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ईरानी सुप्रीम लीडर खामेनेई के उत्तराधिकारी घोषित हुए बेटे मोजतबा! लंबे समय से देश में पावर टसल के केंद्र बने हुए थे

ईरान की एक्सपर्ट असेंबली ने 26 सितंबर को देश के नए सुप्रीम लीडर का चुनाव कर लिया था. खुद खामेनेई ने असेंबली के 60 सदस्यों को बुलाकर गोपनीय तरीके से उत्तराधिकारी पर फैसला लेने कहा था. असेंबली ने सर्वसम्मति से मोजतबा के नाम पर सहमति जताई थी. 

मोजतबा खामेनेई मोजतबा खामेनेई
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 18 नवंबर 2024,
  • अपडेटेड 9:00 AM IST

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई ने अपना उत्तराधिकारी चुन लिया है. दावा किया जा रहा है कि बेहद सीक्रेट तरीके से खामेनेई के छोटे बेटे मोजतबा खामेनेई को देश का नया सुप्रीम लीडर बनाया गया है. राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी की हेलिकॉप्टर क्रैश में हुई मौत की कॉन्सिपिरेसी थ्योरी में मोजतबा का नाम सामने आया था.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान की एक्सपर्ट असेंबली ने 26 सितंबर को देश के नए सुप्रीम लीडर का चुनाव कर लिया था. खुद खामेनेई ने असेंबली के 60 सदस्यों को बुलाकर गोपनीय तरीके से उत्तराधिकारी पर फैसला लेने कहा था. असेंबली ने सर्वसम्मति से मोजतबा के नाम पर सहमति जताई थी. 

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राष्ट्रपति रईसी की मौत के बाद बढ़ा कद

कहा जा रहा है कि अयातुल्लाह खामेनेई (85) की गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं. लेकिन मोजबता को सुप्रीम लीडर बनाने के लिए लंबे समय से तैयारी की जा रही थी. ईरान की खुफिया और दूसरी सरकारी एजेंसियों में मोजतबा के लोग शामिल हैं. ईरान में इब्राहिम रईसी के राष्ट्रपति बनने के बाद मुजतबा का कद काफी बढ़ गया.

रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान में सुप्रीम लीडर का चयन असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स करती है. ईरान में सुप्रीम लीडर बनने के लिए दो-तिहाई वोट हासिल करना जरूरी है. दरअसल असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स 86 मौलवियों का एक समूह है. हर 8 साल में इनका चुनाव होता है. लेकिन इनके चुने जाने में गार्जियन काउंसिल की बड़ी भूमिका होती है.

गार्जियन काउंसिल के मेंबर के चुनाव में सुप्रीम लीडर की बड़ी भूमिका होती है. बीते 35 सालों से इस पद पर रहने के दौरान खामेनेई ने अपने भरोसेमंद लोगों को गार्जियन काउंसिल में भर रखा है.

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क्या सत्ता की लड़ाई में जीत गए मोजतबा खामेनेई?

ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी की इस साल मई मीहने में हेलिकॉप्टर क्रैश में मौत हो गई थी. वह अजरबैजान प्रांत में एक डैम का उद्घाटन करने गए थे, जहां से वो तबरेज जा रहे थे. इसी दौरान वर्जेकान की पहाड़ियों में उनका हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया. माना जा रहा है कि खराब मौसम के कारण हेलिकॉप्टर क्रैश हुआ होगा. लेकिन जिन हालातों में ये दुर्घटना हुई, उस पर सवाल भी उठ रहे हैं. कुछ हैं जो इसके पीछे इजरायल का हाथ होने का आरोप लगा रहे हैं. तो कुछ इसके पीछे सत्ता की लड़ाई भी मान रहे हैं. वो इसलिए क्योंकि रईसी की मौत ईरान में कुछ लोगों के लिए फायदे का सौदा भी मानी जा रही है.

क्रैश में खामेनेई के बेटे का हाथ?

जिस हेलिकॉप्टर क्रैश में इब्राहिम रईसी समेत 9 लोगों की मौत हुई थी, उसके पीछे मोजतबा खामेनेई का हाथ बताया गया था. इब्राहिम रईसी को 85 साल के हो चुके अयातुल्ला अली खामेनेई का उत्तराधिकारी माना जा रहा था. रईसी को ईरान की इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) भी पसंद करती थी. लेकिन कहा जाने लगा कि रईसी के जाने के बाद खामेनेई के बेटे मोजतबा का रास्ता साफ हो गया.

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कौन हैं मोजतबा खामेनेई?

मोजतबा खामेनेई ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामेनेई के दूसरे और छोटे बेटे हैं. वह 1987 से 1988 तक ईरान-इराक युद्ध में भाग ले चुके हैं. मोजतबा का जन्म 1969 में मशहद में हुआ था. उन्होंने ग्रैजुएशन के बाद धर्मशास्त्र का अध्ययन किया था. उन्होंने 1999 में मौलवी बनने के लिए कोम में पढ़ाई की. वह अपने पिता की तरह की इस्लामिक मामलों के जानकार हैं. 2009 में ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों को सख्ती से कुचलने की वजह से वह पहली बार चर्चा में आए थे. इस प्रदर्शन में कई लोग मारे गए थे. 

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