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अमेरिका में भारतीय छात्र के साथ हैवानियत, 7 महीने तक बंधक बनाया, बाथरूम तक नहीं जाने दिया, रिश्तेदार सहित 3 अरेस्ट

एक 20 साल का भारतीय छात्र अमेरिका में इस उम्मीद के साथ पहुंचा की, वह अपनी आगे की पढ़ाई पूरी कर सकेगा, लेकिन 3 आरोपियों ने उसे बंधक बना लिया और उसके साथ हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं. तीनों आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.

भारतीय मूल के छात्र के साथ बर्बरता करने वाले तीनों आरोपी. भारतीय मूल के छात्र के साथ बर्बरता करने वाले तीनों आरोपी.
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 01 दिसंबर 2023,
  • अपडेटेड 8:47 PM IST

अमेरिका में 20 साल के एक भारतीय छात्र के साथ हैवानियत का मामला सामने आया है. भारतीय छात्र को ना सिर्फ बुरी तरह से मारा-पीटा गया, बल्कि उसे लंबे समय तक बंधक बनाकर बाथरूम भी नहीं जाने दिया गया. घायल छात्र को अस्पातल में भार्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज किया जा रहा है. डॉक्टरों के मुताबिक उसकी कई हड्डियां फ्रैक्चर हो चुकी हैं, जबकि पूरे शरीर पर घाव और चोटों के निशान हैं. इस मामले में पुलिस ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिसमें पीड़ित छात्र का चचेरा भाई भी शामिल है.

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यह केस अमेरिका के मिसौरी राज्य के रोल्ला शहर का है. पुलिस ने छात्र की पहचान का खुलासा ना करते हुए बताया कि एक 20 साल का छात्र रोल्ला की मिसोरी यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी में पढ़ाई करने के लिए पिछले साल अमेरिका आया था. करीब सात महीने पहले उसे बंधक बना लिया गया, बंधक बनाने वालों में उसके रिश्तेदार सहित 3 लोग शामिल थे. पुलिस ने बताया कि छात्र को बंधक बनाकर उसे 3 घरों का काम करने के लिए मजबूर किया गया. इस दौरान उसे काफी टॉर्चर किया जा रहा था. उसे शौचालय तक जाने नहीं दिया जाता था. एजेंसी के मुताबिक इस घटना की जानकारी पुलिस को एक अनजान शख्स ने दी थी. 

पीड़ित को कैसे किया बरामद?

दरअसल, पुलिस को एक अनजान शख्स ने बताया कि रोल्ला शहर के सेंट चार्ल्स काउंटी में एक ग्रामीण क्षेत्र में नेशनल हाइवे पर एक घर है. इसमें किसी व्यक्ति को बंधक बनाकर रखा गया है. सूचना मिलने पर जब पुलिस वहां पहुंची तो जानकारी बिल्कुल सही निकली. पुलिस ने वहां से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया. हैरान करने वाली बात यह है कि ये तीनों आरोपी भी भारतीय मूल के ही हैं, जिनमें से एक पीड़ित का रिश्तेदार भी है. आरोपियों के नाम वेंकटेश आर सत्तारु (35), श्रवण वर्मा पेनुमेचा (23) और निखिल वर्मा पेनमात्सा (27) है. तीनों आरोपियों के खिलाफ मानव तस्करी, अपहरण सहित कई धाराओं में केस दर्ज किया गया है.

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लाइवस्ट्रीम पर पिटवाने की भी धमकी दी

पुलिस ने बताया कि पीड़ित छात्र को अप्रैल की शुरुआत में मुख्य आरोपी सत्तारू के घर लाया गया था. यहां उसे सत्तारू की आईटी कंपनी में पूरे दिन काम करने के लिए मजबूर किया गया. इसके बाद उसे शाम को अपने कामों की सूची भी तैयार करनी होती थी. इतने जुल्म के बाद जब पीड़ित ने इसका विरोध किया तो उसके साथ जमकर मारपीट की गई. सत्तारू ने पीड़ित से कहा कि वह दो और लोगों को बुलाएगा लाइवस्ट्रीम कर छात्र को पिटवाएगा. इतना ही नहीं अपने दो साथियों को बुलाने के बाद सत्तारू ने कहा कि अगर पीड़ित छात्र जोर-जोर से नहीं चिल्लाता है तो उसे और बुरी तरह से पीटा जाए. पीड़ित ने पुलिस को बताया कि आरोपी भारत में एक अमीर और राजनीतिक रूप से शक्तिशाली शख्स है.

पत्नी और बच्चों के साथ रहता है आरोपी

पीड़ित छात्र ने पुलिस को बताया कि उसे सात महीने तक तहखाने में बंधक बनाकर रखा गया. उसे निर्माणाधीन बिल्डिंग में सोने के लिए मजबूर किया गया, जहां बाथरूम तक की व्यवस्था नहीं थी. वह मजबूरी में रेस्टोरेंट के कूड़ेदान से कचरा ढूंढता था. पुलिस ने सत्तारू की पहचान इस मामले में सरगना के रूप में की है. वह अपनी पत्नी और बच्चों के साथ वहां रहता है. उसके दो साथी भी उस घर में ही साथ रहते थे. 

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