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क्या है 'मार्ग बार सर्माचार' ऑपरेशन, जिससे पाकिस्तान ने रातोरात ईरान को दहला दिया

पाकिस्तान की ओर से ईरान पर की गई इस कार्रवाई को ऑपरेशन 'मार्ग बार सर्माचार' का नाम दिया गया है. 'मार्ग बार' का मतलब होता है खात्मा. किसी का खात्मा करने के लिए इस शब्द का इस्तेमाल किया जाता है. वहीं, बलूची भाषा में सर्माचार का मतलब है बहादुरी या लड़ाके. इस तरह मार्ग बार सर्माचार का अर्थ हुआ लड़ाकों का खात्मा.

सांकेतिक तस्वीर सांकेतिक तस्वीर
बिदिशा साहा
  • नई दिल्ली,
  • 18 जनवरी 2024,
  • अपडेटेड 9:40 PM IST

मिडिल ईस्ट में लगातार बढ़ रहे तनाव के बीच पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान का ईरान से तनाव बढ़ गया है. पाकिस्तान में आतंकी संगठन जैश अल-अद्ल ठिकानों पर ईरान की एयरस्ट्राइक से वैश्विक तनाव चरम पर है. इस हरकत से भड़के पाकिस्तान ने भी ईरान पर सिलसिलेवार हमले किए. 

पाकिस्तान की ओर से ईरान पर की गई इस कार्रवाई को ऑपरेशन 'मार्ग बार सर्माचार' का नाम दिया गया है. 'मार्ग बार' का मतलब होता है खात्मा. किसी का खात्मा करने के लिए इस शब्द का इस्तेमाल किया जाता है. वहीं, बलूची भाषा में सर्माचार का मतलब है बहादुरी या लड़ाके. इस तरह मार्ग बार सर्माचार का अर्थ हुआ लड़ाकों का खात्मा.

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पाकिस्तान ने 18 जनवरी को ईरान के सिस्तान-बलूचिस्तान में कथित तौर पर आतंकियों के ठिकानों को निशाना बनाकर मिसाइल हमले किए थे. इस ऑपरेशन को 'मार्ग बार सर्माचार' का नाम दिया गया, जिसमें कई आतंकियों के मारे जाने का दावा किया जा रहा है. 

'मार्ग बार सर्माचार' का क्या मतलब है?

मार्ग बार एक पारसी शब्द है, जिसका मतलपब है मौत या खात्मा. इसे ऐतिहासिक रूप से ईरान की 1979 की इस्लामिक क्रांति के दौरान अमेरिका विरोधी नारे मार्ग बार अमेरिका के नारे में इस्तेमाल किया जाता था. बलूच भाषा में सर्माचार का मतलब गुरिल्ला या लड़ाकों से हैं. यहां सर्माचार या विद्रोहियों से मतलब अलगाववादी समूह बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मिी (बीएलए) और बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट (बीएलएफ) से जुड़े आतंकियों से हैं.

बीएलए और बीएलएफ राष्ट्रवादी उग्रवादी संगठन है, जो पाकिस्तान के खिलाफ ईरान में ऑपरेट होते हैं. इन संगठनों के अधिकतर सदस्य बलूचिस्तान के मारी और बुग्ती पठार से हैं. यह समूह 2000 के दशक की शुरुआत से ही पाकिस्तान के खिलाफ बिगुल बजाए हुए है और पाकिस्तान में कई हमले कर चुका है.

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ईरान ने बलूचिस्तान में की थी एयरस्ट्राइक 

इससे पहले पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर की गई ईरान की एयरस्ट्राइक में दो बच्चों की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए थे. पाकिस्तान ने ‘अपने हवाई क्षेत्र के उल्लंघन’ की कड़ी निंदा करते हुए ईरान के प्रभारी राजदूत को विदेश मंत्रालय में तलब किया था. पाकिस्तानी विदेश कार्यालय ने बयान जारी कर कहा कि ईरान का यह कृत्य उसके ‘हवाई क्षेत्र का अकारण उल्लंघन’ है. इसके बाद पाक समर्थित आतंकी संगठन ने एक ईरानी सैन्य अफसर की गोली मारकर हत्या कर दी थी.   

ईरान लगातार चेतावनी दे रहा है कि जैश-उल-अदल आतंकवादी समूह उसके सुरक्षाबलों पर हमले करने के लिए पाकिस्तान की भूमि का इस्तेमाल कर रहा है और बलूचिस्तान के सीमावर्ती शहर पंजगुर में इसके ठिकाने हैं. पाकिस्तान ने कहा, 'ईरानी विदेश मंत्रालय के संबंधित वरिष्ठ अधिकारी के समक्ष इसे लेकर पहले ही कड़ा विरोध दर्ज कराया जा चुका है. 

एयरस्ट्राइक पर क्या बोला था ईरान?

इस पूरे घटनाक्रम पर ईरान के विदेश मंत्री हुसैन अमीर अब्दुल्लाहियन ने कहा था कि हमने पाकिस्तान के भीतर आतंकी संगठन पर हमला किया. इसका गाजा से कोई लेना-देना नहीं है. हम हमास को आतंकी संगठन नहीं चाहते. हमास फिलिस्तीन की आजादी के लिए एक प्रतिरोधी समूह है. 

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दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमि फोरस से इतर इस मामले पर सवाल किया गया था. उन्होंने कहा था कि ईरान ने किसी पाकिस्तानी नागरिक को निशाना नहीं बनाया. हमने सिर्फ जैश अल-अदल के ठिकानों पर ही हमला किया था. 

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