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अमेरिका में तेजी से लोकप्रिय हो रहा विश्वविद्यालय 'यूनिवर्सिटी ऑफ सिलिकॉन आंध्र' भारतवंशियों सहित इंटरनेशनल छात्रों को ध्यान में रखते हुए नई योजनाएं तैयार करने में जुटा है. इसके तहत यूनिवर्सिटी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे एडवांस कोर्सेज शुरू कर रहा है. इतना ही नहीं कैंपस का विस्तार कर एक मेडिकल कॉलेज और इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम तैयार कराया जा रहा है.
'यूनिवर्सिटी ऑफ सिलिकॉन आंध्र' के अध्यक्ष आनंद कुचिबोतला ने बताया कि कई लोगों को विश्वास ही नहीं होता कि एक ऐसी यूनिवर्सिटी भी है, जो भारतीय भाषाओं में ग्रैजुएट प्रोग्राम करा रही है. पहले हमारी यूनिवर्सिटी में सिर्फ अमेरिकी छात्र ही पढ़ते थे लेकिन अब यहां भारत, मलेशिया, दक्षिण अफ्रीका और दुबई के छात्र भी पढ़ते हैं. हमारा फोकस भारतवंशियों पर है.
मौजूदा समय में यूनिवर्सिटी में छह मास्टर ऑफ आर्ट्स, पांच डिप्लोमा और पांच सर्टिफिकेट प्रोग्राम चलते हैं. यूनिवर्सिटी में कुल छात्रों की संख्या 230 है. लेकिन जब 2017 में यह यूनिवर्सिटी शुरू हुई थी, उस समय कुल छात्रों की संख्या 44 ही थे.
भारतीय मूल के छात्रों के लिए विशेष कोर्सेज
यूनिवर्सिटी कंप्यूटर साइंस, कंप्यूटेशनल लिंग्विस्टिक्स, मशीन लर्निंग और नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग में जल्द ही नए कोर्सेज शुरू करने जा रही है. कुचिबोतला का कहना है कि वे एलोपेथी मेडिसिन प्रोग्राम में एमडी पाठ्यक्रम भी शुरू करने की योजना बना रहे हैं.
आनंद ने कहा कि हम भारतीय शास्त्रीय संगीत में राग थेरेपी कार्यक्रम और म्यूजिक थेरेपी भी शुरू करने की प्लानिंग कर रहे हैं. हम इसके लिए क्लिनिकल ट्रायल शुरू करना चाहते हैं क्योंकि पश्चिमी देशों में यह एकदम नई विधा है.
उन्होंने कहा कि इस यूनिवर्सिटी के लिए एक समाजसेवी ने 67 एकड़ की जमीन दान की थी, जिससे हमें काफी मदद मिली. अब उम्मीद है कि अगले कुछ सालों में कैंपस का विस्तार होगा. इसके बाद यह वर्ल्ड क्लास यूनिवर्सिटी में शुमार हो जाएगी.
क्रिकेट स्टेडियम वाली पहली यूनिवर्सिटी
आनंद ने बातया कि कैंपस का विस्तार करने के लिए तैयार की गई नई योजनाओं में एक मेडिकल कॉलेज और इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम भी है. यह अमेरिका की पहली यूनिवर्सिटी होगी, जिसमें इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम होगा.
बता दें कि इस यूनिवर्सिटी को भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिकों का एक संगठन चलाता है. यूनिवर्सिटी का मेन कैंपस कैलिफोर्निया में है.