. इससे पहले टेक्सास के अधिकारियों ने मैथ्यूज को हत्या का आरोपी ठहराया था. शेरिन की मौत के बात भारत सरकार ने कड़ा कदम उठाते हुए गोद लेने के कानून को काफी सख्त बना दिया था. 

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