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समुद्र में डूब रहा है ये शहर, इंडोनेशिया 2024 तक बदलेगा अपनी राजधानी

इंडोनेशिया की राजधानी बदलने वाली है. अब जकार्ता नहीं रहेगी इंडोनेशिया की कैपिटल सिटी, क्योंकि अधिक भूजल दोहन की वजह से वह जावा के समुद्र में डूब रहा है. इसलिए इंडोनेशिया की सरकार ने फैसला लिया है कि राजधानी अब बोर्नियो द्वीप पर बनाया जाए.

समुद्र में डूब रहा है जकार्ता. समुद्र में डूब रहा है जकार्ता.
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 27 अगस्त 2019,
  • अपडेटेड 11:04 AM IST

  • 2021 में शुरू होगा नई राजधानी का निर्माण

  • 2024 में शुरू होगी सभी की शिफ्टिंग प्रक्रिया

  • 2.44 लाख करोड़ रुपए की लागत से बनेगी

इंडोनेशिया की राजधानी बदलने वाली है. अब जकार्ता नहीं रहेगी इंडोनेशिया की कैपिटल सिटी, क्योंकि वह जावा के समुद्र में डूब रहा है. इसलिए इंडोनेशिया की सरकार ने फैसला लिया है कि राजधानी अब बोर्नियो द्वीप पर बनाया जाए. इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो ने बताया कि 1949 से अब तक बोर्नियो देश की आर्थिक राजधानी रही है. यहां भीड़ कम है.

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प्रस्तावित राजधानी बालिकपप्पन और समारिंडा के नजदीक होगा. हालांकि, पूरी राजधानी को जकार्ता से बोर्नियो में शिफ्ट करना बेहद कठिन काम होगा.

जकार्ता का लगातार फैलना, पर्यावरणीय अनदेखी, आर्थिक और सुरक्षा संबंधी चिंताओं की वजह से इंडोनेशिया की सरकार ने यह फैसला लिया कि राजधानी को बदल दिया जाए. क्योंकि जकार्ता में संसाधन सीमित हो चुके थे और लोग बढ़ते जा रहे थे.

राष्ट्रपति विडोडो ने कहा कि इंडोनेशिया को आजाद हुए 74 साल हो गए हैं. लेकिन, तब से अब तक देश ने अपनी राजधानी नहीं चुनी थी. पहली बार चुन रहे हैं. जकार्ता पर अभी प्रशासन, व्यापार, आर्थिक, सामाजिक और सेवाओं को लेकर काफी ज्यादा दबाव है. इस दबाव को कम करना बेहद जरूरी है. हालांकि, अभी इस मुद्दे पर इंडोनेशियाई संसद की अनुमति मिलनी बाकी है.

धरती पर तेजी से समुद्र में डूबने वाले शहरों में शामिल है जकार्ता

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जकार्ता दुनिया के उन शहरों में शामिल है जो तेजी से समुद्र में डूब रहे हैं. वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के अनुसार भूजल की जरूरत से अधिक दोहन करने की वजह से जकार्ता अब जावा के समुद्र में तेजी से डूब रहा है. शहर के नीटे बड़ा दलदली इलाका बन गया है.

उत्तर की तरफ समुद्र है. इसकी वजह से शहर में बाढ़ का खतरा तेजी से बढ़ गया है. इसके अलावा, यहां की ज्यादा ट्रैफिक की वजह से वायु प्रदूषण भी बहुत ज्यादा बढ़ गया है. कई लोगों ने वायु प्रदूषण को लेकर इंडोनेशिया की सरकार पर अदालत में केस तक कर दिया है.

2.44 लाख करोड़ रुपए में शिफ्ट होगी राजधानी

इंडोनेशिया की राजधानी को जकार्ता से शिफ्ट करके बोर्नियो लाने में करीब 2.44 लाख करोड़ रुपए लगेंगे. पूरी राजधानी को शिफ्ट होने में करीब 10 साल लग जाएंगे. जकार्ता में अभी करीब 1 करोड़ लोग रहते हैं. 2030 तक यह बढ़कर 3.50 करोड़ हो जाएगी.

संयुक्त राष्ट्र के अनुसार जकार्ता दुनिया के ज्यादा आबादी वाली मेट्रोपॉलिटन शहरों में आता है. बोर्नियो दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा द्वीप है. इसके उत्तरी भाग में कुछ हिस्सा मलेशिया और ब्रुनेई में भी आता है. इस द्वीप पर भारी मात्रा में वर्षावन हैं लेकिन आजकल इनकी भी कटाई तेजी से हो रही है.

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क्यों चुना जा रहा है बोर्नियो को राजधानी के लिए

  • बोर्नियो द्वीप के पूर्वी कालिमंतन प्रांत के पेनाजम पासेर उतारा और कुताई कार्तानेगारा के बीच नई राजधानी होगी.
  • नई राजधानी के बनने की शुरुआत 2021 में होगी.
  • शिफ्टिंग की प्रक्रिया 2024 तक शुरू हो जाएगी.
  • पूर्वी कालिमंतन में प्राकृतिक आपदाएं बेहद कम आती हैं.
  • नई राजधानी के लिए इंडोनेशियाई सरकार निजी सेक्टर से भी समझौता कर सकती है. इससे लागत कम होगी.
  • कालिमंतन में राजधानी बनने से उस इलाके का विकास होगा और जावा इलाके में खाद्य सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा.

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