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'हेवी मेकअप, हिब्रू एक्सपर्ट और बोल्ड तस्वीरें', हनीट्रैप में फंसाकर इजरायली सैनिकों से सीक्रेट निकलवा रहा ईरान!

हमास और इजरायल के बीच बीते दो महीनों से जंग जारी है. इजरायली सेना हमास को कुचलने के लिए सभी तरीके आजमा रही है लेकिन हमास भी कमजोर नहीं है. हमास इजरायली सैनिकों से संवेदनशील जानकारी निकलवाने के लिए ईरान का सहारा ले रहा है. इसके लिए ईरानी महिलाएं हनीट्रैप का जाल बिछा रही है.

हनीट्रैप के लिए इस्तेमाल की गई एक ईरानी लड़की की तस्वीर (Photo- IDF SPOKESPERSON'S UNIT) हनीट्रैप के लिए इस्तेमाल की गई एक ईरानी लड़की की तस्वीर (Photo- IDF SPOKESPERSON'S UNIT)
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 18 दिसंबर 2023,
  • अपडेटेड 5:18 PM IST

इजरायल-हमास युद्ध के बीच खुलासा हुआ है कि ईरान इजरायली सैनिकों को हनीट्रैप में फंसाकर खुफिया जानकारी हासिल करने के लिए लड़कियों का इस्तेमाल किया. लंदन स्थित न्यूज आउटलेट ईरान इंटरनेशनल ने अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया है कि ईरान ने इस काम के लिए उत्तरी शहर मशाद में हिब्रू बोलने वाली महिलाओं के एक समूह को काम पर लगाया था. इन महिला एजेंटों ने इजरायली सैनिकों को आपत्तिजनक तस्वीरें भेजकर उन्हें हनीट्रेप में फंसाने की कोशिश की.

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रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी महिलाओं को ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स ने ट्रेनिंग दी. उन्हें हिब्रू भाषा की अच्छी ट्रेनिंग दी गई है और बताया गया कि सोशल मीडिया के जरिए कैसे इजरायली सैनिकों से संपर्क कर उनसे जानकारी निकलवानी है. वो सैनिकों को फंसाने के लिए अश्लील वीडियो और तस्वीरें भेजती थीं.

'हेवी मेकअप, न्यूड तस्वीरें...'

महिलाओं ने सैनिकों को फंसाने के लिए नकली नाम और प्रोफाइल का इस्तेमाल किया लेकिन जो तस्वीरें और वीडियो भेजे गए, वो बिल्कुल असली थे. कुछ तस्वीरों और वीडियो में महिलाए टोपी पहने हुए और हैवी मेकअप लगाए दिखीं तो कुछ में वो कम कपड़े पहने या फिर बिल्कुल न्यूड दिख रही थीं.

कथित तौर पर लगभग 22 अलग-अलग प्रोफाइलें बनाई गईं. इनमें से दो महिलाओं की पहचान कर ली गई है. दोनों ही महिलाएं मशाद शहर की हैं जिनके नाम समीरा बागबानी तर्शिजी और हनियाह गफरियान हैं.

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इस बात का खुलासा करने वाले समाचार आउटलेट ने कहा है कि महिलाओं ने हनीट्रैप के जरिए जो जानकारी हासिल की, उसे हमास तक पहुंचाया दिया गया था. हमास भी इजरायली सैनिकों से जानकारी निकलवाने के लिए हनीट्रैप का सहारा लेता रहा है.

यह कोई पहली बार नहीं है जब इस तरह के हनीट्रैप का खुलासा हुआ है बल्कि पहले भी इस तरह की खबरें आती रही है. पिछले महीने ही इजरायली सेना आईडीएफ ने दावा किया था कि हमास हनीट्रैप के जरिए उनके सैनिकों से जानकारी हासिल कर रहा है. आईडीएफ ने इससे संबंधित सोशल मीडिया प्रोफाइल का भंडाफोड़ किया था.

आईडीएफ ने कहा था कि हनीट्रैप को ईरान की अगुवाई में चलाया जा रहा है और सैनिकों को लुभाने के लिए महिलाओं की वॉयस रिकॉर्डिंग और वीडियो कॉल का इस्तेमाल किया जा रहा है. इजरायल ने कहा था कि वो इन प्रोफाइल्स को ब्लॉक करने के लिए सोशल मीडिया साइट्स के संपर्क में है.

इजरायल-हमास युद्ध अब तक जारी

गाजा पर नियंत्रण रखने वाले हमास लड़ाकों ने 7 अक्टूबर को अचानक इजरायल पर हमला कर दिया था जिसमें 1200 से ज्यादा लोगों की मौत हुई और सैकड़ों लोगों बंधक बना लिए गए. जवाबी कार्रवाई में इजरायल ने गाजा पर ताबड़तोड़ हमला बोल दिया.

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दो महीनों से अधिक समय से चल रही इस लड़ाई में गाजा तबाह हो चुका है और अब तक लगभग 19,000 फिलिस्तीनी मारे गए हैं. मरने वालों में अधिकतर महिलाएं और बच्चे शामिल हैं.

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