
अमेरिका की ओर से भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता पर लगाए गए गए गंभीर आरोप पर प्रधानमंत्री मोदी ने पहली बार प्रतिक्रिया दी है. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि अगर कोई भी देश हमें कोई जानकारी देता है तो हम निश्चित रूप से उस पर गौर करेंगे. अगर हमारे किसी भी नागरिक ने कुछ भी सही या गलत किया है तो हम उस पर गौर करने के लिए तैयार हैं. हमारी प्रतिबद्धता कानून के शासन के प्रति है.
अमेरिका ने हाल ही में निखिल गुप्ता पर अलगाववादी समूह सिख फॉर जस्टिस के जनरल काउंसिल गुरपतवंत सिंह पन्नून के खिलाफ हत्या की साजिश का आरोप लगाया है.
पीएम मोदी ने क्या कहा?
ब्रिटिश अखबार फाइनेंशियल टाइम्स को दिए एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा कि विदेशों में छिपे कुछ चरमपंथी समूह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की आड़ में डराने-धमकाने और हिंसा भड़काने में लगे हुए हैं.
हाल ही में अमेरिकी न्याय विभाग ने कहा था कि 52 साल का एक भारतीय नागरिक जो भारत सरकार का कर्मचारी भी है. उसने उत्तरी भारत में एक अलग सिख राष्ट्र की वकालत करने वाले न्यूयार्क शहर के निवासी (पन्नू) की हत्या की साजिश रची थी.
पीएम मोदी ने आगे कहा कि सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी सहयोग दोनों देशों के बीच साझेदारी का प्रमुख घटक रहा है. मुझे नहीं लगता है कि कुछ घटनाओं को दोनों देशों के राजनयिक संबंधों से जोड़ना उचित है. हमें इस तथ्य को स्वीकार करने की जरूरत है कि हम बहुपक्षवाद के युग में रह रहे हैं. दुनिया एक दूसरे से जुड़ी होने के साथ-साथ एक दूसरे पर निर्भर भी है. यह वास्तविकता ही हमें मजबूर करती है कि एक दूसरे के प्रति सहयोग के लिए सभी मामलों पर पूर्ण सहमति नहीं हो सकती है.
क्या है मामला?
अमेरिकी न्याय विभाग ने कहा है कि 52 साल का एक भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता जो भारत सरकार का कर्मचारी भी है, उसने न्यूयार्क शहर के निवासी की हत्या की साजिश रची थी. विभाग ने खालिस्तानी आतंकवादी गुरुपतवंत सिंह पन्नू का नाम नहीं लिया है लेकिन उसका इशारा पन्नू की ओर है क्योंकि गुरवतपंत सिंह पन्नू अमेरिकी शहर न्यूयॉर्क में ही रहता है. विभाग के मुताबिक, यह भारतीय नागरिक (निखिल गुप्ता) सुरक्षा प्रबंधन और खुफिया सूचनाओं को देखता था.
निखिल गुप्ता पर यह भी आरोप है कि उसने पन्नू की हत्या के लिए एक लाख डॉलर देने की बात कही थी. इसमें से 15 हजार डॉलर की अडवांस पेमेंट 9 जून 2023 को कर दी गई थी. लेकिन, जिस शख्स को इस काम के लिए हायर किया गया था, वह अमेरिकी एजेंसी का ही खुफिया एजेंट था.