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कश्मीरी मूल की ये महिला अमेरिका में बाइडेन की पार्टी से लड़ेगी चुनाव

अमेरिका में होने वाले चुनाव में कश्मीरी मूल की क्रिस्टल कौल भी लड़ने जा रहीं हैं. क्रिस्टल वर्जीनिया से निचले सदन के लिए चुनाव लड़ेंगी. अगर क्रिस्टल जीत जातीं हैं तो वो निचले सदन में पहुंचने वालीं कश्मीरी मूल की पहली महिला होंगी.

क्रिस्टल कौल वर्जीनिया से चुनाव लड़ेंगी. क्रिस्टल कौल वर्जीनिया से चुनाव लड़ेंगी.
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 08 फरवरी 2024,
  • अपडेटेड 11:42 PM IST

अमेरिका में भारतीय मूल की क्रिस्टल कौल संसद का चुनाव लड़ने जा रहीं हैं. उन्होंने पिछले साल दिसंबर में चुनाव लड़ने का ऐलान किया था. लेकिन अब चुनाव आयोग से उन्हें चुनाव लड़ने की इजाजत मिल गई है. 

क्रिस्टल कौल मूल रूप से कश्मीर की रहने वालीं हैं. उनके पिता कश्मीरी पंडित हैं. राजनीति में आने से पहले क्रिस्टल अमेरिकी सेना में रहीं हैं. 

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इस साल होने जा रहे आम चुनावों में क्रिस्टल राष्ट्रपति जो बाइडेन की पार्टी डेमोक्रेटिक की ओर से लड़ेंगी. वो वर्जीनिया से अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के लिए चुनाव लड़ने जा रहीं हैं.

5.67 लाख डॉलर जुटाए

चुनाव लड़ने के लिए क्रिस्टल ने 5.67 लाख डॉलर जुटा लिए हैं. जबकि, डेमोक्रेटिक पार्टी से उनके निकटतम प्रतिद्वंदी जेनिफर वेक्सटन ने 5.38 लाख डॉलर की रकम जुटाई है.

क्रिस्टल ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को दिए इंटरव्यू में कहा, चुनाव आयोग की रिपोर्ट अभी सामने आई है और मेरे पास सभी उम्मीदवारों की तुलना में सबसे ज्यादा कैश है. मेरे पास 5.67 लाख डॉलर हैं. वो कहते थे कि मैं ऐसा नहीं कर सकती. मैं 5 लाख डॉलर से ज्यादा नहीं जुटा सकती. लेकिन मैंने ये कर दिखाया. 

क्रिस्टल कौल वर्जिनिया से चुनाव लड़ेंगी, जहां लाउडन काउंटी भी आती है. लाउडन काउंटी भारतीय-अमेरिकियों का गढ़ है. वर्जीनिया में 18 जून को प्राइमरी इलेक्शन होना है. और उन्हें 5 नवंबर को होने वाले आम चुनाव में पार्टी की ओर से उम्मीदवार बनने की पूरी उम्मीद है.

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उन्होंने कहा, वर्जीनिया में मिली-जुली आबादी रहती है. यहां की 44 फीसदी आबादी अल्पसंख्यक है. 16 फीसदी एशियाई मूल के लोग हैं, जिनमें सबसे ज्यादा 10 फीसदी भारतीय-अमेरिकी हैं. उन्होंने दावा किया कि उनके पास अल्पसंख्यक आबादी का पूरा समर्थन है.

जीतीं तो बनेगा ये रिकॉर्ड

अगर क्रिस्टल कौल ये चुनाव जीत जातीं हैं, तो अमेरिका के निचले सदन में पहुंचने वालीं वो कश्मीरी मूल की पहली महिला बन जाएंगी. इतना ही नहीं, वो प्रमिला जयपाल के बाद संसद पहुंचने वालीं दूसरी भारतवंशी महिला होंगी.

प्रमिला जयपाल की बहन सुशीला जयपाल भी चुनावी दौड़ में शामिल हैं. वह ओरेगन जिले से सांसदी का चुनाव लड़ने जा रही हैं.

क्रिस्टल पहले ही स्पष्ट कर चुकी हैं कि चुनाव जीतने के बाद वह शिक्षा, स्वास्थ्य और पब्लिक सेफ्टी इन मुद्दों पर फोकस करेंगी. उनका चुनावी अभियान भी इन्हीं मुद्दों पर आधारित होगा.

क्रिस्टल कौल और सुशीला जयपाल दोनों डेमोक्रेटिक पार्टी से चुनाव लड़ेंगी. उन्हें 2024 के आम चुनाव में पार्टी का उम्मीदवार बनने के लिए पहले पार्टी का प्राइमरी चुनाव जीतना होगा. क्रिस्टल को हिंदी, पंजाबी, उर्दू और अरबी सहित कुल आठ भाषाओं का ज्ञान है. उन्हें फॉरेन पॉलिसी और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में महारत हासिल है.

कौन हैं क्रिस्टल कौल? 

क्रिस्टल कौल का जन्म न्यूयॉर्क में हुआ था. उनके पिता कश्मीर के रहने वाले थे और 26 साल की उम्र में अमेरिका जाकर बस गए थे. क्रिस्टल की मां दिल्ली की रहने वाली थीं और जब वह सात साल की थी, तब वह अमेरिका चली गई थीं. 

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तकरीबन 70 से अधिक देशों की यात्रा कर चुकीं कौल जब 17 साल की थी, तब वह उच्च शिक्षा के लिए वॉशिंगटन डीसी गईं. 

उन्होंने अमेरिकन यूनिवर्सिटी से बीए, ब्राउन यूनिवर्सिटी और जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी से एमए की पढ़ाई की है. साथ ही ब्राउन यूनिवर्सिटी में राजनीति विज्ञान में पीएचडी की डिग्री हासिल की है. वह हिंदी, पंजाबी, दारी, उर्दू और अरबी समेत आठ भाषाओं में पारंगत हैं. उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा में भी महारत हासिल की है.

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