
एक 70 साल के भारतीय व्यक्ति पर सोमवार को अश्लीलता के आरोप में मलेशिया की एक अदालत ने 1,000 अमेरिकी डॉलर से अधिक का जुर्माना लगा दिया. उसने सेरेब्रल पाल्सी से पीड़ित बच्चों के लिए एक फ्रंडरेजर कार्यक्रम में एलजीबीटीक्यू समुदाय के लिए अपने 'समर्थन' को दर्शाने के लिए विशेष कपड़े पहने थे.
सत्यनारायण प्रसाद पपोली और ताइवान के 66 वर्षीय आर्थर वांग पर 'स्पास्टिक चिल्ड्रेन एसोसिएशन ऑफ जोहोर' के लिए फंड जुटाने के लिए अनुचित तरीके से कपड़े पहनने के लिए प्रत्येक पर 1,168 अमेरिकी डॉलर (98,100 रुपये) का जुर्माना लगाया गया है.
जुर्माना कम करने की अपील
पूर्व वकील पपोली ने माफी मांगी और अनुरोध किया कि उन पर लगाया गया जुर्माना कम किया जाए. उन्होंने कहा कि उनकी उम्र 70 साल की हो चुकी है और उनकी पत्नी एक डॉक्टर है. वे एक चैरिटी कार्यक्रम में भाग लेने के लिए यहां आए थे.
इस दौड़ के वायरल फुटेज में कुछ पुरुष प्रतिभागियों को रेनबो मोजे पहने हुए देखा जा सकता है, जिसे एलजीबीटीक्यू कल्चर का समर्थन माना जाता है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मलेशिया में एलजीबीटीक्यू से जुड़ी गतिविधियों को स्वीकार नहीं किया जाता है.
आरोपों को किया स्वीकार
पपोली और वांग ने सार्वजनिक रूप से अश्लील हरकतें करने के लिए जोहोर अदालत में आरोपों को स्वीकार कर लिया, जिसमें दोषी पाए जाने पर अधिकतम तीन महीने की कैद या जुर्माना या दोनों का प्रावधान है. दौड़ के दौरान अभद्र व्यवहार के आरोप में उन्हें शनिवार को एक अन्य स्थानीय प्रतिभागी के साथ एक होटल में हिरासत में लिया गया था.
'संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए पहने कपड़े'
वांग रिटायर हो चुके हैं और एक्टिविस्ट हैं. उन्होंने इस आधार पर सजा में नरमी की अपील की कि उन्हें जानकारी नहीं थी और देश की संस्कृति के बारे में वह पूरी तरह से अवगत नहीं थे. उन्होंने अदालत को यह भी बताया कि उन्होंने जो ड्रेस पहनी थी वह ताइवान के 'ऑर्किड द्वीप' के स्वदेशी लोगों के पारंपरिक कपड़े थे और उन्होंने उस संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए इसे पहना था.
'मैं मलेशिया के लोगों से माफी मांगता हूं'
उन्होंने कहा, 'मैं इस गलती के लिए मलेशिया सरकार और वहां के लोगों से माफी मांगता हूं, जिससे इस देश के लोगों को ठेस पहुंची है और मैं इस कृत्य को दोबारा नहीं दोहराने का वादा करता हूं.' कार्यक्रम में एलजीबीटी समुदाय के समर्थन में कपड़े पहनने वाले अन्य प्रतिभागियों को भी हिरासत में लिया गया.